नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) विजयादशमी पर अपने स्थापना दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न शहरों में पथसंचलन का आयोजन करता है। इसी से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर काफी वायरल हो रही है। इस तस्वीर में संघ के स्वयंसेवकों को वामपथी दलों के झंडों के पास से पथसंचलन करते हुए दिखाया गया है। इसके साथ दावा किया जा रहा है कि केरल के कन्नूर में संघ ने पथसंचलन किया। इस पोस्ट को सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स इसे शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की विस्तार से जांच की। वायरल हो रही तस्वीर फर्जी निकली। इस तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Ashish Kumar Sain Lakhu’ ने 20 अक्टूबर 2026 को एक तस्वीर अपलोड करते हुए लिखा, “वामपंथ के गढ़ कन्नूर (केरल) में #पथ_संचलन! “यह मत समझो किसी क्षेत्र को खाली रह जाने देंगे, दानवता की बेल विषैली कहीं नहीं छाने देंगे। जहाँ कहीं लू झुलसाती, अमृत रिमझिम बरसाएँ, दसों दिशाओं में जाएँ …।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में सबसे पहले गूगल लेंस टूल का इस्तेमाल किया। वायरल तस्वीर को इस पर अपलोड करके सर्च करने पर हमें एक भी ऐसी विश्वसनीय न्यूज नहीं मिली, जिससे वायरल दावे की सत्यता की पुष्टि हो सके। इससे यह संकेत मिला कि वायरल तस्वीर फर्जी हो सकती है।
इसके बाद विश्वास न्यूज ने वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद ली। सबसे पहले हमने ‘Hive Moderation’ टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल तस्वीर के लिए करीब 98.50 फीसदी संभावना इस बात की जताई कि इसे एआई की मदद से बनाया गया है।

इसके बाद हमने तस्वीर को गूगल के ‘सिंथ आईडी’ से चेक किया। इसके एनालिसिस के अनुसार, यह तस्वीर ‘ओपन एआई’ की मदद से तैयार की गई है।

इसी तरह ‘ट्रूथ स्कैन’ एआई टूल से चेक करने पर भी वायरल तस्वीर एआई-निर्मित साबित हुई। इसके नतीजों में तस्वीर को 99 फीसदी एआई-जेनरेटेड बताया गया।

विश्वास न्यूज ने वायरल फोटो को लेकर एआई एक्सपर्ट डॉ. अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल तस्वीर एआई-जेनरेटेड है और इसमें कई खामियां हैं।
क्या है संदर्भ?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस और विजयदशमी के उपलक्ष्य पर देशभर में पथसंचलन का आयोजन किया जाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समापन समारोह कार्यक्रम 20 अक्टूबर 2026 को नागपुर में हुआ।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 6,000 से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह यूजर राजस्थान के जयपुर का रहने वाला है और यह अकाउंट दिसंबर 2012 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल तस्वीर फर्जी साबित हुई। केरल के कन्नूर में संघ के पथसंचलन के नाम पर वायरल हो रही तस्वीर फेक है। इसे एआई की मदद से बनाया गया है।
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