नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 28 मई को 17 वर्षीय सूर्या प्रताप की असद नाम के एक शख्स ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इसी हत्याकांड से जोड़ते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस को दो लोगों को पकड़कर ले जाते हुए देखा जा सकता है। दोनों के हाथों और पैरों में हथकड़ियां लगी हुई हैं और वे लंगड़ाकर चल रहे हैं। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह गाजियाबाद में हुए सूर्या हत्याकांड के आरोपियों का है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में इस वीडियो का सूर्या हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है। यह वीडियो मध्य प्रदेश के मंदसौर का है और करीब दो महीने पुराना है। दरअसल, रोहित भाटी और युवराज नाम के दो लोगों पर 19 वर्षीय युवक अरुण की हत्या करने का आरोप था। उसी घटना के पुराने वीडियो को अब सूर्या हत्याकांड के नाम से वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Vinay Singh’ ने 1 जून 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “गाजियाबाद सूर्या मर्डर मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर करने एवं बांकी आरोपियों को लंगड़ा बना कर सड़क पर भव्य परेड निकालकर जेल भेजने के बाद सूर्या चौहान की माँ को सरकार ने मदत की एक मकान, 5 लाख रुपये, सरकारी नौकरी।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम निकालकर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘Chinmay’ नाम के फेसबुक अकाउंट पर मिला। वीडियो को 8 अप्रैल 2026 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह वीडियो मध्य प्रदेश के मंदसौर का है। गांधी चौराहे पर एक शख्स की चाकू मारकर हत्या करने पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर उनका जुलूस निकाला था।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल दावे से जुड़ा एक वीडियो ‘IBC24 Jankarwan’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला। इसे 9 अप्रैल 2026 को शेयर किया गया था। यहां मौजूद रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो मध्य प्रदेश के मंदसौर का है और 19 वर्षीय अरुण के हत्याकांड से संबंधित है।
पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी रिपोर्ट्स ‘दैनिक भास्कर’ और ‘अमर उजाला’ की वेबसाइट पर मिलीं। इन रिपोर्ट्स को 6 अप्रैल 2026 को प्रकाशित किया गया था।इनके अनुसार, मध्य प्रदेश के मंदसौर के गांधी चौराहे पर 19 वर्षीय अरुण की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। आपसी रंजिश के चलते अरुण पर रोहित भाटी और युवराज माली नाम के दो युवकों ने चाकू से हमला कर दिया था। इसके बाद अरुण को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। गुस्साए लोगों ने इस हत्याकांड को लेकर उग्र प्रदर्शन और हंगामा किया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़कर उनका जुलूस निकलवाया था।

अधिक जानकारी के लिए हमने ‘दैनिक जागरण’ गाजियाबाद के रिपोर्टर राहुल कुमार से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। यह वीडियो सूर्या हत्याकांड का नहीं है।
क्या है संदर्भ?
गौरतलब है कि गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते 28 मई 2026 को सूर्या प्रताप की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। असद और सूर्या के बीच कहासुनी हो गई थी। यह बात जब असद ने अपने पिता को बताई, तो उसके पिता ने सूर्या को सबक सिखाने की सलाह दी। इसके बाद असद ने कुछ लोगों के साथ मिलकर सूर्या की हत्या कर दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश में शामिल मुख्य आरोपी के पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार किया है। पुलिस के साथ आरोपियों की मुठभेड़ में असद की मौत हो गई। पूरी रिपोर्ट को यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को सात हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि हथकड़ियां पहनाकर जुलूस निकालते आरोपियों के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो गाजियाबाद में हुए सूर्या हत्याकांड का नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के अरुण हत्याकांड का है।
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