नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पंजाब के मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद 15 अक्टूबर 2026 को पंजाब में बंद का आह्वान किया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पुलिसबल को प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागते और बल प्रयोग करते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि अंबाला नेशनल हाईवे पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं।
विश्वास न्यूज ने वीडियो की जांच की तो पता चला कि इसे लेकर किया जा रहा वायरल दावा गलत है और यह अगस्त 2026 में हुए प्रदर्शन के दौरान का है। हाल-फिलहाल में अंबाला में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘kanhaiya3001lal’ ने 16 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “आज लुधियाना अम्बाला जंक्शन में गोली चल रही और यूपी ओर बिहार के लोगों से कहना है कि रूम से बाहर जड़ान निकले आज माहौल जड़ा खराब है अपने बच्चों सँभल कर रहे ओके।”
वीडियो पर ‘अंबाला राष्ट्रीय राजमार्ग’ भी लिखा है।

पड़ताल
वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने इसके कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। यूट्यूब चैनल ‘Fastnewssirsa’ पर 14 अगस्त 2026 को वायरल वीडियो पोस्ट किया गया था। इसमें वीडियो पर लोकेशन ‘अंबाला नेशनल हाईवे’ दिया गया है।
यूट्यूब चैनल ‘DanishGaonWala’ ने भी इस वीडियो को 14 अगस्त 2026 को पोस्ट किया था।
फेसबुक पेज ‘Ibn News Hamesha Apke Sath’ पर 14 अगस्त 2026 को इस घटना का सेम वीडियो दूसरे एंगल से पोस्ट किया गया था। इसमें दी गई जानकारी के अनुसार, “अंबाला में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जोरदार टकराव हुआ। करीब 8 घंटे तक दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे जाम रहा। झड़प के दौरान एक DSP का अंगूठा कट गया, जबकि कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर हाईवे पर जुटे थे।”

‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 13 अगस्त 2026 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, 7 अगस्त को पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा में अंतरराष्ट्रीय एंटी खालिस्तान टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड अपने बेटे और सुरक्षाकर्मियों के साथ पहुंचे थे। वहां वाहन ले जाने को लेकर उनका विवाद हो गया था। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया था। प्रदर्शन के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया था। लोगों की रिहाई की मांग को लेकर करीब 500 लोगों ने दिल्ली-अमृतसर, दिल्ली-चंडीगढ़ और नारायणगढ़-दिल्ली हाईवे पर लंबा जाम लगा दिया। स्थित नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान डीएसपी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।

इसके बाद हमने संबंधित कीवर्ड से सर्च किया कि क्या हाल ही में अंबाला में ऐसी कोई घटना हुई है या नहीं, लेकिन हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली।
इस बारे में हमने अंबाला में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ दीपक बहल से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल हो रहा यह वीडियो अगस्त 2026 का है। उस घटना के बाद अंबाला में वैसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
क्या है संदर्भ?
पंजाब के मानसा में 13 अक्टूबर 2026 को नशे की समस्या और केमिस्ट की दुकानों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में 15 अक्टूबर 2026 को पंजाब बंद का आह्वान किया गया था, जिसका राज्य में मिला-जुला असर देखने को मिला था।
वहीं, अंबाला कैंट बस अड्डे पर भी बंद का कोई खास असर नहीं दिखा। यहां यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है।
वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को अंत में हमने स्कैन किया। सितंबर 2023 में बने इस इंस्टाग्राम अकाउंट के 20 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: अंबाला हाईवे पर पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागने वाला वीडियो अगस्त 2026 का है। हाल-फिलहाल में वहां इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है।
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