नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर 9 अक्टूबर को राजनीतिक रैली का आयोजन हुआ था। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें दावा किया किया जा रहा है कि 9 अक्टूबर को लखनऊ में यूपी की पूर्व सीएम मायावती और नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद की रैली हुई है।
विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि लखनऊ में 9 अक्टूबर को बसपा की रैली हुई थी, जिसे मायावती ने संबोधित किया था। इसमें चन्द्रशेखर आजाद मौजूद नहीं थे। पहले आजाद समाज पार्टी ने लखनऊ में कार्यक्रम की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उसे स्थगित कर दिया गया था। पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला।
वायरल पोस्ट
इंस्टाग्राम यूजर sdrmohan2 ने 9 अक्टूबर 2025 को पोस्ट (आर्काइव लिंक) की है। इसमें लिखा है,
“रूह कांप गई 9 अक्टूबर को लखनऊ में..! पूर्व सीएम बहन कु. मायावती जी और संसद चन्द्रशेखर आजाद की की महाकुंभरैली को देखकर.!”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले 9 अक्टूबर को लखनऊ में हुई रैली के बारे में सर्च किया। दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 9 अक्टूबर को छपी खबर के अनुसार, लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर बसपा की रैली आयोजित हुई। इसमें मायावती ने भाजपा के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की, जबकि सपा पर कांशीराम का अपमान करने का आरोप लगाया। कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर इस रैली का आयोजन किया गया था।

दैनिक जागरण के 10 अक्टूबर के लखनऊ संस्करण में भी इस खबर को देखा जा सकता है।

खबरों में इसे बसपा की रैली बताया गया है। इसे संबोधित भी मायावती ने किया था।
बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के एक्स हैंडल से भी इस रैली की तस्वीरों और जानकारी को पोस्ट किया गया है।
इसके बाद हमने आजाद समाज पार्टी प्रमुख एवं नगीना से सांसद चन्द्रशेखर आजाद के एक्स हैंडल को स्कैन किया। इस पर 9 अक्टूबर को इस तरह की किसी भी रैली के बारे में कोई पोस्ट नहीं की गई है।
Aazad Samaj Party – Kanshi Ram के फेसबुक पेज पर भी लखनऊ की रैली से संबंधित कोई पोस्ट नहींं की गई है। 10 अक्टूबर को इससे कुछ खबरों के स्क्रीनशॉट पोस्ट किए गए हैं, जिनके अनुसार, कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर आजाद समाज पार्टी की ओर से बिजनौर में संकल्प सभा का आयोजन किया गया था। इसमें सांसद चन्द्रशेखर ने सभा को संबोधित किया था।

यूट्यूब चैनल Ambedkarite People’s Voice पर 7 अक्टूबर को अपलोड वीडियो के अनुसार, आजाद समाज पार्टी का 9 अक्टूबर को लखनऊ में कार्यक्रम प्रयोजित था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया।
इस बारे में हमने आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंद्र भाटी से संपर्क किया। उनका कहना है कि पहले पार्टी की तरफ से लखनऊ में 9 अक्टूबर को पिछड़ा वर्ग अधिकार सम्मेलन का आयोजन तय हुआ था, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर दिया गया। कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर राज्य के सभी जिलों में कार्यक्रम किए गए थे।
इसके बाद भ्रामक पोस्ट करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के 338 फॉलोअर्स हैं।
The post Fact Check : लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती की रैली थी, सांसद चन्द्रशेखर आजाद की नहीं appeared first on Vishvas News.
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