नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल 2026 और दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होगा। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोगों को एक युवक को बेरहमी से पीटते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को पश्चिम बंगाल का मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल वीडियो से जुड़ी पोस्ट की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। जांच में पता चला कि वायरल वीडियो यूपी के वाराणसी का है। ‘अग्निवीर योजना’ के विरोध में 2022 में वाराणसी में विरोध प्रदर्शन हुआ था। उसी दौरान के वीडियो को अब पश्चिम बंगाल का बताकर झूठ फैलायाजा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘मनीष नायक’ ने 6 अप्रैल 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “ये हैं नजरुल इस्लाम टीएमसी कार्यकर्ता, मुर्शिदाबाद में हिंदूओं को वोट के लिए धमका रहा था। कुछ हिंदूओं का ईमान जागा और नजरूल इस्लाम दुम दबाकर भागा। 4 मई दीदी गई। बोलो हर हर महादेव।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने जांच की शुरुआत में सबसे पहले वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। इसमें हमें एक जगह ‘टेलीफोन कालोनी, नगर निगम, वाराणसी’ लिखा हुआ नजर आया। इससे यह साफ हो गया कि वीडियो का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है।

जांच के अगले चरण में वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले गए। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें असली वीडियो ‘Organiser Weekly’ नाम के एक एक्स हैंडल पर मिला। इसे 17 जून 2022 को अपलोड करते हुए अग्निवीर योजना के विरोध से जुड़ा हुआ बताया गया।
पड़ताल के दौरान वायरल वीडियो हमें ‘NBT UP-Uttarakhand’ के यूट्यूब चैनल पर भी मिला। एक वीडियो रिपोर्ट में इसका इस्तेमाल किया गया था। यहां भी इसे वाराणसी का ही बताया गया। 17 जून 2022 की इस रिपोर्ट में बताया गया कि वाराणसी में अग्निवीर योजना का विरोध हिंसक हुआ तो स्थानीय लोग इस पर भड़क गए। योजना के खिलाफ वाराणसी में रेलवे ट्रैक पर आग लगा दी गई। इसके अलावा रोडवेज बस में तोड़फोड़ और ट्रेन पर पथराव किया गया। उपद्रव की तमाम तस्वीरों के बीच जब वाराणसी के बाजारों में अग्निपथ योजना के कुछ विरोधी पहुंचे तो यहां पर दुकानों को बलपूर्वक बंद कराने की कोशिश की जाने लगी। बीच बाजार अग्निपथ योजना के विरोध के नाम पर अराजकता शुरू हुई तो दुकानदारों ने मोर्चा संभाल लिया। विरोध के नाम पर उपद्रव कर रहे लोगों की दुकानदारों ने जमकर पिटाई की और इसके बाद सभी को पुलिस के हवाले कर दिया।

जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले फेसबुक यूजर ‘मनीष नायक’ की सोशल स्कैनिंग की गई। यह अकाउंट 30 जून 2023 को बनाया गया था। यूजर को नौ हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर बिहार का रहने वाला है।
जांच के अंत में हमने मुर्शिदाबाद के स्थानीय पत्रकार एमडी बख्तर से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो का मुर्शिदाबाद से कोई संबंध नहीं है और यहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
क्या है संदर्भ
देश के तीन महत्वपूर्ण राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों में 9 अप्रैल 2026 को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ। असम, केरलम और पुडुचेरी में एक ही चरण में वोटिंग हुई। चुनाव आयोग के अनुसार, असम में 85.38%, केरलम में 78.03% और पुडुचेरी में 89.83% मतदान हुआ। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में मतदान होगा।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। यूपी के वाराणसी में युवक की पिटाई का पुराना वीडियो अब पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
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