नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश सरकार की पूर्व दशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें एक सर्कुलर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि योगी सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के नाम पर 22 अरब 55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके साथ कुछ यूजर्स योगी सरकार पर केवल ओबीसी छात्रों का ही ख्याल रखने और सामान्य वर्ग को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए निशाना साध रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल दावा भ्रामक है। यूपी सरकार की पूर्व दशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना सभी वर्गों के लिए है। इसमें ओबीसी के अलावा सामान्य, अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति (एससी) व अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी भी शामिल हैं।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Hindu Pradeep Bhati’ ने 17 मई 2026 को सर्कुलर शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “योगी सरकार ने OBC समाज के स्टूडेंट्स के लिए छात्रवृत्ति के नाम पर ₹22,55,00,00,000 स्वीकृत किए हैं। क्या सवर्ण समाज के छात्रों को ऐसी कोई वित्तीय सहायता दे रहे हैं योगी जी? सोच कर देखिए। हिंदू एकता की बात करने वाली योगी सरकार सवर्ण समाज को वित्तीय सहायता क्यों नहीं दे रही है।“

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने यूपी सरकार की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की आधिकारिक वेबसाइट को स्कैन किया। इसमें दी गई जानकारी के अनुसार, पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना ओबीसी, एससी, एसटी, सामान्य और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए है। इसके तहत ओबीसी छात्रों को 150 रुपये प्रति माह और 750 रुपये वार्षिक का अनुदान दिया जाता है, जबकि सामान्य वर्ग के स्टूडेंट्स को तीन हजार रुपये वार्षिक की सहायता दी जाती है। एससी के दिवा (डे) छात्रों को 3500 वार्षिक एवं आवासीय (हॉस्टलर्स) छात्रों को 7 हजार वार्षिक और एसटी के छात्रों को 225 रुपये प्रति माह एवं 750 रुपये वार्षिक अनुदान दिया जाता है। अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को भी 225 रुपये प्रति माह एवं 750 रुपये की वार्षिक सहायता दी जाती है।

इसी तरह से दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना भी सभी वर्गों के लिए है। इनमें सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग शामिल हैं। इसमें छात्रों को मिलने वाली सहायता राशि भी दी गई है। इसके तहत पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग को एक साथ रखते हुए चार वर्गों में बांटते हुए सहयोग राशि परिभाषित की गई है। इसी तरह से सामान्य, एसटी और एससी वर्ग के छात्रों के लिए भी अनुदान राशि चार वर्गों में बांटी गई है।

वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, योजना के लिए छात्रों को यूपी का मूल निवासी होना चाहिए। पूर्व दशम के लिए सामान्य, एससी व एसटी वर्ग के लिए वार्षिक आय 2.5 लाख और ओबीसी के लिए 2 लाख होनी चाहिए। इसी तरह से दशमोत्तर के लिए सामान्य, ओबीसी व अल्पसंख्यक वर्ग के लिए वार्षिक आय 2 लाख और एससी-एसटी के लिए 2.5 लाख होनी चाहिए।
गाजियाबाद प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस बारे में जानकारी दी गई है। इसके अनुसार, कक्षा 9 से 10 के छात्रों के लिए पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना है। इसके तहत सामान्य वर्ग, एससी व एसटी के पात्र लाभार्थियों को तीन हजार रुपये का भुगतान उनके बैंक खातों में भेजा जाता है। वहीं, दशमोत्तर छात्रवृत्ति के तहत सामान्य, एससी और एसटी के पात्र लाभार्थियों की राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। इसके लिए विभागीय वेबसाइट पर आवेदन करना होता है।

ललितपुर प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस योजना के बारे में जानकारी दी गई है। इसमें भी दिया गया है कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी इसे भर सकते हैं।

‘एबीपी न्यूज’ की वेबसाइट पर 17 अक्टूबर 2025 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, दशमोत्तर एवं पूर्वदशम छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य के 10 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को करीब 300 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में भेजी। इस मौके पर एससी-एसटी वर्ग के करीब साढ़े तीन लाख, सामान्य के 97 हजार से अधिक, ओबीसी के करीब 4 लाख 83 हजार और अल्पसंख्यक वर्ग के 90 हजार से अधिक लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिला।

क्या है संदर्भ?
यूपी बजट 2026-27 में जानकारी दी गई है कि पूर्व दशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में एससी छात्रों के 977 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के लिए 950 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए दोनों योजनाओं के अंतर्गत करीब 3060 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

इस बारे में हमने ‘दैनिक जागरण’ लखनऊ में डिप्टी चीफ रिपोर्टर विवेक राव से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यह छात्रवृत्ति योजना सभी वर्गों के लिए है। इसके तहत सभी समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत सामान्य व एससी और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अंतर्गत ओबीसी छात्रों को सहायता मिलती है। ओबीसी छात्रों के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग है तो उसके लिए अलग से राशि आवंटित होती है, जबकि अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और एसटी के लिए जनजाति विकास विभाग है।
सर्कुलर को भ्रामक दावे से शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। हापुड़ के रहने वाले यूजर एक राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं और उनके करीब पांच हजार फेसबुक फ्रेंड्स हैं।
निष्कर्ष: यूपी सरकार की पूर्व दशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना का लाभ सभी वर्ग के विद्यार्थियों को मिलता है। इसमें ओबीसी, एससी, एसटी, सामान्य और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र शामिल हैं। इसका लाभ केवल ओबीसी वर्ग को मिलने का दावा भ्रामक है।
The post Fact Check: सिर्फ OBC नहीं, सभी वर्गों के छात्रों के लिए है यूपी सरकार की पूर्व दशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना appeared first on Vishvas News.
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