नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) का धरना धर्मेंद्र प्रधान के केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन सोशल मीडिया पर अभी भी इससे जुड़ी कई झूठी और भ्रामक पोस्ट शेयर होना बंद नहीं हुए हैं। एक महिला के साथ बदसलूकी और मारपीट करते हुए पुलिसकर्मी की एक तस्वीर अब सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रही है। इस फोटो को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान का बताकर वायरल किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वायरल तस्वीर फर्जी है। असल में इसे बनाने के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। विश्वास न्यूज ने कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े कई सोशल मीडिया पोस्ट की पड़ताल की है। इन्हें यहां पढ़ा जा सकता है।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘rambhawan604’ ने 22 जुलाई 2026 को एक पोस्ट शेयर किया और लिखा, “12-16 साल की लड़कियों के कपड़े फाड़े और उनके ब्रेस्ट पर चढ़कर खूब मारा ! Ye hakate ki hai es logo ne student bacho ke sath.”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
विश्वास न्यूज ने दावे की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले फोटो को गूगल लेंस टूल के जरिए स्कैन किया। यह तस्वीर हमें कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स के अलावा कहीं और नहीं मिली। हमने कीवर्ड्स की मदद से भी गूगल पर सर्च किया। हमें इस वायरल दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट भी नहीं मिली। ऐसे में हमें तस्वीर के एआई से बने होने का संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल फोटो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया। सबसे पहले ‘Hive Moderation’ की मदद से फोटो को सर्च किया गया। हाइव के एनालिसिस में 94 फीसदी तक तस्वीर के एआई से बने होने के संकेत सामने आए।

इसके बाद हमने ‘aiornot’ का इस्तेमाल किया और इस टूल ने वायरल फोटो के एआई से बने होने की करीब 100 फीसदी संभावना जताई।

तस्वीर को हमने तीसरे टूल ‘undetectable.ai’ की मदद से भी जांचा । इस टूल ने भी फोटो के एआई से बने होने की संभावना जताई।

अधिक जानकारी के लिए हमने एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल फोटो में पुलिसकर्मी के हाथ महिला की स्किन के साथ घुलते-मिलते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही, उसके एक पैर का तलवा उसके पैर से काफी दूर दिखाई देता है। उसके बैज पर किसी भी प्रदेश का नाम नहीं लिखा हुआ है। फोटो में दिख रही लाठी भी पुलिसकर्मी के हाथों में घुलती-मिलती दिखाई दे रही है। पीड़ित महिला के चेहरे का हाव-भाव काफी रोबोटिक दिख रहा है। अक्सर ऐसी खामियां एआई से बनाई गई तस्वीरों में देखने को मिलती हैं।
हमने फोटो के बारे में जानने के लिए दिल्ली पुलिस से भी संपर्क किया। दिल्ली पुलिस ने तस्वीर को एआई-निर्मित बताया है।
क्या है संदर्भ?
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ सीजेपी का प्रदर्शन 25 जुलाई 2026 को केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद समाप्त हो गया था। हालांकि, 20 जुलाई को जब कॉकरोच जनता पार्टी ने ‘संसद मार्च’ का आह्वान किया था, तब पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए कई कदम उठाये थे और संसद की तरफ बढ़ रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया था। पुलिस की इस कार्रवाई पर कई सवाल भी उठे हैं। प्रदर्शन में शामिल छात्राओं और महिलाओं के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करने के आरोप भी पुलिस पर लगे हैं। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने फोटो को शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को एक हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में महिला के साथ दुर्व्यवहार करते पुलिसकर्मी की वायरल तस्वीर को फेक पाया। यह तस्वीर असली नहीं है। इसे एआई की मदद से बनाया गया है। फर्जी तस्वीर को अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
The post Fact Check: छात्रों के प्रदर्शन के दौरान महिला के साथ मारपीट करते पुलिसकर्मी की AI तस्वीर वायरल appeared first on Vishvas News.
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