नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। 15 सेकंड के इस वीडियो में एक मुस्लिम व्यक्ति को भीड़ द्वारा पिटते हुए देखा जा सकता है। एक व्यक्ति को इस शख्स की दाढ़ी भी खींचते हुए देखा जा सकता है।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के बाराबंकी का है, जहां एक मुस्लिम शख्स के साथ कुछ लोगों ने बदसलूकी करते हुए मारपीट की है। इस दावे को सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से वायरल पोस्ट की जांच की। यह दावा फर्जी साबित हुआ। वायरल वीडियो का बाराबंकी से कोई संबंध नहीं है। यह बांग्लादेश का वीडियो है, जिसे झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ भारत का बताकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Altams Ali’ ने 17 अगस्त 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “बाराबंकी के शहर में एक मुस्लिम बुजुर्ग के साथ अवैध व्यवहार किया गया। कई लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उनकी दाढ़ी को खींचा! इंसान चाहे मुस्लिम हो या हिंदू किसी के साथ ऐसा अवैध व्यवहार नहीं करना चाहिए इज्जत सबकी बराबर होती है मेरी शान और प्रशासन से यही अपील है कि ऐसा करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो और ना जल्द से जल्द सजा मिली धर्म चाहे कोई भी हो सम्मान सबका बराबर होना चाहिए।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इसके कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। इस सर्च में हमें असली वीडियो बांग्लादेशी मीडिया चैनल ‘एमके-टीवी’ के फेसबुक पेज पर मिला। इसे 7 अगस्त 2026 को पोस्ट किया गया था। इस वीडियो के साथ बताया गया कि यह शख्स जैनल आबेदीन है, जो चोर जुबली यूनियन के पूर्व अध्यक्ष और सुबरनाचर उपजिला अवामी लीग के पूर्व महासचिव हनीफ चौधरी का छोटा भाई है। पोस्ट में आगे बताया गया है कि जुबली लीग के नेता जैनल आबेदीन को बांग्लादेश के नोआखली में स्थानीय लोगों ने नशीले पदार्थों के साथ पकड़ लिया था।

सर्च के दौरान यह वीडियो हमें ‘Sohag Hossain’ नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर भी मिला। इसे 8 अगस्त 2026 को पोस्ट किया गया था। वीडियो के साथ बांग्ला भाषा में कैप्शन में लिखा गया कि नोआखाली के सुबरनाचर उपजिला अवामी लीग के जनरल सेक्रेटरी और सुबरनाचर उपजिला की चार जुबली यूनियन के पूर्व चेयरमैन के छोटे भाई जैनल आबेदीन पर मादक पदार्थ रखने के आरोप में जमात-बीएनपी के कार्यकर्ताओं ने हमला किया, फिर उन्हें बुरी तरह पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया।
जांच के दौरान हमें ‘सीबीसी बांग्ला’ के यूट्यूब चैनल पर भी एक खबर मिली। यह बांग्लादेश का चैनल है। इसमें वायरल वीडियो वाले हिस्से को भी देखा जा सकता है। वीडियो में सबको बांग्ला भाषा में बोलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में बताया गया कि नोआखाली के सुबरनाचर उपजिला के सुबरनाचर क्लार्क यूनियन में, पूर्व यूनियन परिषद चेयरमैन और अवामी लीग नेता हनीफ चौधरी के भाई जैनुल आबेदीन को स्थानीय लोगों ने याबा (नशीली दवा) के साथ पकड़ा।
अब हमें यह जानना था कि क्या बाराबंकी में किसी मुस्लिम बुजुर्ग के साथ कोई बदसलूकी हुई थी। कीवर्ड सर्च के जरिए हमें ‘भास्कर डॉट कॉम’ पर छपी एक खबर मिली। 17 अगस्त 2026 की इस खबर में बताया गया कि बाराबंकी के एक गांव में जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष हो गया था। इस मामले में 65 वर्षीय शमशेर अली की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। दरअसल, शमशेर अली के घर के सामने करीब 15 बिस्वा जमीन को लेकर गांव के विक्रम सिंह से विवाद चल रहा था। शमशेर अली ने इस जमीन पर धान की फसल लगा रखी थी। आरोप है कि विक्रम सिंह समेत उनके परिवार के अन्य लोग ट्रैक्टर और लाठी-डंडे लेकर खेत पर पहुंचे और धान की फसल जोतने लगे। विरोध करने पर मारपीट की गई। इस घटना में शमशेर अली की मौत हो गई और उसके परिवार के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
विश्वास न्यूज ने जांच के अंत में बांग्लादेश की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट ‘रूमर स्कैनर बांग्लादेश’ के को-फाउंडर मो. साकिउज़्ज़मान से संपर्क किया। उनके साथ वायरल पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि वायरल वीडियो बांग्लादेश का है।
क्या है संदर्भ?
भारत में अक्सर बांग्लादेश के वीडियो को भारतीय मुसलमानों के नाम पर शेयर किया जाता है। विश्वास न्यूज अक्सर ऐसे वीडियो की सच्चाई अपने पाठकों तक फैक्ट चेक के माध्यम से सामने लाता है। वहीं दूसरी ओर, बाराबंकी में 16 अगस्त 2026 को जमीन विवाद में एक शख्स की हत्या कर दी गई थी। हमले में मारे गए शख्स का नाम शमशेर अली था। इस मामले में विक्रम सिंह समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए पांच लोगों को अरेस्ट भी किया जा चुका है।

जांच के अंत में बांग्लादेश के वीडियो को यूपी का बताकर शेयर करने वाले यूजर के प्रोफाइल की जांच की गई। सोशल स्कैनिंग में पता चला कि फेसबुक पर इस यूजर को 13 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 23 मई 2024 को बनाया गया था।
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