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Fact Check: असदुद्दीन ओवैसी का ‘डीपफेक’ वीडियो वायरल, उन्‍होंने नहीं कही पाकिस्‍तान का साथ देने की बात 

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लोकसभा में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पार्टी से हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का 35 सेकंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्‍हें कथित तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए यह बोलते हुए दिखाया गया कि यदि देश में मुसलमानों पर ऐसे ही हमले होते रहे, तो वे पाकिस्‍तान का साथ देंगे। इस वीडियो को सही समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। 

विश्वास न्यूज ने विस्‍तार से इस वीडियो की जांच की। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो फर्जी है। ओवैसी के असली भाषण के वीडियो से कुछ सेकंड की क्लिप के साथ छेड़छाड़ करके इसे तैयार किया गया है। यह डीपफेक वीडियो है। 

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक पेज Kashmiri Association of Australia ने 7 जनवरी को वीडियो को अपलोड करते हुए अंग्रेजी में लिखा, “Asaduddin Owaisi delivers a blistering message to Modi. When you felt pain after Pakistan hit back, did you finally understand what an Indian Muslim feels when your extremists beat him every day? Stop oppression. Otherwise do not call us traitors tomorrow if we stand against your radicals.”

फेसबुक पोस्‍ट का हिंदी अनुवाद है, “असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी को कड़ा संदेश दिया: जब पाकिस्तान के पलटवार से आपको दर्द हुआ, तो क्या आपको आखिरकार समझ आया कि एक भारतीय मुसलमान कैसा महसूस करता है जब आपके कट्टरपंथी उसे रोज़ पीटते हैं? अत्याचार बंद करो। नहीं तो कल हमें गद्दार मत कहना अगर हम आपके कट्टरपंथियों के खिलाफ खड़े होते हैं।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल शुरू करते हुए हमने सबसे पहले वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में कई जगह लिपसिंक ख़राब लगा। साथ ही आवाज़ भी कई जगह रोबोटिक लग रही है। हमें शक हुआ कि यह वीडियो क्लिप AI से बनाई गई  हो सकती है।

हमने वीडियो में इस्तेमाल ऑडियो को एडवांस्ड ऑडियो डीपफेक डिटेक्शन इंजन वाली स्विस डीप-टेक कंपनी, Aurigin.ai की मदद से चेक किया। टूल ने ऑडियो के AI द्वारा निर्मित होने की 98 प्रतिशत संभावना जताई।

हमने इस वीडियो को बफलो यूनिवर्सिटी के डिटेक्शन टूल डीपफेक-ओ-मीटर के FTCN (2021) मॉडल से भी चेक किया। टूल ने वीडियो के एआई मैनिपुलेटेड होने की 99 प्रतिशत से अधिक संभावना जताई।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए अपने सहयोगी ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस (TIA) की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की टीम ने वीडियो को हाइव एआई डीपफेक डिटेक्टर टूल से चेक किया। टूल ने वीडियो के कई हिस्‍सों में ओवैसी के चेहरे पर एआई छेड़छाड़ के संकेत दिए।

विश्वास न्यूज़ ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई एक्‍सपर्ट अजहर माचवे के साथ वीडियो शेयर किया। उन्‍होंने पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल वीडियो असली नहीं है। उन्‍होंने वीडियो डीपफेक बताया। 

अब हमने असली वीडियो को ढूंढ़ना शुरू किया। वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह पूरा वीडियो न्यूज एजेंसी ANI के यूट्यूब चैनल पर 4 जनवरी 2026 को लाइवस्ट्रीम किया गया मिला। इस वीडियो में 20 मिनट के बाद वायरल हिस्सा देखा जा सकता है। 

असली क्लिप में इस दौरान ओवैसी ने कहा था, “नरेंद्र मोदी से पूछो, इस साल मोदी ने बांग्लादेश को 120 करोड़ रुपए दिए, बताओ मुझे। 120 करोड़ का ग्रांट और 1160 मेगा वाट की एनर्जी बांग्लादेश को जाती है। और सुनो हिन्दू भाई-बहनों, मोदी ने 10 सालों में बांग्लादेश को 8 बिलियन  डॉलर का क्रेडिट दिया। और तुम ओवैसी को गाली देते हो। मैं न कभी किसी मजहब के खिलाफ था न कभी होउंगा।”

जांच के अंत में हमने ओवैसी के डीपफेक वीडियो को वायरल करने वाले यूजर की जांच की । पता चला कि Kashmiri Association of Australia के पेज को 36 हजार लोग फॉलो करते हैं। 

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