नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। नेपाल-तिब्बत में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें हिमस्खलन देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह नेपाल बाढ़ का पहला वीडियो है। यह उसी ग्लेशियर का है, जिसके गिरने के कारण नेपाल में भीषण बाढ़ आई थी।
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की तो पता चला कि यह पेरू का है, जहां जुलाई 2026 में घटी इस घटना का वीडियो सामने आया था। इसका नेपाल-तिब्बत में आई बाढ़ से कोई संबंध नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘एड.शुभ करन सिंह’ ने 2 सितंबर 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, ”नेपाल जल प्रलय का सबसे खौफनाक वीडियो सामने आया। नेपाल में जो त्रासदी का कारण है वह यही ग्लेशियर है जो तिब्बत की ओर से नेपाल की नदी में आ गिरा। इसी ग्लेशियर के कारण नेपाल में बाढ़ आई हुई है।”

फेसबुक यूजर ‘Socialist AnuRag Yadav’ ने भी 28 अगस्त 2026 को इस वीडियो को नेपाल बाढ़ से जोड़ते हुए पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है।

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। पेरू के न्यूज पोर्टल ‘Diario Correo’ के यूट्यूब चैनल पर 28 जुलाई 2026 को इस वीडियो को पोस्ट किया गया था। इसमें वीडियो को कुस्को का बताया गया था। यहां मौजूद जानकारी के अनुसार, कुस्को में पर्यटकों ने हुमंताय लैगून में हुए इस हिमस्खलन को कैमरे में कैद किया था।
पेरू की न्यूज वेबसाइट ‘पेरू 21’ पर 27 जुलाई 2026 को छपी एक रिपोर्ट में वायरल वीडियो के कीफ्रेम का प्रयोग किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “कुस्को के मुख्य टूरिस्ट आकर्षणों में से एक हुमंताय लैगून के पास हाल ही में हुए बर्फीले तूफान ने वहां मौजूद पर्यटकों को चौंका दिया। पहाड़ की ढलानों से बर्फ और बर्फ के टुकड़ों के गिरने का नजारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में देखा गया, जिसमें टूरिस्ट सावधानी के तौर पर उस जगह से दूर हटते हुए दिखाई दे रहे हैं। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, बर्फ की चट्टान गिरने से किसी के घायल होने या लापता होने की खबर नहीं है।”

पेरू की एक अन्य न्यूज वेबसाइट ‘ट्रोम’ पर 27 जुलाई 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को अपलोड किया गया था। इसके मुताबिक, “कुस्को इलाके में हुमंताय लैगून घूमने आए पर्यटकों के एक समूह को हिमस्खलन का सामना करना पड़ा। वहां मौजूद कुछ लोगों ने इस प्राकृतिक घटना का वीडियो बनाया और यह तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।”

‘यूनेस्को’ की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, कुस्को पेरूवियन एंडीज में स्थित है। बता दें कि पेरूवियन एंडीज पेरू में उत्तर से दक्षिण की ओर फैली हुई पहाड़ों की एक विशाल श्रृंखला है।
इस बारे में हमने ‘नेपाल फैक्ट चेक’ के फैक्ट चेकर सूरज घिमिरे से संपर्क किया और उन्हें वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने कहा कि यह वीडियो नेपाल-तिब्बत सीमा का नहीं है।
क्या है संदर्भ?
नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ में 1,355 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब पांच हजार लोग अभी भी लापता हैं। अभी तक 13,396 लोगों को बचाया जा चुका है।
‘नेपाल न्यूज’ की वेबसाइट पर 31 अगस्त 2026 को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, “शुरुआती जांच से पता चला है कि भोटेकोशी की एक सहायक नदी ल्हेंडे खोला में ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा ढह गया था, जिससे पानी, गाद और बड़े पत्थर तेजी से नीचे की ओर बहने लगे। ग्लेशियर का यह हिस्सा इतना बड़ा था कि घाटी की सतह से टकराने पर इसने किसी विस्फोटक की तरह असर किया। उसी समय उस इलाके में 4.4 तीव्रता का भूकंप भी दर्ज किया गया था।”
‘ऑनलाइन खबर’ की वेबसाइट पर 7 सितंबर 2026 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, रासुवा और आस-पास के इलाकों में हालिया बाढ़ से बाधित इंटरनेट और टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं ज्यादातर प्रभावित क्षेत्रों में बहाल कर दी गई हैं।
पेरू के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को अंत में हमने स्कैन किया। फरवरी 2014 में बने इस फेसबुक अकाउंट के करीब 5400 फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: पेरू के कुस्को में जुलाई 2026 में हिमस्खलन हुआ था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उसी वीडियो को अब नेपाल-तिब्बत में आई भीषण बाढ़ से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
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