नई दिल्ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 14 सेकंड की एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है। इसमें एक शख्स को हाथ में पिस्टल लेकर गाली-गलौच करते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस क्लिप को सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि मेरठ में एक मुस्लिम शख्स हिंदू परिवार को मारने की धमकी दे रहा था। वीडियो उसी दौरान का है।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की। दावा बेबुनियाद साबित हुआ। दोनों पक्ष एक ही समुदाय के थे। इसमें हिंदू परिवार वाली बात झूठी है। रास्ते को लेकर हुए विवाद के वीडियो को झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल किया गया। घटना नवंबर में मेरठ में हुई थी।
क्या हो रहा है वायरल
Sachinrao D Naykodi-Patil नाम के फेसबुक यूजर ने 29 दिसंबर को एक वीडियो क्लिप पोस्ट करते हुए दावा किया, “मेरठ इस जिहादी को जरा फेमस करो पूरे हिंदु परिवार को मारने की धमकी दे रहा है।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसका आकाईव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल क्लिप की पड़ताल के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। हमें भास्कर डॉट कॉम पर एक खबर मिली। इसमें वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है। खबर में बताया गया कि मेरठ के सरधना में रास्ते से हटने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों ने पड़ोसी के घर पर हमला कर दिया। एक शख्स ने डंडे से घर की खिड़कियों पर लगे कांच को तोड़ दिया तो एक युवक पिस्टल लेकर घर के नीचे पहुंच गया।
खबर में आगे बताया गया, “सरधना के मोहल्ला कमरा नवाबाद निवासी सोफिया पत्नी अरशद ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उसके पति टाटा मैजिक चलाते हैं। जब शाम को मैजिक लेकर घर वापस लौटे तो उसे पार्किंग में खड़ी करने जा रहे थे। उन्होंने बताया कि कलंचूंगी पर कई युवक बाइक पर सवार होकर रास्ते के बीच खड़े थे। पीड़ित ने बाइक सवार युवकों को रास्ते से हटने को कहा। इस पर आरोपियों ने मारपीट कर दी। जिसमें एक आरोपी पीड़ित के घर जाकर गाली-गलौच करते हुए पीट रहा था।” पूरी खबर यहां पढ़ें।
गूगल ओपन सर्च टूल पर कीवर्ड से सर्च करने पर हमें अमर उजाला डॉट कॉम पर एक खबर मिली। 23 नवंबर 2024 की इस खबर में बताया गया कि सरधना के मोहल्ला कमरानवाबान में फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने फरार 25 हजार के इनामी इलियास पुत्र शाहिद को गिरफ्तार कर उसका चालान कर दिया। खबर में आगे थाना प्रभारी प्रताप सिंह के हवाले से लिखा गया, “मोहल्ला कमरानवाबान निवासी अरशद खान के साथ रास्ते से गाड़ी हटाने को लेकर विवाद हो गया था। आरोपियों ने पीड़ित की गाड़ी के शीशे तोड़ते हुए उसके घर पर जाकर फायरिंग कर जान से मारने का प्रयास किया था। घटना के संबंध में सोफिया अली खान ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर देते हुए आरोपी गुफरान पुत्र इस्लाम, इमरान पुत्र इस्लाम, रहीम पुत्र ताहिर, अय्यूब पुत्र मीम, इलियास पुत्र शाहिद व शादाब पुत्र रहीसुद्दीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस रहीम व अय्यूब को पहले ही जेल भेज चुकी है। वहीं, 25 हजार के इनामी आरोपी इलियास को तहसील रोड से गिरफ्तार किया।” पूरी खबर यहां पढ़ें।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल के दौरान दैनिक जागरण, मेरठ के क्राइम रिपोर्टर लोकेश पंडित से संपर्क किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वायरल क्लिप नवंबर की एक घटना की है। मेरठ में एक ही समुदाय के लोगों के बीच विवाद हो गया था। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपियों को जेल भेज दिया था। इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था।
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। Sachinrao D Naykodi-Patil नाम के इस यूजर के फेसबुक पर 1.8 हजार फ्रेंड हैं। यूजर ने यह अकाउंट जुलाई 2010 में बनाया था। वर्तमान में यूजर महाराष्ट्र में रहता है।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट गलत साबित हुई। एक ही समुदाय के लोगों के बीच हुए झगड़े के वीडियो को झूठ सांप्रदायिक दावे के साथ वायरल किया गया। इस घटना में हिंदू परिवार शामिल नहीं था।
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