नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से जोड़कर एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें शेयर किए गए वीडियो में घटनास्थल पर खड़ी गाड़ी को देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि देहरादून में भाजपा के खिलाफ बोलने पर रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या कर दी गई ।
इस दावे की विश्वास न्यूज ने जांच की, तो पता चला कि यह मामला करीब दो माह पुराना है। दरअसल, एक नाइट क्लब में हुए विवाद के बाद दो गुटों ने सड़क पर गाड़ी दौड़ाते हुए एक-दूसरे पर फायरिंग की थी। इस दौरान वहां मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर को गोली लग गई थी। उस घटना को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘memberofcjpparty_’ ने 28 मई 2026 को एक वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) किया। इस पर लिखा है, “Bjp के खिलाफ बोलने पर आर्मी को गोली मार दिया, बीजेपी और मोदी के मुखर आलोचक रिटायर इंडियन आर्मी ब्रिगेडियर वीके जोशी को देहरादून में गोली मारी गई।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। 30 मार्च 2026 को ‘एएनआई’ के एक्स हैंडल से इस वीडियो का लंबा वर्जन पोस्ट किया गया था। जानकारी के अनुसार, देहरादून के राजपुर में दो गाड़ियों में सवार लोगों के बीच हुई फायरिंग के दौरान मॉर्निंग वॉक कर रहे एक रिटायर्ड आर्मी ब्रिगेडियर वीके जोशी को गोली लग गई।
‘एनडीटीवी इंडिया’ की वेबसाइट पर 31 मार्च 2026 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, “देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि एक नाइट क्लब में वहां के कर्मचारी मोहित अग्रवाल और आदित्य चौधरी में विवाद हो गया था। इस पर मोहित ने अन्य दो कर्मचारियों के साथ मिलकर कथित तौर पर चौधरी की कार का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद चौधरी अपने साथियों के साथ क्लब के पास दूसरे गुट का इंतजार करने लगे। सुबह मोहित और उसके साथी जब गाड़ी में क्लब से निकले तो चौधरी ने उनका पीछा किया। चौधरी के साथी ने दूसरे गुट की गाड़ी पर फायरिंग कर दी। इससे दोनों गुटों में फायरिंग शुरू हो गई। इस दौरान मॉर्निंग वॉक कर रहे एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी को गोली लग गई, जिनकी अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में आदित्य चौधरी समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।”

‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर 7 अप्रैल 2026 को छपी एक खबर के अनुसार, रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या के मामले में पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। खबर के मुताबिक, 30 मार्च 2026 की सुबह रिटायर्ड ब्रिगेडियर अपने रिश्तेदार और दोस्तों के साथ मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। उस रास्ते पर 10 युवक सड़क पर गोलीबारी करते हुए गाड़ियां दौड़ा रहे थे। इस दौरान एक गोली रिटायर्ड ब्रिगेडियर जोशी को लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई ।

क्या है संदर्भ?
देहरादून में 30 मार्च 2026 को रिटायर्ड ब्रिगेडियर जोशी की गोली लगने से मौत हो गई थी। उत्तराखंड पुलिस के एक्स हैंडल पर 30 मार्च 2026 को एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल का वीडियो बयान पोस्ट किया गया था। इसमें बताया गया कि दो गुटों में हुई फायरिंग के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर को गोली लग गई थी। वह उस समय घटनास्थल पर मॉर्निंग वॉक कर रहे थे।
इस बारे में हमने देहरादून ‘दैनिक जागरण’ में विशेष संवाददाता अश्वनी त्रिपाठी से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यह एक पुराना मामला है। इसमें दो गुटों में विवाद के दौरान एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर को गोली लगी थी। यह भाजपा के खिलाफ बोलने को लेकर हुआ कोई मामला नहीं है। इस मामले में सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे।
वीडियो को गलत दावे से शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक खास विचारधारा से प्रभावित यूजर का इंस्टाग्राम अकाउंट जनवरी 2026 में बना था और इसके 3500 से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: देहरादून में 30 मार्च 2026 को दो गुटों के बीच फायरिंग हुई थी। इस दौरान मॉर्निंग वॉक कर रहे एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर को गोली लग गई थी। उस घटना के वीडियो को अब गलत दावे से वायरल किया जा रहा है।
The post Fact Check: देहरादून में दो गुटों में हुई फायरिंग में गई थी मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर की जान, भाजपा के खिलाफ बोलने पर नहीं appeared first on Vishvas News.
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