नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद एसआईटी इसकी जांच कर रही है और अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में हुई गिरफ्तारियों के संदर्भ में सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि एक आरोपी की कार से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। वायरल वीडियो में एक कार से पुलिस को भारी मात्रा में नकदी बरामद करते हुए देखा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को भ्रामक पाया। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला और वायरल वीडियो में कार से बरामद नकदी के मामले अलग-अलग हैं। कार से नोटों की बरामदगी वाला वीडियो छत्तीसगढ़ में एक कार से हुई बरामदगी का है। यह वीडियो 2025 से सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ में हुई कार्रवाई के दावे से वायरल है, जबकि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 25 जून 2026 को एफआईआर दर्ज हुई थी।
गौरतलब है कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा में गबन के मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच दल कर रही है। इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन्हीं में एक आरोपी अविनाश शुक्ला के 15 लाख से ज्यादा लेन-देन का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने महिला दोस्त को दो लाख रुपये नकद व महंगा फोन गिफ्ट किया था।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Raao Deepak’ ने 5 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) शेयर करते हुए लिखा, “मंदिर में चढ़ाया गया दान भाजपाई अपनी बपौती समझते हैं।”

पड़ताल
वायरल पोस्ट में नोटों की बरामदगी का एक वीडियो और ‘एबीपी’ न्यूज चैनल का ब्रेकिंग प्लेट भी शामिल है। वीडियो और ब्रेकिंग प्लेट को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह एक ही घटना से संबंधित है। एबीपी न्यूज की ब्रेकिंग प्लेट में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला की गर्लफ्रेंड को दिए गए पैसे का जिक्र है और इसके साथ शेयर हो रहा वीडियो नोटों की बरामदगी का है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह नकदी बरामदगी का वीडियो इसी मामले से संबंधित है।
हमें न्यूज सर्च में ‘एबीपी लाइव’ की वह रिपोर्ट मिली, जिसमें अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला के 15 लाख रुपये से ज्यादा के लेन-देन की जानकारी सामने आने का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, “पुलिस अब इन लेन-देन की जांच कर रही है कि ये चढ़ावे की चोरी से जुड़े हैं या नहीं।”
रिपोर्ट के अनुसार, “जांच में पता चला कि अविनाश ने अपनी एक महिला दोस्त को करीब 2 लाख रुपये नकद और एक महंगा मोबाइल फोन गिफ्ट किया था। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इतना पैसा उसके पास कहां से आया।”
कई अन्य रिपोर्ट्स (1, 2) में इस घटना का जिक्र है, हालांकि हमें सर्च में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें आरोपी अविनाश की कार से नकदी बरामद होने का जिक्र हो।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दर्ज एफआईआर को अभी तक CCTNS पोर्टल पर सार्वजनिक नहीं किया गया है। विश्वास न्यूज के पास इस मामले में दर्ज एफआईआर है, जिसके मुताबिक अभी तक कुल आठ नामजद आरोपी हैं, जिनके नाम हैं:
रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव
अनुकल्प मिश्रा
अविनाश शुक्ला
लवकुश मिश्रा
मनीष कुमार यादव
करुणेश पांडे
राजेश पाठक और सुभाष श्रीवास्तव।
यह एफआईआर बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धाराएं 305, 306, 316(5), 317(4), 61, 3(5) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(a) के तहत दर्ज की गई है।
‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, “पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद कार्रवाई करते हुए सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और उनके पास से करीब 79.85 लाख रुपये की नकदी बरामद की है।”
वायरल वीडियो को लेकर हमने अपने सहयोगी ‘दैनिक जागरण’ अयोध्या के संपादकीय प्रभारी रमा शरण अवस्थी से संपर्क किया। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपियों से बरामद नकदी के दावे से वायरल वीडियो को गलत बताया।
इस वीडियो को लेकर हमने एक और स्वतंत्र पत्रकार अभिषेक उपाध्याय से संपर्क किया। उन्होंने भी पुष्टि करते हुए बताया, “नोटों की बरामदगी का यह वीडियो राम मंदिर के आरोपियों से हुई नकद बरामदगी का नहीं है।” उन्होंने बताया कि इस मामले में दर्ज एफआईआर में कुल आठ आरोपियों को नामजद किया गया है और करीब 80 लाख रुपये की राशि बरामद हुई है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) और स्थानीय पुलिस कर रही है। इस मामले के जांच अधिकारी अयोध्या के पुलिस उप-अधीक्षक आशुतोष तिवारी हैं। विश्वास न्यूज ने इस वीडियो को लेकर उनसे भी संपर्क किया है। उनका जवाब आने पर इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा।
इसके बाद हमने कार से नोटों की बरामदगी वाले वायरल वीडियो के ओरिजिनल सोर्स को ढूंढा। वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह कई न्यूज वेबसाइट्स की सोशल मीडिया हैंडल्स पर अपलोड किया हुआ मिला, जिनमें इसे छत्तीसगढ़ के रायपुर का बताया गया है।
‘टीवी9 भारतवर्ष’ की रिपोर्ट (आर्काइव लिंक) के मुताबिक, “छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के दौरान एक सरकारी अधिकारी की इनोवा कार से ₹1.66 करोड़ की भारी नकदी बरामद की गई है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें कार के भीतर विशेष रूप से बनाए गए एक गुप्त केबिन (सीक्रेट चेंबर) से नोटों की गड्डियां निकालते हुए देखा जा सकता है।”
कई अन्य रिपोर्ट्स (आर्काइव लिंक) में भी इस वीडियो को छत्तीसगढ़ की घटना बताया गया है।
‘टीवी9 भारतवर्ष’ और ‘भारत24 लाइव’ के सोशल मीडिया हैंडल्स से इस वीडियो को छह जुलाई को शेयर किया गया है, जिससे यह प्रतीत होता है कि यह वीडियो हाल का है।
हालांकि, एडवांस्ड सर्च में हमें यह वीडियो ‘न्यूज18’ हिमाचल के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर 26 नवंबर 2025 को साझा किया हुआ मिला।

