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Fact Check: सीएम रेखा गुप्ता ने धर्मेंद्र प्रधान के लिए भारत रत्न की मांग नहीं की, वायरल दावा फर्जी

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कथित बयान के आधार पर सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक तेजी से वायरल हो रहा है। इस पर नवभारत टाइम्‍स (एनबीटी) का लोगो लगा हुआ है। इसमें  रेखा गुप्ता  की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया है, “धर्मेन्द्र प्रधान जी को भारत रत्न मिलना चाहिए उन्होंने वर्षों से ईमानदारी के साथ भाजपा की सेवा की है।”सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे सीएम रेखा गुप्ता का असली बयान मानकर  शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल ग्राफिक फेक निकला। नवभारत टाइम्‍स के पोस्टकार्ड को एडिट कर इसे बनाया गया है। रेखा गुप्ता की ओर से इस तरह का कोई बयान नहीं दिया गया है। फर्जी ग्राफिक को फेक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Ali Ahmad’ ने 31 जुलाई 2026 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “धर्मेन्द्र प्रधान जी को भारत रत्न मिलना चाहिए उन्होंने वर्षों से ईमानदारी के साथ भाजपा की सेवा की है”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री हैं। अगर सच में यह बयान सही होता, तो उससे जुड़ी कोई न कोई न्यूज रिपोर्ट जरूर मौजूद होती।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एनबीटी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालना शुरू किया। हमें असली पोस्टकार्ड एनबीटी के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मिला। असली पोस्टकार्ड को 23 जून 2026 को शेयर किया गया था। कैप्शन में लिखा है, “मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की 36 वीं बोर्ड मीटिंग में झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। दिल्ली में जो भी झुग्गी बस्ती 1 जनवरी 2025 तक बसी हुई है, उसके निवासियों को पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा।”

पोस्टकार्ड पर लिखा है, “दिल्ली में 1 जनवरी 2025 तक बनी सभी झुग्गी बस्तियों के निवासियों को पुनर्वास का लाभ मिलेगा”- रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री, दिल्ली

दोनों के बीच के अंतर को नीचे देखें।

रेखा गुप्ता के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालने पर हमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर एक पोस्ट उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मिली। 25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे वाली पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, “माननीय श्री @dpradhanbjp जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में हर दायित्व को निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ निभाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी रूप से लागू करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। शिक्षा व्यवस्था में अनेक सार्थक सुधारों को आगे बढ़ाया। भारतीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा मिला, तकनीकी और उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध हुए। राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दिया है। यह निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्र सेवा के उनके सतत् प्रयास निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करें। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।” 

अधिक जानकारी के लिए हमने बीजेपी प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री से संपर्क किया। उन्होंने दावे को फर्जी बताया है। 

क्या है संदर्भ?

नीट-एग्जाम के पेपर लीक होने के खिलाफ जंतर-मंतर पर छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन सीजेपी के बैनर तले  20 जून 2026 से शुरू होकर  25 जुलाई 2026 तक चला था। छात्र पेपर लीक मामले को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। उनके इस्तीफा देने के बाद यह प्रदर्शन खत्म हो गया था। पूरी रिपोर्ट को यहां पर पढ़ा जा सकता है। 

अंत में हमने ग्राफिक को गलत पोस्ट के रूप में शेयर करने वाले फेसबुक अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को छह हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को बिहार का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने धर्मेंद्र प्रधान के लिए भारत रत्न की मांग नहीं की है। वायरल ग्राफिक फर्जी और एडिटेड है। 

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