नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। संत प्रेमानंद महाराज की तबियत को लेकर पिछले कई दिनों से अफवाहें उड़ रही हैं, जिनका मथुरा पुलिस और स्वयं प्रेमानंद महाराज की टीम की ओर से भी खंडन किया जा चुका है। इसी संदर्भ में, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल के बेड पर दिख रहे प्रेमानंद महाराज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को असली समझकर कई यूज़र इसे शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल प्रेमानंद महाराज और पीएम मोदी का यह वीडियो AI निर्मित है। प्रेमानंद महाराज वर्तमान में अपने वृंदावन आश्रम में हैं।
क्या हो रहा है वायरल
इंस्टाग्राम यूजर ‘akash_pandit_upa’ ने 14 अक्टूबर 2025 (Archive) को वायरल वीडियो को शेयर किया और लिखा, “श्री प्रेमानंद जी से मिलने पहुंचे अपने देश के PM कमेंट में राधे राधे जरूर लिखें।”

पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। सर्च करने पर हमें कई न्यूज रिपोर्ट मिली। इनके अनुसार, प्रेमानंद महाराज किडनी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके लिए उन्हें डायलिसिस की आवश्यकता पड़ती है। हालांकि, उनके स्वास्थ्य को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया पर कई भ्रामक पोस्ट वायरल हुए थे, जिसका खंडन आश्रम द्वारा किया गया। आश्रम ने स्पष्ट किया है कि वह वर्तमान में अस्पताल में भर्ती नहीं हैं और अपने वृंदावन आश्रम में हैं।
16 अक्टूबर को जागरण डॉट कॉम पर पब्लिश खबर में बताया गया कि वृंदावन के परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराधा केलिकुंज में बुधवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे मलूक पीठाधीश्वर व संत प्रेमानंद के बीच करीब 45 मिनट तक मुलाकात हुई।
इस मुलाकात के वीडियो को संत प्रेमानंद महाराज के एक्स हैंडल पर भी देखा जा सकता है।
कीवर्ड्स से खोजने पर हमें प्रधानमंत्री मोदी के उनसे मिलने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। अगर पीएम मोदी जैसी कोई बड़ी हस्ती किसी संत से मिलती है, तो वह प्रमुख मीडिया कवरेज का विषय होती है।
प्रेमानंद महाराज के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर 15 अक्टूबर 2025 को पोस्ट की गई तस्वीरों से पता चलता है कि वह अपने आश्रम में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं और उनसे बात कर रहे हैं। इससे साफ़ होता है कि वायरल वीडियो में उनके अस्पताल में भर्ती होने का दावा ग़लत है।
वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में प्रेमानंद महाराज और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दोनों का मूवमेंट बड़ा ही रोबोटिक लग रहा है। हमें शक हुआ कि यह वीडियो एआई निर्मित हो सकता है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने इस वीडियो को एआई जेनरेटेड वीडियो की जांच करने वाले टूल हाइव मॉडरेशन पर अपलोड किया। इसमें वीडियो के एआई से बने होने की संभावना 95 प्रतिशत से अधिक निकली।

एक दूसरे टूल साइट इंजन ने भी वीडियो के एआई जेनरेटेड होने की संभावना 86 प्रतिशत बताई।

हमने वीडियो को लेकर एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे के साथ संपर्क किया। उन्होंने भी रोबोटिक मूवमेंट और बैकग्राउंड ब्लर का हवाला देते हुए वीडियो को एआई निर्मित बताया।
इससे पहले भी प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें उड़ने पर विश्वास न्यूज़ ने फ़ैक्ट चेक किया था, जिसे यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को स्कैन किया। पता चला यूजर akash_pandit_upa को इंस्टाग्राम पर लगभग 17 हजार से अधिक यूजर फॉलो करते हैं।
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