नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। तमिलनाडु में जे विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ लोगों को तमिल, अंग्रेजी और हिंदी में लिखे एक साइनबोर्ड में हिंदी के शब्दों पर कालिख पोतते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद तमिलनाडु में हिंदी भाषा के विरोध की शुरुआत हो गई है।
विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा भ्रामक निकला। तमिलनाडु में हिंदी विरोध की घटना का यह वीडियो पुराना है, जब राज्य में एम के स्टालिन की सरकार थी। यह विरोध चुनाव प्रचार के दौरान 11 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे से संबंधित है, जब वहां कई जगहों पर ऐसे प्रदर्शन हुए थे। तमिलनाडु में इससे पहले भी हिंदी विरोधी प्रदर्शन होते रहे हैं।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘@RakeshKishore_l’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को 10 मई 2026 शेयर करते हुए लिखा, “Anti-Hindi Hate started in TamilNadu after Swearing-in of TVK Vijay. This is the only thing they knew & call BJP a communal party.”
(“TVK विजय के शपथ ग्रहण के बाद तमिलनाडु में हिंदी-विरोधी नफरत शुरू हो गई। उन्हें बस यही एक चीज़ आती है, और वे BJP को एक सांप्रदायिक पार्टी कहते हैं।”)
पड़ताल
तमिलनाडु समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में अप्रैल 2026 में हुए चुनाव के नतीजे चार मई को आने के बाद तमिल अभिनेता जे विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) की सरकार बन चुकी है और विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं।
न्यूज सर्च में हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिसमें विजय के शपथ लेने के बाद तमिलनाडु में हिंदी विरोध का जिक्र हो। इसलिए हमने वायरल वीडियो के ओरिजिनल सोर्स को ढूंढा। वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह वीडियो ‘unseenchennai’ इंस्टाग्राम हैंडल पर लगा मिला, जिसे उन्होंने 12 मार्च को शेयर किया है।
वीडियो के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक, चेन्नई में कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक साइनबोर्ड पर गैर स्थानीय भाषा (हिंदी) को हटाकर अपना विरोध जताया।
‘सन न्यूज’ के थ्रेड हैंडल से भी इस वीडियो को समान संदर्भ में 12 मार्च 2026 को शेयर किया गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु में 11 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी यात्रा के दौरान हिंदी भाषा के खिलाफ कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। अन्य रिपोर्ट में भी इस घटना का जिक्र है।
क्या है संदर्भ?
तमिलनाडु समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे चार मई को आए। 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में अभिनेता जे विजय की पार्टी टीवीके की सरकार बन चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, विजय के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही तमिलनाडु में लगभग छह दशकों से डीएमके और एआईडीएमके के बारी-बारी से सत्ता में आने का दौर समाप्त हो गया है।
बताते चलें कि तमिलनाडु में हिंदी विरोधी प्रदर्शनों का इतिहास रहा है। वायरल वीडियो को लेकर हमने चेन्नई स्थित ‘एनडीटीवी’ के रिपोर्टर जे सैम डैनियल स्टालिन से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद हिंदी विरोध प्रदर्शन का दावा गलत है। हालांकि, राज्य में ऐसे प्रदर्शन होते रहे हैं।
वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को एक्स पर करीब 37 हजार लोग फॉलो करते हैं। विधानसभा चुनावों से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: जे विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद तमिलनाडु में हिंदी विरोध की शुरुआत का दावा भ्रामक है। इस दावे से वायरल हो रहा वीडियो चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान का है।
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(@RakeshKishore_l)
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