नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कोलकाता में ट्राम चलते हुए दिखाया गया है। वायरल वीडियो में फूलों से सजी ट्राम को पटरियों पर चलते हुए देखा जा सकता है, जिसमें लोग यात्रा कर रहे हैं।
दावा किया जा रहा है कि भाजपा सरकार बनने के बाद कोलकाता में फिर से ट्राम सेवाओं को शुरू कर दिया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। दरअसल, वायरल वीडियो 15 अप्रैल 2026 का है, जबकि भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। दरअसल, वायरल वीडियो पोइला बोइशाख उत्सव के दौरान आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का है।
क्या है वायरल?
‘सोमा दास’ नाम की एक एक्स यूजर ने 18 मई 2026 को एक वायरल वीडियो अपने हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा, “Kolkata की विरासत को वापस लेकर आई बीजेपी सरकार।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर अलग-अलग यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की सच्चाई का पता लगाने के लिए सबसे पहले वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। हमें वायरल वीडियो में दिख रही ट्राम से मिलती-जुलती तस्वीर ‘Kolbusopedia’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर मिली। इसे 15 अप्रैल 2026 को अपलोड करते हुए बंगाली में इसे नए साल का बताया गया। कैप्शन के अनुसार, यह वीडियो 15 अप्रैल 2026 को शूट किया गया। इसे ‘दीप दास’ (@tramisane609) नाम के यूजर ने शूट किया है।

असली वीडियो हमें ‘Trams of Calcutta’ के इंस्टाग्राम हैंडल पर मिला। इसे 21 अप्रैल 2026 को अपलोड करते हुए लिखा गया कि बैसाखी ट्राम यात्रा 2026 तीनों सजी हुई ट्रामों के साथ एक-एक करके एस्प्लेनेड टर्मिनस पर पहुंची। कलकत्ता ट्राम यूजर्स एसोसिएशन (CTUA) के अकाउंट पर हमें ऐसे कई वीडियो मिले।

सर्च के दौरान हमें वायरल वीडियो से जुड़ी तस्वीर और खबर ‘द टेलीग्राफ’ अखबार की वेबसाइट पर मिली। 16 अप्रैल 2026 को प्रकाशित इस खबर में बताया गया कि पोइला बैसाख के अवसर पर फूलों से सजी तीन ट्रामें चलीं। पोइला बैसाख बंगाली नव वर्ष का पहला दिन होता है।
कोलकाता में 24 फरवरी 1873 को पहली बार ट्राम की शुरुआत हुई थी। उस समय इसे घोड़े खींचते थे। इसके बाद इसमें भांप का इंजन जोडा गया। बाद में 1900 के आसपास ट्राम बिजली से चलाई जाने लगी। ट्राम के संचालन की जिम्मेदारी कोलकाता ट्राम कॉरपोरेशन (सीटीसी) के पास है जो पश्चिम बंगाल परिवहन निगम का ही हिस्सा है। फिलहाल ट्राम केवल दो ही रूट में चलती है। अधिकांश रूट की ट्राम को बंद कर दिया गया है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए ‘कलकत्ता ट्राम उपयोगकर्ता संघ’ (सीटीयूए) की कोर कमेटी के सदस्य दीप दास से संपर्क किया। उनके साथ वायरल वीडियो को साझा किया। उन्होंने बताया कि कोलकाता में पहले से ही दो रूट चालू हैं। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो को उन्होंने ही बनाया था। भाजपा सरकार से इस वीडियो का कोई संबंध नहीं है।
पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई 2026 को आए थे। इसके बाद 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली।
क्या है संदर्भ?
पड़ताल के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले एक्स यूजर की जांच की गई। सोमा दास नाम की इस एक्स यूजर को 26 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह हैंडल मार्च 2023 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। यह दावा पूरी तरह से फर्जी है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद फिर से ट्राम सेवा को शुरू कर दिया गया है। कोलकाता में अभी भी दो रूट पर ट्राम की सुविधा है। वायरल वीडियो बंगाली नववर्ष पर हुए आयोजन से जुड़ा है। यह वीडियो 15 अप्रैल 2026 का है, जबकि पश्चिम बंगाल में भाजपा के मुख्यमंत्री ने 9 मई 2026 को शपथ ली थी।
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