सर्च में हमें ईटीवी भारत.कॉम की 14 अगस्त 2025 की रिपोर्ट मिली, जिसमें छत्तीसगढ़ की इस घटना का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, “खैरागढ़ पुलिस ने गुरुवार को चेकिंग के दौरान ईतवारी बाज़ार एमसीपी प्वाइंट पर वाहनों की चेकिंग की। इस दौरान एक एसयूवी से कुल 4 करोड़ 4 लाख रुपये कैश बरामद किए गए। वाहन के मालिक से इस कैश से संबंधित जानकारी मांगी गई। इस जानकारी को वो पुलिस को नहीं दे पाए। जिसके बाद पुलिस ने सारा कैश जब्त कर लिया।”

इस रिपोर्ट में इस्तेमाल की गई तस्वीर उसी कार की है, जो वायरल वीडियो में नजर आ रही है और कार में बने गुप्त चैंबर को देखा जा सकता है।
गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 25 जून 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या के रामजन्मभूमि थाने में यह मुकदमा दर्ज हुआ था।
यानी यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि पुराना है और पहले भी छत्तीसगढ़ में हुई रुपयों की बरामदगी के दावे से वायरल हुआ है।
वायरल वीडियो को लेकर हमने दैनिक जागरण के रायपुर के क्राइम रिपोर्टर दीपक शुक्ला से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि यह पुरानी घटना का वीडियो है, जब चेकिंग के दौरान नकदी को जब्त किया गया था।
रायपुर के एक अन्य टीवी पत्रकार सत्य प्रकाश ने भी बताया कि यह पुरानी घटना का वीडियो है। रायपुर में हाल-फिलहाल में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। दोनों पत्रकारों ने इसे खैरागढ़ की घटना बताया।
विश्वास न्यूज स्वतंत्र रूप से इस वीडियो के संदर्भ की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन हम इस दावे की पुष्टि करते हैं कि यह अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों से नकदी की बरामदगी से संबंधित नहीं है।
क्या है संदर्भ?
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मुकदमे में आठ आरोपियों को नामजद किया है और ये सभी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
मामला सार्वजनिक होने और बढ़ते विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
वायरल वीडियो को शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब छह हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से एक की कार से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने का दावा भ्रामक है। कार से नकदी के बरामद होने का वीडियो छत्तीसगढ़ में ईडी की कार्रवाई से संबंधित है, जिसे अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से बरामद हुई नकदी के दावे से जोड़कर अब शेयर किया जा रहा है।
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