नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कुछ वीडियो और तस्वीरों को धड़ल्ले से शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये भारत की सीमा में जबरन घुसपैठ करते हुए चीनी सैनिकों के हैं, जिन्होंने भारतीय नागरिकों पर गोलियां भी चलाईं।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। इस दावे के साथ वायरल हो रहा एक वीडियो भारत और बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच हुई नोकझोंक का है, वहीं दूसरा वीडियो मणिपुर में असम राइफल्स की नई चौकी के विरोध में उतरे स्थानीय लोगों का है। इस विरोध में कई ग्रामीण घायल भी हो गए थे।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ने वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा, “#चीन ने #भारत के #अरुणाचल_प्रदेश मैं घुस कर अरुणाचल प्रदेश से #60_किलोमीटर जमीन पर कब्ज़ा कर लिया – और गुरु घंटाल सारी गतिविधियों को #दर_किनार कर अपनी छुट्टियाँ बिताने निकल पड़े हैं विदेश यात्रा पे।”
वहीं एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ‘India blogger SOHIN’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) शेयर करते हुए लिखा, “चीन की सेना ने भारत में गोलीबारी शुरू की।”
पड़ताल
पहला वीडियो
इस वीडियो में एक ओपन बॉर्डर दिख रहा है, जिसमें एक तरफ भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान नजर आ रहे हैं। एक जवान के हाथ में लाल झंडा दिख रहा है। वहीं, दूसरी तरफ खड़े एक जवान के हाथ में नीले रंग का झंडा नजर आ रहा है। वीडियो में बातचीत की भाषा बांग्ला है, जिससे यह वीडियो भारत और बांग्लादेश की सीमा वाले किसी इलाके से संबंधित लगता है।
इस वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें यह ‘@nitesh-579’ यूट्यूब चैनल पर मिला, जो वायरल वीडियो के मुकाबले ज्यादा साफ और स्पष्ट है। इसमें वीडियो रिकॉर्ड करता हुआ व्यक्ति वही है, जो वायरल वीडियो में भी दिख रहा है।
हालांकि, इस वीडियो के साथ कोई अतिरिक्त डिटेल नहीं दी गई है, जिससे इसके लोकेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती है।
कुछ अन्य कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ‘thedhakadiary.com‘ की 20 जून 2026 की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें इस्तेमाल की गई तस्वीर इस वायरल वीडियो से मेल खाती है।

बांग्ला भाषा में लिखी गई इस रिपोर्ट के अनुवाद के मुताबिक, “बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (बीजीबी) का एक जवान सीमा पर घुसपैठ कर रहे भारतीय बीएसएफ जवान को भला-बुरा कहते हुए नजर आया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।”
वायरल वीडियो को लेकर हमने बांग्लादेश के फैक्ट चेकर तौसिफ अकबर से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “वीडियो में नीले रंग का झंडा थामे जवान बीजीबी के हैं।” उन्होंने आगे कहा, “वीडियो में दिख रहे लोग BGB (बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश) के जवान हैं और वे बंगाली बोल रहे हैं।”
यानी हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल हो रहा यह वीडियो भारत-चीन सीमावर्ती इलाके का नहीं, बल्कि भारत-बांग्लादेश सीमा का है।
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, “भारत-बांग्लादेश सीमा पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच तनावपूर्ण झड़पें और तीखी तनातनी की कई घटनाएं हुई हैं। तनाव की यह स्थिति मुख्य रूप से एकतरफा सीमा बाड़ लगाने, लोगों को वापस भेजने या उनके प्रत्यावर्तन और अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिशों का पता चलने जैसे विवादों के कारण पैदा हुई है।”
दूसरा वीडियो
वायरल वीडियो में विशेष पारंपरिक परिधान पहने और हाथों में मशाल लिए महिलाओं को दौड़ते-भागते देखा जा सकता है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि चीनी सेना भारत में प्रवेश करने के बाद स्थानीय लोगों पर गोलियां चला रही है।
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ‘आजतक.इन’ की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें इस वीडियो के विजुअल्स देखे जा सकते हैं।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, “मणिपुर के उखरुल जिले में झड़प की खबर है। रविवार को न्यू हेवन गांव में असम राइफल्स की एक नई चौकी बनने के विरोध में प्रदर्शनकारियों और असम राइफल्स के कर्मियों के बीच झड़प हुई। इसमें कम से कम चार नागरिक घायल हो गए।”
यह रिपोर्ट ‘इंडिया टुडे’ की वेबसाइट पर भी मौजूद है।

इस वीडियो को लेकर हमने स्थानीय उखरुल टाइम्स के एसोसिएट एडिटर खटिंग से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया, “महिलाओं का यह वीडियो उखरुल के तालुई गांव के इलाके का है।” उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि चीन से जुड़ाव वाली बात मनगढ़ंत और झूठी है।
क्या है संदर्भ?
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुए कई अलग-अलग वीडियो में यह दावा किया गया कि चीनी सैनिक भारतीय सीमा में 60 किलोमीटर तक घुसपैठ कर चुके हैं।
इन दावों का सरकार और सेना ने खंडन किया है। भारतीय सेना के बयान के मुताबिक, “हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट देखी हैं, जिनमें आरोप लगाया गया है कि हाल ही में चीनी PLA ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की है और कैंप लगाए हैं। ये रिपोर्ट गलत हैं और इनका कोई आधार नहीं है।”
वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इन दावों को खारिज कर दिया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय इलाके में घुसपैठ की है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्षेत्र में ‘कोई घुसपैठ नहीं’ हुई है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से सीमा पार करने की घटनाएं होती रहती हैं, क्योंकि सीमा स्पष्ट रूप से तय नहीं है।
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रिजिजू ने कहा, “कोई घुसपैठ नहीं हुई है। सीमा तय न होने की वजह से दोनों तरफ से सीमा पार करने की घटनाएं होती रहती हैं।” किरेन रिजिजू अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं।
विदेश मामलों से संंबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट को विश्वास न्यूज के दुनिया सेक्शन में पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: भारतीय सीमा के अंदर 60 किलोमीटर तक चीन की सेना के घुसपैठ करने का दावा फेक है और इस दावे से वायरल हो रहे वीडियो अन्य घटनाओं से संबंधित हैं, जिनका भारत-चीन सीमा से कोई लेना-देना नहीं है।
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