नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर के बाद अब झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन हो रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने इसका समर्थन किया है। इसी बीच वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उन्हें कथित तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आम आदमी पार्टी के नेता और खुद पर सवाल उठाते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी पड़ताल की। वीडियो फर्जी साबित हुआ। एआई का दुरुपयोग करके वायरल वीडियो को तैयार किया गया है। रवीश कुमार ने ऐसी कोई बात नहीं बोली है, जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है। वीडियो में रवीश कुमार की आई-जेनरेटेड आवाज का इस्तेमाल किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी झारखंड के छात्र आंदोलन के समर्थन में अपना एक प्रतिनिधिमंडल रांची भेजा था।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स हैंडल ‘अरुण यादव’ (@BeingArun28) ने 08 अगस्त 2026 को रवीश कुमार के वायरल वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया, “झारखंड प्रदर्शन पर रवीश कुमार CJP और अभिजीत दीपके की पोल खोलते हुए।”
पोस्ट को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले रवीश कुमार के यूट्यूब चैनल ‘Ravish Kumar Official’ को स्कैन किया। वहां हमें 29 जुलाई 2026 को अपलोड किया गया असली वीडियो मिला। इसमें राहुल गांधी बनाम अमित शाह के मुद्दे पर बात की गई थी। वीडियो के साथ लिखा गया, “अमित शाह को राहुल गांधी ने मुद्दा बना लिया है। दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर राहुल गांधी लगातार अमित शाह से सवाल पूछ रहे हैं। उन्हें पत्र लिख रहे हैं मगर जवाब नहीं मिल रहा है। जिस तरह से राहुल गांधी अमित शाह से जवाब मांग रहे हैं, उससे लग रहा है कि यह लड़ाई किसी और दिशा में जा रही है। बीजेपी के प्रवक्ता, मोदी सरकार के दूसरे मंत्री अमित शाह के बदले जवाब मांग रहे हैं। अमित शाह क्यों नहीं राहुल का सामना कर पा रहे हैं?” इस पूरे वीडियो में हमें वायरल क्लिप वाला बयान कहीं देखने को नहीं मिला।
जांच के दौरान हमें यह भी पता चला कि इसी वीडियो के कैप्शन में रवीश कुमार ने लिखा है, “नोट-आजकल AI के इस्तेमाल से मेरी आवाज और तस्वीर का इस्तेमाल कर कई सारे चैनल बना दिए गए हैं, लेकिन इनमें से कोई भी मेरा चैनल नहीं है। प्लीज आप सतर्क हो जाएं। मेरे तीन ही चैनल हैं जिनके लिंक यहां दे रहा हूं। ravishkumar.official, ravishkumarnaisadak, ravishkumarbhojpuri।”
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया। सबसे पहले हमने ‘हाइव मॉडरेशन’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल की मदद से स्कैन करने पर 98.5 फीसदी से ज्यादा संभावना इस बात की जताई गई कि वायरल वीडियो में इस्तेमाल आवाज एआई-जेनरेटेड है।

जांच के अगले चरण में वायरल वीडियो के बारे में अधिक पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ ‘Hiya’ की एनालिसिस को शेयर किया, जिसमें वायरल वीडियो के ऑडियो के 73 फीसदी तक एआई-निर्मित होने या उसमें एआई से छेड़छाड़ होने की संभावना जताई गई।

वहीं, ‘ऑरिजिन’ से चेक करने पर भी इसके कुछ हिस्सों में एआई से छेड़छाड़ की आशंका जताई गई।

डीएयू ने अपने मैनुअल एनालिसिस में पाया कि वीडियो के कुछ हिस्सों में रवीश कुमार के होंठों का मूवमेंट ऑडियो ट्रैक से मेल नहीं खाता। कुछ जगहों पर आवाज अचानक गायब हो जाती है और अगले ही सेकंड तेज हो जाती है। उनकी बातचीत में स्वाभाविक ठहराव की कमी भी दिखती है।
वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए हमने पत्रकार रवीश कुमार से संपर्क किया और उनके साथ वीडियो शेयर किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल पोस्ट पूरी तरह से फेक है और वीडियो में एआई के माध्यम से छेड़छाड़ की गई है।
विश्वास न्यूज की जांच से यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो फेक है। रवीश कुमार के वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है।
क्या है संदर्भ?
‘दैनिक जागरण’ के रांची संस्करण में 11 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक खबर के अनुसार, ‘झारखंड लोक सेवा आयोग’ (जेपीएससी) और ‘झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग’ (जेएसएससी) की नियुक्ति परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन चल रहा है। 17 दिनों से आंदोलनरत छात्रों ने 10 अगस्त 2026 को ‘विधानसभा मार्च’ किया। छात्रों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। यह प्रदर्शन 25 जुलाई से चल रहा है।

गौरतलब है कि 4 अगस्त 2026 को ही कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके ने झारखंड के प्रदर्शन को अपना समर्थन देते हुए छात्रों की मांगों को जायज बताया था। ‘एबीपी लाइव’ पर इससे जुड़ी खबर को विस्तार से पढ़ा जा सकता है। ‘पीटीआई’ न्यूज एजेंसी के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड आंदोलन को समर्थन देने के लिए 8 अगस्त 2026 को रांची में छात्रों के बीच पहुंचा था। इसके अलावा अभिजीत दीपके ने अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से 10 अगस्त को वीडियो कॉल पर बात करके इस आंदोलन को समर्थन दिया था।
जांच के अंत में हमने फर्जी पोस्ट शेयर करने वाले एक्स हैंडल की जांच की। पता चला कि इस हैंडल को आठ लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट अगस्त 2015 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पत्रकार रवीश कुमार का वायरल वीडियो फेक है। इसमें एआई-जेनरेटेड आवाज का इस्तेमाल किया गया है। असली वीडियो में रवीश कुमार ने ऐसी कोई बात नहीं कही, जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है। वायरल वीडियो एआई मैनिपुलेटेड है।
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