नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस नहीं लिए जाने पर फिर से प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक में काफी भीड़ एवं सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और दूसरे में प्रवक्ता आशुतोष रांका को भी देखा जा सकता है। इस बीच, कुछ यूजर्स इन वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि जंतर-मंतर पर 29 जुलाई 2026 से फिर से प्रदर्शन शुरू हो गया है।
विश्वास न्यूज ने इनकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले के हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेने की मांग करते हुए कुछ छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन किया है। वहीं, सीजेपी ने केस वापस नहीं लेने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘protest_hub_’ ने 29 जुलाई 2026 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर लिखा है, “आज की अपडेट: 29 जुलाई लो हम फिर आ गए! जब तक वो कुर्सी छोड़ेगा नहीं, तब तक हम दिल्ली छोड़ेंगे नहीं!”

इंस्टाग्राम यूजर ‘mdshahabuddinshaka1996’ ने भी 30 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए समान दावा किया है। इसमें इनसेट में एक अन्य वीडियो भी है, जिसमें सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस को दो घंटे में प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की बात कहते हुए देखा जा सकता है।

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस की मदद से सर्च किया। यूट्यूब चैनल ‘Safar_News01’ ने वायरल वीडियो को 22 जुलाई 2026 को पोस्ट किया है। इसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन चलने की बात लिखी है।
इंस्टाग्राम यूजर ‘voiceofdutak’ ने भी 22 जुलाई 2026 को इस वीडियो को पोस्ट किया है।

फेसबुक यूजर ‘DeshDuniya’ ने भी इस वीडियो को 22 जुलाई 2026 को पोस्ट किया है। इसमें सौरव दास लोगों से बैठने की अपील करते दिख रहे हैं।

धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को इस्तीफा दिया था, जबकि वायरल वीडियो 22 जुलाई से इंटरनेट पर मौजूद है। इससे साफ होता है कि वीडियो प्रधान के इस्तीफे से पहले का है।
दूसरी पोस्ट में इनसेट में सौरव दास और आशुतोष रांका दिख रहे हैं। इस वीडियो को भी हमने कीफ्रेम के जरिए गूगल लेंस से सर्च किया। ‘welcome-myYoutub’ यूट्यूब चैनल पर 22 जुलाई 2026 को इस वीडियो को पोस्ट किया गया है। इसमें आशुतोष कह रहे हैं कि अगर आठ बजे तक दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नहीं छोड़ा तो वह, सौरव और दीपके दिल्ली पुलिस मुख्य कार्यालय पर धरना देंगे।
यूट्यूब चैनल ‘Army_Knowledge’ ने इस वीडियो को 21 जुलाई 2026 को पोस्ट किया है।
इस बारे में हमने प्रदर्शन को कवर करने वाले दैनिक जागरण के रिपोर्टर नेमिश हेमंत से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कुछ लोग आ रहे हैं, जो थोड़ी देर प्रदर्शन करके चले जाते हैं। सीजेपी का कोई प्रदर्शन नहीं चल रहा है अभी यहां पर। वायरल वीडियो इस्तीफ से पहले के हैं।
क्या है संदर्भ?
दिल्ली में ‘सीजेपी’ के 20 जुलाई 2026 के ‘संसद मार्च’ के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किए थे। इसके अलावा देश के अन्य हिस्सों में हुए प्रदर्शन के संबंध में भी लोगों पर मामले दर्ज हुए थे। बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सरकार ने केस वापस लेने का ऐलान कर दिया था।
दिल्ली सरकार ने 30 जुलाई 2026 को एक आदेश जारी कर कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। ‘द हिंदू’ की 30 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने साफ किया है कि यह राहत उन लोगों को नहीं मिलेगी, जिन पर पहले से ही आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिन्होंने विरोध-प्रदर्शन की आड़ में हिंसा, तोड़-फोड़ या कोई अन्य गैर-कानूनी काम किया है।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सभी केस वापस नहीं लेने पर फिर से प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वहीं, 29 जुलाई 2026 को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में जंतर-मंतर पर वामपंथी संगठनों के छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। 25 जुलाई को CJP द्वारा अपना आंदोलन खत्म करने के बाद जंतर-मंतर पर यह पहला विरोध-प्रदर्शन था। यह प्रदर्शन अपराह्न 3 बजे शुरू हुआ और लगभग दो घंटे तक चला। इसका आह्वान 13 संगठनों ने किया था, जिनमें स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), क्रांतिकारी युवा संगठन और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन शामिल थे। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, जो CJP के नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान 23 दिनों तक भूख हड़ताल पर थीं, भी इस विरोध-प्रदर्शन में मौजूद थीं।

पुराने वीडियो को शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। जुलाई 2026 में बने इस अकाउंट के छह हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन के दावे के साथ सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के वायरल वीडियो धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले के हैं। हालांकि, 29 जुलाई 2026 को कुछ छात्र संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शकारियों के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। वहीं, सीजेपी ने प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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