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Fact Check: भारतीय सेना के बांग्लादेश के लालमर हाट एयरबेस को कब्जे में लेने का दावा फेक, वायरल वीडियो डीपफेक है

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसक घटनाओं के बीच सोशल मीडिया यूजर्स एक वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि भारतीय सेना ने अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करते हुए बांग्लादेश के ‘लालमर हाट एयरबेस’ (लालमोनिरहाट एयरबेस) पर कब्जा कर लिया है। इसके साथ वायरल हो रहे वीडियो में सैन्य गतिविधि को देखा जा सकता है, जिसके ऑडियो में यह दावा किया गया है कि भारतीय सेना के स्पेशल पैरा कमांडोज ने यह कार्रवाई की है। वीडियो को देखने और सुनने से यह प्रतीत हो रहा है कि यह किसी न्यूज बुलेटिन का हिस्सा है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। भारत की सेना के बांग्लादेश की सीमा में घुसकर वहां के एयरपोर्ट पर कब्जा करने का दावा फेक है और इस दावे से वायरल हो रहा मल्टीमीडिया डीपफेक है। वायरल वीडियो में एक मशहूर एंकर की आवाज वाले ऑडियो क्लोन का इस्तेमाल कर फेक दावा किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

विश्‍वास न्‍यूज के टिपलाइन नंबर +91 9599299372 पर भी कई यूजर्स ने इस वीडियो को भेजते हुए इसकी सच्चाई को बताए जाने का अनुरोध किया है।

विश्वास न्यूज के टिपलाइन पर भेजा गया क्लेम।

पड़ताल

वीडियो में दावा किया गया है, “दोस्तों कल आधी रात जो हुआ उसकी कल्पना ना तो ढाका की अंतरिम सरकार ने की थी और ना ही बीजिंग के रणनीतिकारों ने । कल रात करीब एक बजकर पंद्रह मिनट  पर भारतीय सेना के स्पेशल पैरा कमांडोज ने अंतरराष्ट्रीय सीमा लांघकर बांग्लादेश के लालमर हाट एयरबेस पर तिरंगा फहरा दिया है । ये वही एआईआर बेस  है, जिसे चीन की अरबों डॉलर की मदद से सिर्फ इसलिए बनाया गया था, ताकि युद्ध के समय भारत के चिकन नेक वाले संकरे रास्ते को काटकर पूर्वोत्तर को देश से अलग किया जा सके । लेकिन आज वही रणनीतिक अड्डा भारतीय जबाजों के फौलादी बूटों के नीचे है । लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती । भारतीय सेना सिर्फ एआईआर बेस  तक ही नहीं रुकी, बल्कि लाल मुनिर हाट बेस से बारह किलोमीटर और अंदर घुसकर सात रणनीतिक गांवों  पर पूर्ण नियंत्रण पा चुकी है ।”

वीडियो के पूरे ट्रांसक्रिप्शन को यहां पढ़ा जा सकता है।

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इसमें इस्तेमाल किए गए ऑडियो को जांचा। वायरल ऑडियो करीब 10 मिनट लंबा है, इसलिए इसकी जांच के लिए हमने इसे छोटे-छोटे चार क्लिप में विभाजित किया और फिर डीपफेक ऑडियो डिटेक्शन टूल की मदद से इन सभी ऑडियो क्लिप को चेक किया। स्विस डीपटेक कंपनी ऑरिजिन.एआई की एनालिसिस में यह पूरा ऑडियो ट्रैक एआई क्रिएटेड निकला।

पहला ऑडियो क्लिप: अवधि: 3 मिनट 29 सेकेंड

0.00 से 2.50 और 2.55-3.30 के बीच के ऑडियो के एआई क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (98% और 99% के कॉन्फिडेंस स्कोर के साथ) की पुष्टि होती है।

रेड ग्राफ एआई क्रिएटेड ट्रैक की पुष्टि करता है।

वहीं 2.50-2.55 के बीच के पांच सेकेंड के ऑडियो ट्रैक के प्रमाणिक होने की संभावना (48% के कॉन्फिडेंस स्कोर के साथ) की न्यूनतम पुष्टि होती है।

दूसरा ऑडियो क्लिप: अवधि: 2 मिनट 29 सेकेंड

0.00-1.15 टाइमफ्रेम के ऑडियो ट्रैक के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (100 फीसदी कॉन्फिडेंस स्कोर के साथ) की पुष्टि होती है। 1.20-2.14 के बीच के ऑडियो ट्रैक के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (99% फीसदी) की पुष्टि होती है। 2.20-2.30 के बीच के ऑडियो फ्रेम के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (100 फीसदी कॉन्फिडेंस स्कोर) की पुष्टि होती है।

रेड ग्राफ एआई क्रिएटेड ट्रैक की पुष्टि करता है।

वहीं 1.15-1.20 और 2.14-2.20 के बीच (कुल 10 सेकेंड) के ऑडियो ट्रैक के प्रमाणिक होने की संभावना की पुष्टि होती है।

तीसरा ऑडियो क्लिप: अवधि: 2 मिनट 33 सेकेंड

0.00-1.59 के ऑडियो ट्रैक के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (99% कॉन्फिडेंस स्कोर के साथ) की पुष्टि होती है। 2.05-2.235 के बीच के ऑडियो ट्रैक के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (100 फीसदी के कॉन्फिडेंस स्कोर) की पुष्टि होती है।

