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Fact Check: शेख हसीना ने नहीं की बांग्लादेश को भारत में मिलाने की अपील, वायरल वीडियो डीपफेक है

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद ने अपने देश से निर्वासन के बाद पहली बार वर्चुअल सार्वजनिक संबोधन देते हुए 2024 में अपनी सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन को एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज का बांग्लादेश वह बांग्लादेश नहीं है, जिसके लिए लाखों लोगों ने अपनी जान दी थी। इसी से जोड़कर सोशल मीडिया पर उनके संबोधन का एक ऑडियो क्लिप शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने अपने इस भाषण में ‘बांग्ला एकीकरण’ की अपील करते हुए कहा कि पूर्वी बंगाल (अब बांग्लादेश) और पश्चिम बंगाल को मिलाकर एक राज्य बना देना चाहिए।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। वायरल हो रहे वीडियो में मौजूद ऑडियो एआई-मैनिपुलेटेड है। उन्होंने भारत से किए अपने वर्चुअल संबोधन में ऐसे किसी विलय या एकीकरण की बात नहीं की थी। असल में, उनके वर्चुअल संबोधन के वीडियो को एडिट करके उसमें उनकी आवाज का एआई क्रिएटेड ऑडियो क्लोन जोड़ कर फेक दावा किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया एक्‍स यूजर ‘ѕнαfιq кнαи off’ ने 10 अगस्त 2026 को वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) शेयर करते हुए लिखा, “A major new bombshell: Former Prime Minister of Bangladesh and daughter of Sheikh Mujibur Rahman, Hasina Wajid, who is currently living in self-imposed exile in India, has demanded that Indian Prime Minister Narendra Modi make Bangladesh a province of India.”

(“एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हसीना वाजेद, जो अभी भारत में स्वेच्छा से निर्वासित जीवन बिता रही हैं, ने मांग की है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश को भारत का एक प्रांत बना लें।”)

पड़ताल

वायरल वीडियो के ऑडियो में शेख हसीना वाजेद को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, “If these radical Muslim terrorists don’t back off from using their terror-based governance over Bangladesh, our goal will be to finish them by hook or by crook. I will request Prime Minister Narendra Modi ji to create Bangla as one single province combining both East and West Bangla together to bring new secular democracy which I will lead in future to integrate Bangla into its true roots of secularism.”

इसका हिंदी अनुवाद है, “अगर ये कट्टरपंथी मुस्लिम आतंकवादी बांग्लादेश पर अपने आतंक-आधारित शासन को थोपना बंद नहीं करते हैं, तो हमारा मकसद उन्हें किसी भी तरह से खत्म करना होगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से अनुरोध करूंगी कि वे पूर्वी और पश्चिमी बंगाल को मिलाकर एक ही राज्य बनाएं और वहां एक नया धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र स्थापित करें। भविष्य में मैं ही उसका नेतृत्व करूंगी, ताकि बंगाल को धर्मनिरपेक्षता की उसकी असली जड़ों से जोड़ा जा सके।”

वायरल वीडियो में भारतीय टीवी चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ का लोगो लगा हुआ है। गौरतलब है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सत्ता से बेदखल होने के करीब दो साल से अधिक समय के बाद पांच अगस्त 2026 को दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब से अपना पहला वर्चुअल सार्वजनिक संबोधन दिया था, जिसका लाइव प्रसारण रिपब्लिक टीवी समेत अन्य भारतीय न्यूज चैनल्स ने भी किया था।

वायरल वीडियो में किए गए दावे की पुष्टि के लिए हमने उनके पूरे वर्चुअल संबोधन को सुना, जो रिपब्लिक टीवी के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है। इस वीडियो के पूरे ट्रांसक्रिप्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।

उनके इस पूरे भाषण में हमें कहीं भी इस बयान (“If these radical Muslim terrorists don’t back off from using their terror-based governance over Bangladesh, our goal will be to finish them by hook or by crook. I will request Prime Minister Narendra Modi ji to create Bangla as one single province combining both East and West Bangla together to bring new secular democracy which I will lead in future to integrate Bangla into its true roots of secularism.” ) का जिक्र नहीं मिला और न ही इससे मिलता-जुलता बयान मिला।

