नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बुर्का पहने एक महिला और एक शख्स के बीच बहस और लड़ाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को सांप्रदायिक एंगल के साथ शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह प्रयागराज में हुई घटना का है। वहां दबंगों ने एक मुस्लिम महिला पर खुलेआम तमंचा लहराया और फायरिंग की।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। इस वायरल घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। दोनों पक्ष एक ही समुदाय से हैं और पैसों को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। यह वीडियो उसी घटना का है, जिसे अब माहौल खराब करने के लिए गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स यूजर ‘Karishma Aziz’ ने 20 मई 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “प्रयागराज में मुस्लिम महिला पर दबंगो ने कथित तौर पर खुलेआम तमंचा लहराते हुए फायरिंग करदी, और मुख्यमंत्री का कहना है की प्रदेश अपराधमुक्त हो गया है। अपराध मुक्त नहीं मुस्लिम अपराधीयों को ही सरकार द्वारा निशाना बनाया गया है, बाक़ी सब आज भी पिस्टल पहरा रहे है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘दैनिक भास्कर’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 2 दिन पहले प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, घटना प्रयागराज बहादुरपुर के झूंसी थाना क्षेत्र की है। घटना दो पक्षों के बीच पैसों और जमीन को लेकर हुए विवाद का है। दरअसल, दोनों पक्ष जमीन लेन-देन का सौदा कर रहे थे। एक पक्ष ने जमीन खरीदने के लिए एडवांस रकम भी दे दी थी, लेकिन फिर भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। इसी को लेकर दोनों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक अन्य न्यूज रिपोर्ट ‘Ojasvikiran’ नाम की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 18 मई 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, “ईसीपुर चौराहे पर मलावा खुर्द निवासी सोनू अहमद, पुत्र फिरोज अहमद और अमीना ने दो वर्ष पहले तीन बिस्वा जमीन का सौदा कर ग्यारह लाख रुपए देकर एग्रीमेंट करवाया था, जिसमें रजिस्ट्री नहीं हो सकी। अमीना ने अपना पैसा कई बार मांगा और पुनः सोमवार की शाम इसीपुर में सोनू अहमद से पैसा वापस मांगने लगी इतने में अमीना व उसके बेटे असद से कहासुनी होने लगी। उसके बाद दोनों में हाथापाई हो गई, जिससे नाराज सोनू अहमद ने अमीना के बेटे पर अवैध असलहे से दो राउंड फायर कर दिया गनीमत रही की गोली बगल से निकल गई, लेकिन अमीना के बेटे असद के जांघ में गोली के छर्रे लगने से वह घायल हो गया। गोली चलते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई, लोग भागने लगे और पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। सूचना पर पहुंचे झूंसी थानाध्यक्ष महेश मिश्रा और रहीमापुर चौकी इंचार्ज जयराम सरोज ने अपनी टीम के साथ आरोपी के घर दबिश दिया, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया। वही, महिला पुलिस, घर की महिलाओं को पूछताछ के लिए थाने ले गई। पूछताछ ।”

वीडियो से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट हमें दैनिक जागरण के ई-पेपर में इसी जानकारी के साथ प्रकाशित मिली।

अधिक जानकारी के लिए हमने इस मामले को कवर करने वाले दैनिक जागरण प्रयागरमज के रिपोर्टर राजेंद्र यादव से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि जमीन और पैसों को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था और दोनों पक्ष एक ही समुदाय के थे।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाली यूजर के एक्स अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 27 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को बिहार का रहने वाली बताया है। यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करती है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि मुस्लिम महिला पर सरेआम गोली चलाने वाले वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। दोनों पक्ष एक ही समुदाय से हैं और पैसों को लेकर यह विवाद हुआ था। यह वीडियो उसी घटना का है, जिसे अब माहौल खराब करने के लिए गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
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