रेड ग्राफ एआई क्रिएटेड ट्रैक की पुष्टि करता है।

वहीं 1.59 से 2.05 यानी कुल छह सेकेंड के प्रमाणिक होने की संभावना (99 फीसदी कॉन्फिडेंस स्कोर) की पुष्टि होती है।

चौथा ऑडियो क्लिप: अवधि: 1 मिनट 14 सेकेंड

इस पूरे ऑडियो ट्रैक से एआई क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (98% कॉन्फिडेंस स्कोर) की पुष्टि होती है। हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल मल्टीमीडिया का पूरा ऑडियो ट्रैक एआई क्रिएटेड है।

रेड ग्राफ एआई क्रिएटेड ट्रैक की पुष्टि करता है।

इन सभी एनालिसिस को हमने हिया टूल की मदद से दुबारा चेक किया।  

पहला ऑडियो क्लिप: अवधि: 3 मिनट 29 सेकेंड

कुछ सेकेंड के ऑडियो फ्रेम को छोड़कर (येलो और ग्रीन में कोडिंग वाले ग्राफ) इस पूरे ऑडियो क्लिप के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (95%) की पुष्टि होती है।

लाल रंग जहां एआई मैनिपुलेशन की अधिकतम संभावना, वहीं हरा रंग न्यूनतम संभावना को दर्शाता है। (Source-Hiya)

दूसरा ऑडियो क्लिप: अवधि: 2 मिनट 29 सेकेंड

कुछ सेकेंड के ऑडियो फ्रेम को छोड़कर (येलो और ग्रीन में कोडिंग वाले ग्राफ) इस पूरे ऑडियो क्लिप के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (96%) की पुष्टि होती है।

लाल रंग जहां एआई मैनिपुलेशन की अधिकतम संभावना, वहीं हरा रंग न्यूनतम संभावना को दर्शाता है। (Source-Hiya)

तीसरा ऑडियो क्लिप: अवधि: 2 मिनट 33 सेकेंड

कुछ सेकेंड के ऑडियो फ्रेम को छोड़कर (येलो और ग्रीन में कोडिंग वाले ग्राफ) इस पूरे ऑडियो क्लिप के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (96%) की पुष्टि होती है।

लाल रंग जहां एआई मैनिपुलेशन की अधिकतम संभावना, वहीं हरा रंग न्यूनतम संभावना को दर्शाता है। (Source-Hiya)

चौथा ऑडियो क्लिप: अवधि: 1 मिनट 14 सेकेंड

कुछ सेकेंड के ऑडियो फ्रेम को छोड़कर (येलो और ग्रीन में कोडिंग वाले ग्राफ) इस पूरे ऑडियो क्लिप के एआई से क्रिएटेड होने की अधिकतम संभावना (95%) की पुष्टि होती है।

लाल रंग जहां एआई मैनिपुलेशन की अधिकतम संभावना, वहीं हरा रंग न्यूनतम संभावना को दर्शाता है। (Source-Hiya)

हिया टूल की एनालिसिस में कलर कोडिंग के जरिए एआई मैनिपुलेशन की संभावना को दर्शाया जाता है, जिसमें लाल अधिकतम संभावना और ग्रीन न्यूनतम संभावना को दर्शाता है।

यानी हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल वीडियो में ऑडियो के जरिए जो दावा किया गया है, वह एआई क्रिएटेड यानी काल्पनिक और मनगढ़ंत है। साथ ही इसमें इस्तेमाल किया गया वीडियो अलग-अलग असंबंधित घटनाक्रमों का और कुछ विजुअल एआई क्रिएटेड है। वीडियो की शुरुआत में सेना की कार्रवाई के दावे से जिस वीडियो को शेयर किया गया है, वह करीब पांच साल पुराने सैनिक अभ्यास का है। ऑरिजिनल वीडियो को यहां देखा जा सकता है।

भारतीय सेना की गतिविधि को लेकर हमें सर्वाधिक हालिया रिपोर्ट 21 दिसंबर 2025 की मिली, जिसके मुताबिक, बांग्लादेश में तनाव के बीच 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध लड़ने वाले सैन्य बटालियन को त्रिपुरा में तैनात किया गया है।

न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, रंगपुर डिवीजन में मौजूद लालमोनिरहाट एयरबेस को बांग्लादेश चीन की मदद से विकसित कर रहा है, जो भारतीय सीमा से करीब 20 किलोमीटर दूर और रणनीतिक सिलीगुडी कॉरिडोर के बेहद पास है।

भारतीय सेना से संबंधित गतिविधियों को लेकर दैनिक जागरण के एसोसिएट एडिटर संजय मिश्र से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि भारतीय सेना की बांग्लादेश के सीमा में ऐसी किसी गतिविधि का दावा फेक है। 

निष्कर्ष: बांग्लादेश में अस्थिरता और तनाव के बीच भारतीय सेना के बांग्लादेश की सीमा में घुसकर लालमोनिरहाट एयरबेस पर कब्जा किए जाने का दावा फेक है। इस दावे के साथ वायरल मल्टीमीडिया फेक है, जिसमें इस्तेमाल किया गया पूरा ऑडियो ट्रैक एआई क्रिएटेड है। साथ ही इस मल्टीमीडिया में इस्तेमाल वीडियो पुराने और असंबंधित घटनाओं के हैं

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