नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। गोरखपुर के एक मंदिर के तहखाने में जिस्मफरोशी के नाम पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कुछ यूजर्स इस वीडियो को गोरखपुर का बताकर शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में पता चला कि वीडियो मुंबई के एक बार पर छापे के दौरान का है। कई साल पहले मुंबई पुलिस की सोशल सर्विस डिवीजन ने अंधेरी के दीपा बार पर छापा मारते हुए वहां सुरंग में छिपी लड़कियों को सुरक्षित निकाला था।
विश्वास न्यूज एक बार पहले भी इस वीडियो की जांच कर चुका है। पिछले साल जनवरी में इसी वीडियो को उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे से जोड़ते हुए वायरल किया गया था। पुरानी पड़ताल को यहां पढ़ा जा सकता है।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर Samia Rashid ने 5 जनवरी को एक पोस्ट में दावा किया, “UP Gorakhpur me #mandir ke niche jameen ke 22 feet niche chal rahi thi jismfaroshi ka dhandha Andhbhakto ke liye dil tod dene wali khabar।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने गोरखपुर के मंदिर के नाम पर वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। सर्च के दौरान हमें नेशन टुडे नाम के एक फेसबुक पेज पर वायरल वीडियो मिला। 15 दिसंबर 2021 को अपलोड इस वीडियो को मुंबई के दीपा डांस बार का बताया गया।
विश्वास न्यूज एक बार पहले भी इस वीडियो की पड़ताल कर चुका है। इसके लिए कीवर्ड से सर्च करने पर इंडिया टुडे की 13 दिसंबर 2021 एक रिपोर्ट मिली। खबर में बताया गया, “मुंबई के अंधेरी में दीपा बार में सोशल सर्विस ब्रांच ने छापा मारा और वहां सुरंग में छिपी 17 लड़कियों को बाहर निकाला।”
मेट्रो मुंबई नाम के यू-ट्यूब चैनल पर भी हमें एक वीडियो रिपोर्ट मिली। इसमें बताया गया कि मुंबई के अंधेरी के दीपा बार पर पुलिस ने छापा मारा, जहां सुरंग में 17 लड़कियां छिपी थीं। वीडियो को 16 दिसंबर 2021 को अपलोड किया गया था।
विश्वास न्यूज ने पिछली पड़ताल के दौरान इंडिया टुडे की रिपोर्ट लिखने वाले पत्रकार सौरभ वकटानिया से बात की थी। उस वक्त उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया था कि यह 2021 की घटना है। उन्होंने बताया कि अब वे स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर काम करते हैं।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने एक बार फिर से गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जिससे पुष्टि हो सके कि गोरखपुर में ऐसा कुछ हुआ है, जैसा कि दावा किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, गोरखपुर के संपादकीय प्रभारी मदन मोहन सिंह से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। मुंबई के दीपा बार में छापे के वीडियो को गोरखपुर के नाम से वायरल किया जा रहा है।
जांच के अंत में मुंबई के पुराने वीडियो को गोरखपुर के मंदिर का बताकर वायरल करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि यूजर श्रीनगर की रहने वाली है। इसे करीब 3.9 हजार लोग फॉलो करते हैं।
विश्वास न्यूज ने जनवरी 2025 में वायरल वीडियो की विस्तार से जांच की थी। उस पड़ताल को यहां क्लिक करके पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में गोरखपुर के मंदिर के तहखाने में छापे के नाम पर वायरल पोस्ट फेक साबित हुई। 2022 में मुंबई के अंधेरी में दीपा बार पर पड़े पुलिस के छापे के वीडियो को गोरखपुर का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है। गोरखपुर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
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