नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की नाबालिग के साथ हुई कथित रेप की घटना से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये श्रीगंगानगर रेप केस के आरोपियों के हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। अलग-अलग घटनाओं के असंबंधित वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले से जोड़कर वायरल किए जा रहे हैं।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Saurabh Goswami’ ने 7 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “राजस्थान के गंगानगर में बड़ी हैवानियत पार करने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है 13 साल की मासूम से 32 दरिंदों ने की हैवानियत! 13 साल की एक मासूम बच्ची के साथ हुई घटना बेहद दर्दनाक और शर्मनाक है। ऐसी घटनाएँ सिर्फ एक परिवार को नहीं, पूरे समाज को झकझोर देती हैं।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

इंस्टाग्राम यूजर ‘sourabhchaturvedi1’ ने 6 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो को शेयर किया है। वीडियो पर लिखा हुआ है, “13 साल की बच्ची से 5 दिनों में 32 लोगों ने किया गैंगरेप।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

फेसबुक यूजर ‘Satish Khalko’ ने 9 जुलाई 2026 को एक अन्य वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “यहीं है वो दरिंदा ऑटो ड्राइवर रामबाबू जिसने उस 13 साल की मासूम लड़की को होटल ले जाकर बेचा था। इसकी एक एक हड्डी तोड़ कर फांसी चढ़ाना चाहिए।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
पहला वीडियो
पहले वीडियो में पुलिस कुछ आरोपियों को रस्सी से बांधकर उनका जुलूस निकालते हुए दिख रही है। इसको श्रीगंगानगर रेप केस के आरोपियों का बताकर शेयर किया जा रहा है।
इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘आजतक’ की वेबसाइट पर 18 मार्च 2026 को प्रकाशित मिली। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो गुजरात के पाटन जिले के झीलिया गांव का है। दरअसल, मंदिर के दान को लेकर एक विवाद हुआ था। फिर कुछ लोगों ने एक फार्म हाउस और पुलिस पर हमला कर दिया था। पुलिस ने इस घटना में करीब 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला था और सबके सामने उनकी पिटाई की थी।

अन्य न्यूज रिपोर्ट्स को यहां देखा जा सकता है।
दूसरा वीडियो
दो वीडियो का एक कोलाज वायरल हो रहा है। पहले वीडियो में कुछ लोग भीड़ से बचाकर एक शख्स को हथकड़ी पहनाकर पुलिस की गाड़ी तक लेकर जा रहे हैं। कोलाज के दूसरे वीडियो में पुलिस कई लोगों को रस्सी से बांधकर ले जा रही है। इस वीडियो को भी श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले के आरोपियों का बताकर शेयर किया जा रहा है।
वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। कोलाज में मौजूद पहले वीडियो से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट हमें ‘टाइम्स नाउ’ हिंदी की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 25 अप्रैल 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो गुजरात में सूरत के अलथाण इलाके का है। आरोपी मोहम्मद अजीज ने 10वीं की छात्रा से छेड़छाड़ की थी। पुलिस ‘क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन’ के लिए आरोपी को लेकर जा रही थी। तभी वहां मौजूद भीड़ ने आरोपी को पीटना और पथराव करना शुरू कर दिया।

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
कोलाज में मौजूद दूसरे वीडियो की पड़ताल विश्वास न्यूज पहले भी कर चुका है। उस पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
तीसरा वीडियो
इस वीडियो में पुलिस एक शख्स को पीटती हुई नजर आ रही है। दावा किया जा रहा है कि यह वही ऑटो ड्राइवर है, जिसने नाबालिग को होटल में पहुंचाया था।
वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। इस वीडियो से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट हमें मराठी न्यूज वेबसाइट ‘esakal’ पर 11 जून 2026 को प्रकाशित मिली। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो महाराष्ट्र के कल्याण पूर्व के आत्माराम नगर क्षेत्र का है। दरअसल, वहां दो वाहनों के आपस में टकराने को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया था। यह मामला देखते ही देखते हिंसक हो गया और वहां फायरिंग शुरू हो गई। इसी बीच एक शख्स को गोली लग गई, जिसके बाद वह घायल हो गया। फिर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। यह वीडियो उसी घटना का है।

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए हमने राजस्थान के स्वतंत्र पत्रकार संतोष पांडे से संपर्क किया। उन्होंने वायरल हो रहे सभी वीडियो को श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले से असंबंधित बताया है।
क्या है संदर्भ?
राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म का संवेदनशील मामला सामने आया है। न्यूज रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता अपनी एक दोस्त से मिलने के लिए श्रीविजयनगर गई हुई थी। फिर एक ई-रिक्शा चालक ने नाबालिग को बहलाकर उसे घर छोड़ने का भरोसा दिलाया, लेकिन आरोपी ने लड़की को बेच दिया। चार होटलों में पीड़िता के साथ 32 लोगों ने कई दिनों तक कथित तौर पर दुष्कर्म किया और जबरन उसे शराब भी पिलाई गई। पुलिस और जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तीन होटलों को ध्वस्त कर दिया है। अभी तक इस मामले में कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी रिपोर्ट को यहां, यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर ‘Saurabh Goswami’ के फेसबुक अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को लगभग 11 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को यूपी का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले में पुलिस कार्रवाई के नाम पर वायरल हो रहे वीडियो अलग-अलग घटनाओं के हैं, जिन्हें अब श्रीगंगानगर की घटना से जोड़कर गलत दावों के साथ वायरल किया जा रहा है।
The post Fact Check: श्रीगंगानगर दुष्कर्म मामले में पुलिस की कार्रवाई के नाम पर वायरल हो रहे असंबंधित वीडियो appeared first on Vishvas News.
0 Comments