नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद का 47 सेकंड का एक वीडियो वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि वह अपनी पार्टी के खिलाफ बगावत पर उतर आए हैं। इस वीडियो में उन्हें कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ और दिल्ली की घटना पर बोलते हुए सुना जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स इस वीडियो को दिल्ली में हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के प्रदर्शन से जोड़ते हुए वायरल कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वीडियो की जांच की। वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। रविशंकर प्रसाद का पुराना बयान अब गलत संदर्भ के साथ वायरल करके झूठ फैलाया जा रहा है। वायरल वीडियो दिसंबर 2012 का है। यह बयान बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली में हुए बहुचर्चित निर्भया गैंगरेप मामले के दौरान दिया था। इसमें उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को संबोधित किया था।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक पेज ‘Maharashtra – With RG’ ने 20 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया, “बगावत पर उतारू रवि शंकर प्रसाद।”

वायरल वीडियो को कई यूजर्स भी समान दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने रवि शंकर प्रसाद के वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल की मदद से सर्च किया गया।
हमें वायरल वीडियो का एक हिस्सा ‘आजतक’ की वेबसाइट पर मौजूद एक पुराने वीडियो न्यूज में मिला। इसके साथ बताया गया, “दिल्ली गैंगरेप मामले पर बोलते हुए बीजेपी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने सीधे प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि आप कुछ कहें और देश के युवाओं विशेषकर लड़कियों को आश्वस्त करें कि आपकी सरकार इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करेगी और देश में जो भय का माहौल है उसे खत्म करेगी. उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की भी निंदा की।”
यह वीडियो 22 दिसंबर 2012 को अपलोड किया गया था। इस वीडियो में वायरल हो रहे वीडियो का वह हिस्सा देखा जा सकता है, जिसमें रवि शंकर प्रसाद कहते हैं, “प्रधानमंत्री जी आप कुछ बोलिए। और दिल्ली के बच्चों को, बच्चियों को, देश को यह आश्वस्त कीजिए कि आपकी सरकार इस विषय पर गंभीरता से कार्रवाई करती रहेगी। और भय और खौफ का माहौल है, इस पर भी कार्रवाई करेगी।”

जांच के अगले चरण में कुछ कीवर्ड बनाए गए और फिर इन्हें गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से खोजा गया। सर्च के दौरान हमें ‘द हिंदू’ की वेबसाइट पर एक खबर मिली। इसे 22 दिसंबर 2012 को पब्लिश किया गया था। इसमें भी बताया गया कि भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने सामूहिक बलात्कार पर प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाए।
विश्वास न्यूज की जांच के दौरान रवि शंकर प्रसाद की प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरा वीडियो भी मिला। यह वीडियो भाजपा के यूट्यूब चैनल पर भी मौजूद है। इसे 22 दिसंबर 2012 को अपलोड किया गया था। वीडियो में 47 सेकंड की टाइमलाइन के बाद रवि शंकर प्रसाद का अब वायरल हो रहा बयान सुना जा सकता है। इसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “ये बच्चे किसी पार्टी या संगठन के कहने पर नहीं आए हैं। यह हमारे बच्चे हैं। यह दुखी हैं। उनके अंदर क्रोध है। सरकार को समझना चाहिए। और प्रधानमंत्री क्यों खामोश हैं। पूरे देश में गुस्सा है इसके खिलाफ। दिल्ली के लोगों में वेदना है। प्रधानमंत्री जी ने अभी तक कुछ नहीं कहा। प्रधानमंत्री जी आप कुछ बोलिए। और दिल्ली के बच्चों को, बच्चियों को, देश को यह आश्वस्त कीजिए कि आपकी सरकार इस विषय पर गंभीरता से कार्रवाई करती रहेगी। और भय और खौफ का माहौल है, इस पर भी कार्रवाई करेगी।”
विश्वास न्यूज की जांच में यह स्पष्ट हो गया कि रवि शंकर प्रसाद के 2012 के पुराने बयान को दिल्ली में हुए प्रदर्शन से जोड़कर अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वायरल पोस्ट फर्जी है। यह बयान उस वक्त का है, जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे।
क्या है संदर्भ?
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के खिलाफ 16 अक्टूबर 2026 को तिरंगा मार्च का आह्वान किया था। इसके बाद सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। ‘बीबीसी’ हिंदी पर 16 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक खबर में इसके बारे में विस्तार से पढ़ा जा सकता है।
21 अक्टूबर 2026 की ‘जागरण डॉट कॉम’ की खबर के अनुसार, कांग्रेस दिल्ली में एक नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ एक बड़ी रैली करने जा रही है।
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले फेसबुक पेज की सोशल स्कैनिंग की गई। पता चला कि इस पेज को 39 हजार से अधिक लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं। यह पेज फरवरी 2021 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। भाजपा के वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद के पुराने बयान के एक छोटे अंश को एडिट करके गलत दावे के साथ वायरल किया गया है। रवि शंकर प्रसाद ने यह बयान 2012 में निर्भया गैंगरेप के दौर में दिया था। उस वक्त प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे।
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