हालांकि, इस भाषण में उन्होंने साफ कहा, “मेरी किस्मत में जो भी लिखा हो, मैं अपने लोगों के पास वापस जाऊंगी। जब मेरे प्यारे देशवासी तकलीफ में हों, तो मैं उनसे दूर नहीं रह सकती। मुझे पता है कि मुझे जेल में डाला जा सकता है। वे झूठे मामलों में सुनाए गए फैसलों को मुझ पर थोपने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन डर मेरे लोगों के प्रति मेरे कर्तव्य को तय नहीं कर सकता। मेरी जिंदगी बहुत पहले ही अपनी सुरक्षा की चिंता से ऊपर उठ चुकी है। 1971 में मैं अपनी मां के साथ जेल में थी और मेरा बेटा जॉय जेल में ही पैदा हुआ था। 1975 में मैंने अपना परिवार खो दिया। मैंने छह साल देश से बाहर बिताए। घर लौटने के बाद मैंने फौजी शासकों, तानाशाही और राजनीतिक साजिशों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। मुझ पर जानलेवा हमले की 19 बार कोशिशें हुईं और 21 अगस्त 2004 को हुआ ग्रेनेड हमला भी मुझे रोक नहीं सका। मुझे अपने भविष्य की चिंता नहीं है, मुझे बांग्लादेश के भविष्य की चिंता है।”

इसके साथ ही उन्होंने कहा, “मैं वापस लौटना चाहती हूं क्योंकि वहां के लोग सुरक्षा, विकास, खुशहाली और शांति के हकदार हैं। वे एक ऐसे राज्य के हकदार हैं, जो उनकी रक्षा करे। एक ऐसी अर्थव्यवस्था जो उन्हें मौके दे और एक ऐसा लोकतंत्र जो उन्हें अधिकार दे। मेरा और अवामी लीग का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लौटना सत्ता पाने के लिए नहीं, बल्कि इसका मकसद बांग्लादेश को फिर से सही रास्ते पर लाना है। इसका मकसद देश में विकास, तरक्की, धर्मनिरपेक्षता और स्थिरता की राह को फिर से शुरू करना है।”

हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल हो रहा वीडियो मैनिपुलेटेड है। इसकी प्रामाणिकता की जांच के लिए हमने इसे डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक किया है। स्विस डीपटेक कंपनी ‘ऑरिजिन’ की एनालिसिस इस वीडियो के ऑडियो में एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि करती है।

Source: aurigin.ai

वायरल वीडियो में मौजूद ऑडियो 39 सेकंड का है, जिसमें 0:00-0:05 और 0:10-0:20 सेगमेंट में एआई मैनिपुलेशन की अधिकतम संभावना की पुष्टि होती है।

हमने इस ऑडियो को एक अन्य टूल ‘हिया’ की मदद से चेक किया। हिया की एनालिसिस इस ऑडियो के 0:00-0:31 सेकंड के फ्रेम के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम (90%) संभावना की पुष्टि करता है।

ग्राफिक्स में लाल रंग 60 फीसदी या उससे अधिक के एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि करता है। Source: Hiya.com

वायरल वीडियो में किए गए दावे को लेकर हमने विदेश मामलों को कवर करने वाले सीनियर जर्नलिस्ट उमाशंकर सिंह से संपर्क किया। उन्होंने शेख हसीना के नाम पर वायरल हो रहे इस ऑडियो को फेक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने वर्चुअल संबोधन में ऐसे किसी बयान का जिक्र नहीं किया था।

वायरल वीडियो को फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को एक्स पर करीब पांच सौ लोग फॉलो करते हैं और प्रोफाइल के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक यूजर की लोकेशन कनाडा है।

क्या है संदर्भ?

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सत्ता से बेदखल होने के दो साल पूरे होने पर पांच अगस्त 2026 को अपना पहला वर्चुअल लाइव संबोधन दिया। इस दौरान वह भावुक होकर रो पड़ीं।

अपने संबोधन में उन्होंने अपनी सरकार के खिलाफ 2024 के छात्र आंदोलन को एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश और हिंसक ऑपरेशन करार दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे ही अन्य डीपफेक दावे की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज के एआई चेक सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: भारत में निर्वासन में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का यह वायरल वीडियो डीपफेक है, जिसमें वह बांग्लादेश को भारत का एक राज्य बनाने की बात बोल रही हैं। असल में, उनके वर्चुअल संबोधन के वीडियो को एडिट करके उसमें उनकी आवाज का ऑडियो क्लोन जोड़ दिया गया है। इसके जरिए अब झूठा वायरल दावा फैलाया जा रहा है।

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