नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद सोशल मीडिया पर फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रोनाल्डो को फिलिस्तीन का झंडा पकड़े हुए ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद फिलिस्तीन का झंडा हाथ में लेकर लहराया और फ्री फिलिस्तीन के नारे लगाए।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल हो रहा वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि एआई-निर्मित है। फर्जी वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘ham_313_ka_admi’ ने 2 मार्च 2026 को वायरल वीडियो को शेयर किया है। वीडियो पर लिखा है, “क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने खमनाई की मौत के बाद फिलिस्तीन का झंडा हाथ में लेकर लहराया माशाल्लाह। Free फिलिस्तीन।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। हमने क्रिस्टियानो रोनाल्डो के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी खंगाला। हमें वहां भी दावे से जुड़ी कोई पोस्ट नहीं मिली। ऐसे में वीडियो के एआई से बने होने का हमें संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एआई डिटेक्शन टूल्स का इस्तेमाल किया। ‘Hive Moderation’ ने इस वीडियो के 99.9 फीसदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने होने का संकेत दिया।

हमने ‘sight engine’ टूल का भी इस्तेमाल किया। यहां वायरल वीडियो को सर्च करने पर नतीजों से पता चला कि यह एआई की मदद से बनाया गया है। टूल ने 80 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई। टूल ने वीडियो के ‘सोरा’ एआई टूल से बने होने की संभावना जताई।

एक-दूसरे टूल ‘undetectable’ ने वीडियो के 74 फीसदी एआई होने की संभावना जताई।

वायरल वीडियो के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज के जरिए सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘zazahamza32’ नाम के टिकटॉक अकाउंट पर मिला। वीडियो को हमने एक्सप्रेस वीपीएन की मदद से ओपन किया। हमने पाया कि इस अकाउंट पर वीडियो को 5 दिसंबर 2025 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो को ‘सोरा’ एआई टूल से बनाया गया है।

इस अकाउंट को खंगालने पर हमने पाया कि यूजर ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नाम पर एक पैरोडी अकाउंट बनाया है और वह इसी तरह के एआई वीडियो शेयर करता है।

अधिक जानकारी के लिए हमने दैनिक जागरण के खेल संपादक अभिषेक त्रिपाठी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। उन्होंने वीडियो के एआई से बने होने की संभावना भी जताई।
हमने एआई टेक्नोलॉजी में काम कर रहे एक्सपर्ट अजहर माचवे से भी वीडियो को लेकर बातचीत की। उन्होंने हमें बताया कि वीडियो में लिप-सिंकिंग पर अगर गौर किया जाए, तो समझा जा सकता है कि यह असामान्य है। इतना ही नहीं, जब पुलिसकर्मी क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पकड़ने की कोशिश करता है, उस दौरान दोनों के बीच में हो रही खींचातानी रोबोटिक लगती है। इन सभी बातों को देखकर ऐसा लगता है कि इसे बनाने के लिए एआई टूल का इस्तेमाल किया गया है।
‘अलजजीरा’ की वेबसाइट पर 2 मार्च 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “28 फरवरी को जब ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत चल रही थी, तब US और इजरायल ने ईरान पर हमले किए। ईरान ने उसी दिन पूरे क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमले किए, जिनमें इजरायल के साथ-साथ बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और इराक में US मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हमलों में मौत की पुष्टि के एक दिन बाद, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में US के ठिकानों पर हमला करना जारी रखा है।”

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 16 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक खास विचारधार से जुड़ी पोस्ट इंस्टाग्राम पर शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि खामेनेई की मौत के बाद फिलिस्तीन का झंडा हाथ में लेकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगाने का वीडियो एआई-निर्मित है। इसका असली घटना से कोई संबंध नहीं है।
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