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Fact Check: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर मधुमक्खियों के हमले के नाम पर वायरल की गई यह AI तस्वीर

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गोरक्षा यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश में वाराणसी के रोहनिया में प्रवचन के दौरान मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था। इसके बाद से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है। इसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर मधुमक्खियों को हमला करते हुए दिखाया गया है। इस तस्वीर को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शंकराचार्य पर निशाना साधते हुए शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्‍यूज ने विस्तार से इस तस्वीर की जांच की। हमने पड़ताल में पाया कि वायरल तस्‍वीर फर्जी है। इसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है। यह सही है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रवचन के दौरान मधुमक्खियों का हमला हुआ था, लेकिन वायरल तस्वीर फर्जी है।

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘संजय चौधरी’ ने वायरल तस्वीर को 15 मई 2026 को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “प्राकृतिक कोप का भाजन बना शुक्राचार्य उमाशंकर उर्फ अविमुक्तेश्वरानंद….ये कालनेमि रोहनिया, वाराणसी में कथा के नाम पर झूठा प्रवचन कर रहा था….जो कि पास ही एक छत्ते कि मधुमक्खियों को अच्छा नहीं लगा जिससे उन्होंने सामूहिक हमला बोल दिया जिससे अफरातफरी मच गई। सनातन का ढोंग करने वाली विपक्ष की राजनीति अब मनुष्य से लेकर कीट पतंगों को भी पसंद नहीं आ रहा है। योगी जी को औरंगजेब, अकबर और कसाई कहना कीट और प्रकृति को भी पसन्द नहीं।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।

पड़ताल

वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए हमने फोटो को गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें यह तस्वीर ‘महा मीडिया न्यूज’ नाम की एक वेबसाइट पर मिली। 15 मई 2026 को पब्लिश एक खबर में इस तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए बताया गया कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर रोहनिया के जगतपुर में प्रवचन के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया । इस हादसे में स्वामी जी समेत कई श्रद्धालु घायल हो गए, जिसके बाद कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा।

विश्वास न्यूज ने इस खबर के आधार पर कीवर्ड सर्च किया। इसके लिए गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। ‘न्यूज 18 यूपी उत्तराखंड’ के यूट्यूब चैनल पर हमें घटना से जुड़ी खबर मिली। 13 मई 2026 की रिपोर्ट में बताया गया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गोरक्षा यात्रा के दौरान वाराणसी के रोहनिया में प्रवचन कार्यक्रम में मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इससे कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई और स्वामी जी को अपना प्रवचन बीच में ही समाप्त करना पड़ा। घटना से जुड़े वीडियो को चैनल ने यूट्यूब शॉर्ट्स के रूप में भी अपलोड किया है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए ‘दैनिक जागरण’, वाराणसी के संस्करण को खंगाला गया। हमें 14 मई 2026 के अखबार में एक खबर मिली। इसमें बताया गया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गोरक्षा यात्रा के दौरान रोहनिया क्षेत्र के दरेखू स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में स्वागत व प्रवचन कार्यक्रम रखा गया था। गोरक्षा के बारे में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जब बोलना शुरू किया, उसी समय मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। मधुमक्खियों के आतंक को देखते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपना कार्यक्रम बीच में ही समाप्त करके वहां से जाना पड़ा।

विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर और घटना के वीडियो का तुलनात्मक अध्ययन किया। दोनों में अंतर साफ देखा जा सकता है। अब तक की जांच में यह स्पष्ट हो गया कि वायरल तस्वीर फेक है।

विश्वास न्यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वायरल तस्‍वीर को एआई डिटेक्शन टूल्स के जरिए सर्च किया। सबसे पहले हमने ‘Sight Engine’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने 88 फीसदी तक तस्वीर के एआई से बने होने के संकेत दिए।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने दूसरे टूल ‘Undetectable’ का इस्तेमाल किया और इस टूल के जरिए फोटो के बारे में सर्च किया। इस टूल ने भी फोटो के एआई से बने होने की संभावना जताई।

विश्वास न्यूज ने शंकराचार्य स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्‍वती के करीबी शिष्‍य मुकुदानंद से संपर्क किया। उनके साथ हमने वायरल तस्वीर को शेयर किया। उन्होंने इसे फर्जी बताते हुए कहा कि रोहनिया में मधुमक्खियों ने हमला किया था, लेकिन वायरल तस्वीर फर्जी है।

क्या है संदर्भ?

दैनिक जागरण की एक खबर के अनुसार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गोरक्षा अभियान के लिए 81 दिन की यात्रा पर हैं। इसके तहत 13 मई 2026 को रोहनिया क्षेत्र में एक कार्यक्रम रखा गया था। उसी वक्त मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था।

जांच के अंत में फर्जी तस्वीर शेयर करने वाले यूजर के प्रोफाइल की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि यूजर को तीन हजार से ज्यादा लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं। यूजर मेरठ का रहने वाला है और यह अकाउंट जून 2009 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल तस्वीर एआई-निर्मित साबित हुई। इसे एआई टूल की मदद से बनाया गया है। 13 मई 2026 को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गोरक्षा यात्रा के दौरान मधुमक्खियों ने हमला किया था, लेकिन वायरल तस्वीर काल्पनिक है।

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