नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें चेहरा ढकी हुई युवतियों को पुलिस पकड़कर ले जाते हुए दिख रही है। दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी में घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रहीं लड़कियां सेक्स रैकेट में पकड़ी गई हैं और यह वीडियो उसी दौरान का है।
इस वीडियो को वाराणसी के अलावा अलग-अलग शहरों का बताकर, घर से दूर रहकर पढ़ाई करने वाली लड़कियों पर निशाना साधा जा रहा है। वीडियो के साथ किए गए दावे को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स इसे शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। हमने पड़ताल में वायरल पोस्ट को भ्रामक पाया। दरअसल, बिहार के एक महीने पुराने वीडियो को दूसरे शहरों और राज्यों का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है। वाराणसी में भी छापेमारी हुई थी, लेकिन वायरल वीडियो वहां का नहीं है।
क्या है वायरल?
फेसबुक पेज ‘The Sanskriti Time’s News’ ने 10 अगस्त 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “वाराणसी में छापे के दौरान बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा। पढ़ाई के नाम पर किराए से रह रही लड़कियों के जरिए चल रहा था देह व्यापार।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें कई न्यूज वेबसाइट्स पर वीडियो से जुड़ी खबरें मिलीं। ‘जी न्यूज’ की वेबसाइट पर 5 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो के एक कीफ्रेम का इस्तेमाल करते हुए बताया गया था कि बिहार के अरवल जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित जनकपुर धाम रेड लाइट एरिया में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अवैध देह व्यापार के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। छापेमारी में कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था।

इसी तरह ‘भास्कर डॉट कॉम’ की एक खबर में बताया गया कि अरवल जिला मुख्यालय के जनकपुर धाम इलाके में पुलिस ने कथित देह व्यापार के एक नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी कर आठ नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया। इस कार्रवाई के दौरान महिला संचालिकाओं सहित कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट के आधार पर कीवर्ड सर्च किया। हमें यह जानना था कि क्या वाराणसी में भी ऐसी कोई कार्रवाई हुई थी। इसके लिए गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया गया।
‘ईटीवी भारत’ की 12 जुलाई 2026 की एक खबर में बताया गया कि यूपी के वाराणसी में मलदहिया स्थित एक होटल में पुलिस ने छापेमारी कर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। चार युवतियों को पश्चिम बंगाल से लाकर कथित रूप से देह व्यापार करवाया जा रहा था।
10 अगस्त 2026 को वाराणसी पुलिस के डीसीपी की ओर से वायरल पोस्ट का खंडन किया गया था। पोस्ट में लिखा गया, “सोशल मीडिया पर एक वीडियो के साथ यह भ्रामक एवं तथ्यहीन पोस्ट प्रसारित की जा रही है, जिसमें वाराणसी के थाना सिगरा क्षेत्र में होटल पर छापेमारी के दौरान 32 लड़कियों की गिरफ्तारी के दावे किये गये हैं। कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस इस वीडियो का पूर्णरूप से #खण्डन करती है।”
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए वाराणसी पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी रमाकांत पांडेय से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो वाराणसी का नहीं है। इसका वाराणसी पुलिस खंडन कर चुकी है।
क्या है संदर्भ?
देश के अलग-अलग इलाकों में अक्सर सेक्स रैकेट की खबरें आती रहती हैं। पुलिस कभी होटल में या कभी स्पा में छापेमारी करके सेक्स रैकेट में शामिल युवकों और युवतियों को गिरफ्तार करती रहती है।
जांच के अंत में भ्रामक पोस्ट करने वाले यूजर के प्रोफाइल की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि फेसबुक पर यूजर को 14 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह पेज अमेठी से संचालित होता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट भ्रामक साबित हुई। बिहार के एक महीने पुराने वीडियो को अब यूपी के वाराणसी में सेक्स रैकेट की छापेमारी का बताकर वायरल किया गया है।
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