नई दिल्ली (विश्नास न्यूज)। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान अंबेडकर विवाद के संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो क्लिप को शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि अमित शाह के बयान के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन हो रहा है और यह वीडियो उसी रैली का है। वीडियो में बड़ी संख्या में लोगों को अंबेडकर की तस्वीर के साथ प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल वीडियो क्लिप 2022 में कर्नाटक के रायचूर में अंबेडकर की तस्वीर को हटाए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से संबंधित है, जिसे अंबेडकर विवाद में अमित शाह के खिलाफ हुई रैली के फेक दावे से शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Aman Singh Patel’ ने वायरल वीडियो क्लिप (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “अमित शाह माफी मांगे…#जो_आग_देश_में_लगी है..#वह_अब #ज्वालामुखी_बन_गया है..और यह #विश्व_भर में #ज्वालामुखी फैलता जा रहा है..#पूरे_विश्व_भर में #बाबा_साहेब_अंबेडकर_जी को #चाहने_वाले लोग है।”
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल वीडियो के ऑरिजिनल स्रोत को ढूंढने के लिए हमने इसके की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च की मदद से ढूंढा और सर्च में हमें यह वीडियो राहुल भरानी नाम के एक्स यूजर की प्रोफाइल पर लगा मिला, जिसे 20 फरवरी 2022 को शेयर किया गया है।
वीडियो के साथ दी गई जानकारी में बताया गया है कि यह कर्नाटक के रायचूर में कोर्ट परिसर में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान डॉ. अंबेडकर की तस्वीर हटाने के खिलाफ रायचूर न्यायाधीश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से संबंधित है।
28 जनवरी 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, “कर्नाटक के रायचूर में सैकड़ों लोगों ने जिला जज के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रायचूर के जिला न्यायालय परिसर में गणतंत्र दिवस के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने से लेकर डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज ने यहां रखी अंबेडकर की फोटो हटवा दी, जिसे लेकर विवाद हो गया।”
‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई। रिपोर्ट में मौके पर मौजूद वकीलों के हवाले से इस बात का जिक्र है, “कर्नाटक हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार की तरफ से विशिष्ट दिशानिर्देशों का जिक्र है, जिसके मुताबिक अदालतों को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान केवल महात्मा गांधी की प्रतिमा रखे जाने का जिक्र है।”
कई अन्य रिपोर्ट्स में भी हमें इस प्रदर्शन की जानकारी मिली।
वायरल वीडियो को लेकर हमने बेंगलुरु स्थित गिरधर नारायण से संपर्क किया और उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “यह 2022 में हुए प्रदर्शन से जुड़ा मामला है।”
बताते चलें कि राज्यसभा में भीमराव अंबेडकर पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल बीजेपी पर हमलावर है। वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस पर शाह के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है और इसे लेकर अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखते हुए कांग्रेस पर भ्रांति फैलाने का आरोप लगााया था।
गौरतलब है कि इस मुद्दे की वजह से संसद का शीतकालीन सत्र हंगामेदार रहा। वायरल वीडियो क्लिप को फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब तीस हजार लोग फॉलो करते हैं।
हालिया संपन्न विधानसभा चुनाव और अन्य उप-चुनावों से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट को विश्वास न्यूज के चुनाव सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष:कर्नाटक के रायचूर में गणतंत्र दिवस के दौरान ध्वजारोहण के समय कोर्ट परिसर से अंबेडकर की फोटो को हटाए जाने की 2022 की घटना के विरोध में हुए तत्कालीन प्रदर्शन के वीडियो को हालिया अंबेडकर विवाद में अमित शाह के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के फेक दावे से शेयर किया जा रहा है।
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