नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ (India AI Impact Summit) के दौरान हुए ‘गलगोटिया विवाद’ के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक महिला को कैमरे के सामने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए देखा जा सकता है। यूजर्स इस वीडियो को साझा करते हुए दावा कर रहे हैं कि यह गलगोटिया यूनिवर्सिटी की एक महिला प्रोफेसर हैं, जिनकी असलियत अब सामने आ गई है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है। वीडियो में दिख रही महिला गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नहीं हैं, बल्कि यह 7 साल पुराना एक वीडियो है, जिसमें राजनीतिक रणनीतिकार शुभ्रस्था (Shubhrastha) नजर आ रही हैं।
क्या है वायरल पोस्ट में?
इंस्टाग्राम यूजर ‘im_megablow’ ने 18 फरवरी 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया कि इसमें दिख रही महिला गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर है, जो गाली-गलौज कर रही है। पोस्ट का कैप्शन है – “Galgotias University Lady Professor Abusing Video Viral, Galgotias University Exposed.”

पड़ताल
जांच की शुरुआत के लिए हमने वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिए खोजा। खोज के दौरान यूट्यूबर ध्रुव राठी के फेसबुक पेज पर 2018 का एक पोस्ट हमें मिला।
ध्रुव राठी ने 7 जून 2018 में इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा था, ” शुभ्रस्था नाम की यह महिला दूसरों को गाली-गलौज पर लेक्चर देने की आदत रखती है… फेसबुक लाइव के दौरान आज वह खुद गंदी गालियां देते हुए पकड़ी गई।” राठी के पोस्ट में स्पष्ट था कि यह महिला शुभ्रस्था है, जो उस समय एक राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में जानी जाती थी।
आगे की जांच में यूट्यूब पर भी यही वीडियो हमें मिला, जिसे ‘Political Hub’ और अन्य चैनलों द्वारा 2018 में अपलोड किया गया था। वीडियो के विवरण में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि यह शुभ्रस्था का एक ‘ऑफ-कैमरा’ व्यवहार था, जो फेसबुक लाइव के दौरान रिकॉर्ड हो गया था।
विश्वास न्यूज ने इस संबंध में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर और मीडिया प्रभारी ए राम पांडे से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिख रही महिला उनकी यूनिवर्सिटी की नहीं है।
क्या है गलगोटिया India AI Summit विवाद?
यह विवाद फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान हुआ। गलगोटिया यूनिवर्सिटी उस समय आलोचनाओं के घेरे में आ गई, जब इस समिट में प्रदर्शित किए गए उनके एक ‘रोबो-डॉग’ (Robodog) को लेकर सवाल उठे। रिपोर्ट्स के अनुसार, विश्वविद्यालय पर आरोप लगे कि उन्होंने एक विदेशी (चीनी) तकनीक से बने रोबोट को स्वदेशी रिसर्च और अपनी खोज के रूप में पेश किया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर इस समिट की तस्वीरों और वीडियो के वायरल होने के बाद, विशेषज्ञों ने दावा किया कि यह मॉडल अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से ही उपलब्ध है। इससे विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए। इसी विवाद की आड़ में अब पुराना और भ्रामक वीडियो वायरल किया जा रहा है।
कौन हैं शुभ्रस्था?
इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के अनुसार शुभ्रस्था एक राजनीतिक रणनीतिकार, लेखक, टीवी डिबेटर और कॉलमिस्ट हैं। वह ‘इंडिया फाउंडेशन जर्नल’ की सहायक संपादक भी हैं।
वायरल वीडियो को शेयर करने वाले यूजर ‘im_megablow’ के इंस्टाग्राम पर 1400 से अधिक फॉलोअर्स हैं।
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