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Fact Check: चंद्रशेखर आजाद की तबीयत बिगड़ने का वीडियो पुराना, रोहिणी घावरी के भारत लौटने के बाद का नहीं

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्हें अस्पताल के बेड पर बीमार हालात में लेटे हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह हाल-फिलहाल का वीडियो है। चंद्रशेखर आजाद पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली डॉ. रोहिणी घावरी के भारत लौट आई है और कानूनी लड़ाई की बात कही है। इसी के बाद बाद उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। एक्स पर कई यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर यह भी दावा कर रहे हैं कि अज्ञात हमलावरों ने चंद्रशेखर आजाद को गोली मार दी है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो डॉ. रोहिणी घावरी के भारत लौटने के बाद का नहीं, बल्कि करीब सात साल पुराना है। दरअसल, साल 2019 में चंद्रशेखर आजाद की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें मेरठ के एक हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। यह वीडियो उसी दौरान का है, जिसे अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘सवर्ण आर्मी प्रमोद शुक्ला’ ने 13 सितंबर 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “डॉक्टर रोहिणी घावरी के इंडिया आते ही नगीना सांसद चंद्रशेखर रावण को दिल का दौरा पड़ गया मनुवादी ब्राह्मण तैयार रहे किसी भी समय पूरी सब्जी बट सकती है।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

कई अन्य यूजर भी इस वीडियो को अलग-अलग दावों के साथ शेयर कर रहे हैं। 

पड़ताल 

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने ‘इनविड’ की मदद से इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘Patrika Noida’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। इस वीडियो को 13 मार्च 2019 को शेयर किया गया था। यहां मौजूद जानकारी के अनुसार, वीडियो मेरठ के एक अस्पताल में चंद्रशेखर आजाद को भर्ती कराने के बाद का है। देर रात अचानक चंद्रशेखर आजाद को बेचैनी और घबराहट की शिकायत हुई। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 12 मार्च 2019 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रशेखर आजाद आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए सहारनपुर से ‘बहुजन अधिकार यात्रा’ लेकर निकले थे। इसी दौरान उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने चुनाव लड़ने की बात कही थी। इस यात्रा के दौरान पुलिस ने उन्हें देवबंद में हिरासत में ले लिया था। इस घटना पर कोतवाली प्रभारी कुलदीप कुमार ने कहा था कि भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया गया था। उनकी तबीयत खराब होने पर उन्हें रिहा कर दिया गया था। पुलिस उन्हें घलौली पुलिस चौकी से सीमा पार करवाकर लौट रही थी। वह स्वयं की इच्छा से उपचार कराने के लिए मेरठ जा रहे थे। 

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट चंद्रशेखर आजाद के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी मिली। उन्होंने 12 मार्च 2019 को अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा था, “मैं कमल वालिया राष्ट्रीय महासचिव भीम आर्मी ट्वीट कर रहा हूं, भाई की हिरासत में तबीयत बिगड़ गई है। उनको पुलिस द्वारा आनंद हॉस्पिटल मेरठ ले जाया जा रहा है। सभी साथी पहुंचे।”

अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण, मेरठ के रिपोर्टर सुशील कुमार से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो 12 मार्च 2019 का है। चंद्रशेखर आजाद की तबीयत खराब होने की वजह से उन्हें मेरठ के आनंद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

क्या है संदर्भ?

डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर की रहने वाली हैं और उन्होंने पिछले साल चंद्रशेखर आजाद पर झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। रोहिणई घावरी का आरोप है कि चंद्रशेखर ने अपनी शादीशुदा होने की बात छिपाई थी और शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण किया। उन्होंने इसकी शिकायत महिला आयोग में भी की थी। वह मध्य प्रदेश सरकार की फेलोशिप स्कीम के तहत स्विट्जरलैंड में पढ़ाई कर रही थीं और अब वो वापस आ चुकीं है। नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर 11 सितंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “डॉ. रोहिणी घावरी ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद के साथ उनकी कानूनी लड़ाई चल रही है। इस मामले में कोर्ट में तारीख पड़ रही है। हमें अगली तारीख का इंतजार है।”  पूरी रिपोर्ट को यहां और यहां पर पढ़ा जा सकता है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को फेसबुक पर एक लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को यूपी का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि अस्पताल में भर्ती चंद्रशेखर आजाद के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो डॉ. रोहिणी घावरी के भारत लौटने के बाद का नहीं, बल्कि साल 2019 का है और मेरठ का है।

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