नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम एशिया में 28 फरवरी 2026 से चल रहे युद्ध के दौरान ईरान में अमेरिकी सेना का लड़ाकू विमान F-15E गिरने के बाद अमेरिका ने दोनों क्रू मेंबर्स को बचा लिया है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान में लोगों ने विमान के पायलट को पकड़ लिया है। वीडियो में एक व्यक्ति को पैराशूट के सहारे सड़क के पास उतरते हुए देखा जा सकता है।
वहीं, अमेरिका-इजरायल और ईरान के इस युद्ध से जोड़कर एक अन्य वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कई लोगों को एक व्यक्ति को पकड़े हुए देखा जा सकता है। इसके साथ दावा किया जा रहा है कि विमान दुर्घटना के बाद इजरायल के पायलट को ईरान के लोगों ने पकड़ लिया है।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल दावे गलत पाए गए। दरअसल, अमेरिकी पायलट को पकड़ने के दावे से वायरल हो रहा वीडियो पुराना है और पाकिस्तान का है, जबकि दूसरा वीडियो अमेरिका में हुए प्रदर्शन के दौरान का है। इन दोनों वीडियो का इस युद्ध से कोई संबंध नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘sandeepag_explorebharat’ ने 4 अप्रैल 2026 को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “ब्रेकिंग: रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएस का F-35 फाइटर जेट ईरान के ऊपर डाउन हुआ और पायलट के ईरानी सुरक्षाबलों के हाथ लगने की खबरें सामने आ रही हैं। मध्य पूर्व में तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। अगर ये रिपोर्ट्स कन्फर्म होती हैं, तो इसका वैश्विक सैन्य और राजनयिक प्रभाव बहुत बड़ा हो सकता है। आपको क्या लगता है, अगला कदम क्या होगा?”

इंस्टाग्राम यूजर ‘ajaj_ansari_10k_’ ने 4 अप्रैल 2026 को एक अन्य वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है, जिस पर लिखा है, “बहुत बड़ी खबर आ रही है विमान दुर्घटना के बाद इजरायल के पायलट को ईरान में जिदा पकड़ा गया है।”

पड़ताल
वायरल दावों की जांच के लिए हमने दोनों वीडियो को एक-एक करके चेक किया।
पहला वीडियो
इस वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च करने पर पता चला कि यह पाकिस्तान का है। इस वीडियो को पहले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय पायलट के पाकिस्तान में पकड़े जाने के भ्रामक दावे से वायरल किया गया था। इंस्टाग्राम यूजर ‘sharjeelkhattak.khan’ ने 10 मई 2025 को इस वीडियो को पोस्ट करते हुए इसे अपना बताया था। पोस्ट के अनुसार, “मेरी पैराग्लाइडिंग लैंडिंग का कुछ महीने पुराना एक वीडियो अब गलत तरीके से ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है, जिसमें यह झूठा दावा किया जा रहा है कि एक भारतीय पायलट को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया है। यह बस एक सामान्य पैराग्लाइडिंग उड़ान थी- मैं सुरक्षित हूं, मैं यहीं का स्थानीय निवासी हूं, और निश्चित रूप से सीमा पार का कोई पायलट नहीं हूं।”

इसी इंस्टाग्राम अकाउंट से 25 मार्च 2025 को इस वीडियो को पोस्ट किया गया था। इसमें जगह का नाम लोअर डिर, केपीके लिखा हुआ है, जो पाकिस्तान में है।

इससे यह साबित होता है कि वायरल वीडियो पाकिस्तान का है और पुराना है।
बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने 6-7 मई 2025 की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ को अंजाम दिया था। इसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया था। 10 मई को सीजफायर का एलान हुआ था।
दूसरा वीडियो
इसके बाद हमने इजरायली सेना के पायलट के पकड़े जाने के दावे से वायरल वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे चेक किया। ‘द गार्जियन’ की वेबसाइट पर 18 जनवरी 2026 को छपी इस रिपोर्ट में वीडियो के कीफ्रेम को देखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, वायरल तस्वीर अमेरिका के मिनियापोलिस में हुए प्रदर्शन के दौरान की है।

‘हफपोस्ट’ की वेबसाइट पर 18 जनवरी 2026 को छपी रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को देखा जा सकता है। इसमें भी तस्वीर को अमेरिका में मिनेसोटा के मिनियापोलिस में हुए प्रदर्शन का बताया गया है।

इस बारे में हमने इजरायल के फैक्ट चेकर यूरिया बार मेर से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि इजरायल के पायलट के पकड़े जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
क्या है संदर्भ?
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की वेबसाइट पर 4 अप्रैल 2026 को छपी खबर के अनुसार, “अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमला किया था। शुक्रवार को ईरान की सेना द्वारा F-15E स्ट्राइक ईगल पर हमला किए जाने के बाद दोनों क्रू मेंबर कॉकपिट से बाहर निकल गए थे। जेट के पायलट को तुरंत बचा लिया गया, लेकिन उसके वेपन्स सिस्टम अधिकारी का पता नहीं चल पाया था। अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स ने शनिवार रात एक जोखिम भरे मिशन में उसे भी बचा लिया। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार की सुबह सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी दी।”

वीडियो को गलत दावे से शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर का अकाउंट फरवरी 2023 में बना है। एक खास विचारधारा से प्रभावित यूजर के सात हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: ईरान की सेना के हमले में अमेरिका का फाइटर जेट F-15E निशाना बना था, जिसके दोनों क्रू मेंबर को बचा लिया गया है। इससे जोड़कर वायरल हो रहा वीडियो पाकिस्तान का है, जबकि इजरायल का पायलट पकड़े जाने के दावे से वायरल हो रहा वीडियो अमेरिका में हुए एक प्रदर्शन के दौरान का है। इनका इस युद्ध से कोई संबंध नहीं है।
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