नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बन गई है। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इसमें सुरक्षाबल और पुलिस को लोगों की नागरिकता की जांच करते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद सुरक्षाबल और पुलिस के जवान मुस्लिमों व ईसाइयों के घर जाकर, उन्हें बांग्लादेशी घुसपैठिया बताकर वहां से हटा रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की तो पता चला कि यह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुई नागरिकता जांच का है। पाकिस्तानी यूजर ने प्रोपेगैंडा के लिए इसे बंगाल में मुसलमानों व ईसाइयों की नागरिकता की जांच का बताकर शेयर किया है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Inshal Siddiqui’ ने 10 मई 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल में BJP की जीत के बाद CRPF और पुलिस पश्चिम बंगाल में हर मुस्लिम और ईसाई के घर जाकर उन्हें ‘बांग्लादेशी घुसपैठिया’ बताकर वहां से हटा रही है। यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जिसका सामना भारत के अल्पसंख्यकों को रोज करना पड़ता है।” (अनुवाद)

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले वीडियो का कीफ्रेम निकाला और उसे गूगल लेंस से सर्च किया। ‘एनडीटीवी’ की वेबसाइट पर 1 जनवरी 2026 को प्रकाशित खबर में कीफ्रेम को देखा जा सकता है। खबर के अनुसार, “उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कौशांबी थाने के प्रभारी अजय शर्मा एक संदिग्ध शख्स की पीठ पर मोबाइल रखकर उसकी तथाकथित ‘नागरिकता जांच’ करते दिख रहे हैं। आमतौर पर नागरिकता की जांच के लिए बायोमेट्रिक, पासपोर्ट या आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों की जरूरत होती है। वायरल वीडियो 23 दिसंबर 2025 का बताया जा रहा है।”
वायरल वीडियो को ‘एनडीटीवी’ के एक्स हैंडल पर भी देखा जा सकता है। इसे 1 जनवरी 2026 को अपलोड किया गया था।
‘ईटीवी भारत’ की वेबसाइट पर 2 जनवरी 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, कौशांबी थाना प्रभारी का वीडियो वायरल होने के बाद इंदिरापुरम के सहायक पुलिस आयुक्त अभिषेक श्रीवास्तव ने उन्हें चेतावनी जारी की है। उन्होंने आगे से इस तरह की हरकत नहीं करने की बात भी कही। वीडियो कौशांबी में पुलिस द्वारा अस्थायी बस्ती और झुग्गी में रहने वाले निवासियों से पूछताछ और सत्यापन की प्रक्रिया का था।

‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर 2 जनवरी 2026 को छपी खबर में लिखा है कि वीडियो वायरल होने के बाद कौशांबी थाने के प्रभारी अजय शर्मा ने इसे एक मजाक बताया था।

इस बारे में हमने गाजियाबाद में दैनिक जागरण के क्राइम रिपोर्टर विनीत राय से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह वीडियो गाजियाबाद का है। सत्यापन के दौरान यह मामला सामने आया था।
क्या है संदर्भ?
पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बन चुके हैं। ‘डीडी न्यूज’ के यूट्यूब चैनल पर 11 मई 2026 को अपलोड हुए वीडियो न्यूज के अनुसार, “कैबिनेट बैठक में शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में अवैध घुसपैठ और उससे जुड़ी चुनौतियों पर सख्त रुख अपनाने की बात कही है। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बंगाल में 45 दिन में सीमा पर बाड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है और अवैध घुसपैठियों की समस्या को भी जल्दी खत्म कर दिया जाएगा।”
इसके बाद हमने वीडियो को पोस्ट करने वाले यूजर की प्रोफाइल को स्कैन किया। जनवरी 2024 से एक्स पर सक्रिय यूजर की लोकेशन पाकिस्तान है। हालांकि, एक्स पर दी गई जानकारी के अनुसार, जिस देश या क्षेत्र में यह अकाउंट है, वहां हाल की यात्रा या कुछ समय के लिए दूसरी जगह जाने का असर पड़ सकता है। यह डेटा गलत भी हो सकता है और समय-समय पर बदल भी सकता है।

जनवरी 2024 से अब तक इस यूजर ने एक बार नाम बदला है। इस अकाउंट से पाकिस्तान समर्थित और भारत विरोधी कई पोस्ट की गई हैं।

यूजर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी लोकेशन पाकिस्तान है।

निष्कर्ष: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सत्यापन का एक वीडियो बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। वीडियो को वायरल करने वाला यूजर पाकिस्तान का है और उसने भारत विरोधी कई पोस्ट की हैं।
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