नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। तीन युवकों की पिटाई करती पुलिस का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ पुलिसकर्मी तीन युवकों की डंडों से पिटाई कर रहे हैं। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम का है। ये तीनों युवक कॉलेज की लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करते थे और उन्हें रोजाना परेशान करते थे। शिकायत मिलने पर आंध्र प्रदेश पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस की तरह कार्रवाई की और युवकों को सरेआम सबके सामने पीटकर उन्हें सबक सिखाया।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ। असल में वायरल वीडियो आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले का है और करीब एक साल पुराना है। दरअसल, ये तीनों युवक पुलिस कॉन्स्टेबल पर हमले के आरोपी थे। फिर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इनकी सरेआम पिटाई की थी। पहले भी यह वीडियो गलत दावे के साथ वायरल हो चुका है। विश्वास न्यूज ने इसकी पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी थी।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘यदुवंशी वजीराव पारकना’ ने 15 जून 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “महाराज जी मुख्यमंत्री तो बस एक यूपी के बने हैं पर उनकी बजह से माहौल पूरे देश का ख़राब हों गया है.. प्रदेश कोई भी हों मुख्यमंत्री कोई भी हों पब्लिक उनसें सिर्फ़ योगी एक्शन की ही माँग करती है..विशाखापत्तनम में ये तीन लड़के रोज़ कॉलेज आने जाने वाली लड़कियों को छेड़ते थे जिसकी वजह से कई लड़कियों ने पढ़ाई छोड़ दी…फिर आंध्र पुलिस ने कॉलेज की लड़कियों को परेशान करने के लिए 3 युवकों को लाठियों से सरेआम पीट उन्हें यूपी पुलिस की याद दिला दी।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल वीडियो पहले भी एक अलग दावे के साथ वायरल हो चुका है। विश्वास न्यूज ने उस दौरान भी इसकी जांच कर सच्चाई सामने रखी थी। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने पहले भी इसके की-फ्रेम्स निकालकर उन्हें रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया था। तब हमें असली वीडियो आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के आधिकारिक एक्स प्रोफाइल पर मिला था। वीडियो को 27 मई 2025 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वाईएस जगन मोहन रेड्डी, राज्य पुलिस की कार्रवाई को लेकर मौजूदा एन चंद्रबाबू नायडू सरकार पर निशाना साध रहे थे।
पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट ‘एनडीटीवी’ की वेबसाइट पर 28 मई 2025 को प्रकाशित की हुई मिली थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो आंध्र प्रदेश के तेनाली का है। दरअसल, विक्टर, बाबूलाल और राकेश नाम के तीन युवक एक स्थानीय डॉन लड्डू के लिए काम करते हैं, जिन्होंने एटानगर में ड्रग्स के नशे में धुत होकर पुलिस कॉन्स्टेबल चिरंजीवी पर हमला किया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को सरेआम पिटा था।

अधिक जानकारी के लिए हमने उस समय हैदराबाद स्थित स्थानीय टीवी पत्रकार नूर मोहम्मद से संपर्क किया था। उन्होंने हमें बताया था कि यह वीडियो आंध्र प्रदेश में गुंटूर जिले के तेनाली क्षेत्र में हुई कार्रवाई का है। पुलिस ने एक कॉन्स्टेबल पर कथित रूप से हमला करने के आरोपियों की सरेआम डंडों से पिटाई की थी।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 15 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक खास विचारधारा से प्रभावित पोस्ट शेयर करता है। प्रोफाइल में यूजर ने खुद को एमपी का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में पाया गया कि तीन युवकों की सरेआम पिटाई करती हुई पुलिस के वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले का है और करीब एक साल पुराना है। दरअसल, ये तीनों युवक एक पुलिस कॉन्स्टेबल पर हमले के आरोपी थे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इनकी सरेआम पिटाई की थी।
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