नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पिछले दिनों कई न्यूज चैनलों और अखबारों में यह खबर आई कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पॉलिमर नोट जारी कर सकता है। इन नोटों की शेल्फ लाइफ लंबी होती है और इन्हें बदलने की लागत भी कम होती है। आम बोलचाल में इन्हें ‘प्लास्टिक नोट’ भी कहा जाता है।
इन्हीं खबरों के बीच सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 500 रुपये के नए नोट की एक कथित तस्वीर वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने प्लास्टिक का नया नोट जारी कर दिया है। इस नोट से महात्मा गांधी का नाम और तस्वीर हटा दी गई है। इसे सच मानकर कई यूजर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की विस्तार से जांच की। यह फर्जी साबित हुई। वायरल नोट की तस्वीर एआई टूल की मदद से बनाई गई है। अब तक आरबीआई ने ऐसा कोई नोट जारी नहीं किया है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘अक्षय वर्मा’ ने 2 जून 2026 को एक तस्वीर पोस्ट करते हुए दावा किया, “भारतीय रिजर्व बैंक ने प्लास्टिक की नई नोट जारी किया…नोट में से गांधी जी गायब करने का फार्मूला।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
यदि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भारतीय करेंसी में ऐसा कोई भी बदलाव करता, तो यह बहुत बड़ी खबर होती। हालांकि, गूगल ओपन सर्च में एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे की सत्यता की पुष्टि करती हो। कुछ खबरों में जरूर यह बताया गया कि आरबीआई प्लास्टिक नोट लाने की योजना पर विचार कर रहा है। हालांकि, यह खबरें भी सूत्रों के आधार पर लिखी गई थीं।
‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ की वेबसाइट पर 29 मई 2026 को प्रकाशित एक खबर में बताया गया कि भारतीय रिजर्व बैंक पॉलिमर नोटों को लाने की योजना पर काम कर रहा है। बिजनेस स्टैंडर्ड की यह खबर इस मामले से संबंधित कई सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है।
‘लाइव मिंट डॉट कॉम’ पर 29 मई 2026 को पब्लिश एक खबर में बताया गया कि आरबीआई की तरफ से प्लास्टिक के बैंक नोट के एक पायलट प्रोजेक्ट का एलान हो सकता है। पॉलिमर नोट लाने के पीछे की बड़ी वजह इनकी शेल्फ लाइफ भी है। कागज से बने मौजूदा नोट की शेल्फ लाइफ काफी कम होती है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट को स्कैन किया। नोटबंदी की घोषणा के बाद आरबीआई ने करेंसी मार्केट में 500 रुपये और 2000 रुपये के नए नोटों को जारी किया था। आरबीआई की वेबसाइट पर नोटबंदी के बाद जारी किए गए नई सीरीज के सभी नोटों के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। 2016 में आरबीआई ने 500 और 1000 के नोटों को बंद कर दिया था।

एक जनवरी 2026 के एक प्रेस नोट के अनुसार, दो हजार रुपये के बैंक नोट को 2025 में प्रचलन से बाहर कर दिया गया है, लेकिन कानूनी रूप से इसकी वैधता बनी हुई है।
जांच के अगले चरण में हमने सबसे पहले एआई डिटेक्शन टूल ‘ट्रूथ स्कैन’ से वायरल तस्वीर को चेक किया। इस टूल ने फोटो के करीब 95 फीसदी तक एआई से बने होने के संकेत दिए।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने एक अन्य टूल ‘Undetectable’ का इस्तेमाल किया और इसके जरिए वायरल नोट को स्कैन किया। इस टूल ने भी इसके एआई से बने होने की संभावना जताई।

इसी तरह एआई डिटेक्शन टूल ‘Sight Engine’ ने भी 99 फीसदी तक तस्वीर के एआई से बने होने के संकेत दिए।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए मुंबई स्थित वरिष्ठ बिजनेस पत्रकार कमल शर्मा से संपर्क किया। उन्होंने वायरल नोट को फेक बताते हुए कहा कि यदि आरबीआई ऐसा कोई नोट जारी करता, तो वह खबरों में सबसे पहले आता। वायरल तस्वीर फेक है।
वायरल पोस्ट को लेकर विश्वास न्यूज ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रवक्ता से भी संपर्क किया। उनका जवाब आने पर उसे भी अपडेट किया जाएगा।
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। यूजर जयपुर का रहने वाला है। इसे करीब पांच हजार लोग फॉलो करते हैं।
क्या है संदर्भ?
हाल ही में आई खबरों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक देश में प्लास्टिक, यानी ‘पॉलिमर’ करेंसी नोट लाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। ‘लाइव मिंट डॉट कॉम’ की 29 मई 2026 की खबर में बताया गया कि पटना और मुंबई में हुई आरबीआई की हालिया बोर्ड बैठकों में इस पर चर्चा हुई है और जल्द ही इसके लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है।
निष्कर्ष: आरबीआई के प्लास्टिक के नोटों को जारी किए जाने की रिपोर्ट्स के बीच महात्मा गांधी की तस्वीर के बिना वायरल हो रही 500 रुपये के नए नोट की तस्वीर फेक है। इसे एआई की मदद से बनाया गया है। आरबीआई ने किसी भी मूल्य के और किसी भी सीरीज के प्लास्टिक नोटों को अभी तक जारी नहीं किया है।
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