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Fact Check: वाराणसी के घाटों को नहीं किया गया बंद, FAKE दावा वायरल

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी के घाटों को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कारणों के चलते वाराणसी के सभी घाटों को रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक बंद कर दिया गया है। इस दौरान आम लोगों के घाटों पर आने-जाने पर प्रतिबंध रहेगा। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। वायरल पोस्ट पूरी तरह बेबुनियाद और फर्जी साबित हुई। शासन-प्रशासन की ओर से ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है।

क्या है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘करण साहनी’ ने 19 मई 2026 को एक पोस्ट में दावा किया, “BIG BREAKING बनारस के सभी घाट रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक बंद! सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कारणों से फैसला। रात में घाटों पर आने-जाने पर रहेगी रोक। नागरिकों और पर्यटकों से नियमों का पालन करने की अपील।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट में किए गए दावे की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। कीवर्ड के जरिए सर्च करने पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे की पुष्टि कर सके। सर्च के दौरान वाराणसी की स्थानीय न्यूज वेबसाइट ‘भदैनी मिरर’ पर एक खबर मिली। इसमें वायरल मैसेज को फर्जी बताया गया है। 19 मई 2026 की इस खबर में डीसीपी गौरव बंसवाल के हवाले से बताया गया कि बनारस के घाटों के बंद होने की खबर पूरी तरह अफवाह है। सभी घाट 24 घंटे खुले हुए हैं।

सर्च के दौरान हमें एएनआई हिंदी न्यूज के एक्स हैंडल पर डीसीपी गौरव बंसवाल का वर्जन मिला। 20 मई 2026 की इस पोस्ट में वायरल मैसेज का खंडन करते हुए लिखा गया कि वाराणसी, उत्तर प्रदेश: काशी ज़ोन के DCP गौरव बंसवाल ने बताया, “कई सोशल मीडिया चैनलों पर यह भ्रामक खबर चलाई जा रही है कि वाराणसी के घाट प्रशासनिक और पुलिस कारणों से रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक बंद कर दिए गए हैं। यह सूचना पूरी तरह से गलत है, इसका पूर्ण रूप से खंडन किया जाता है और वाराणसी के घाट 24 घंटे पर्यटकों, श्रद्धालुओं व वाराणसी के लोगों के लिए खुले रहते हैं। लगातार पुलिस द्वारा सभी घाटों पर गश्त की जाती है। सुरक्षा प्रदान करने की दृष्टि से पुलिस इन सभी घाटों पर लगातार सक्रिय रहती है और ऐसी कोई भी भ्रामक सूचना यदि कोई फैलाएगा तो उसके ऊपर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

जांच के दौरान हमने ‘दैनिक जागरण’, वाराणसी के अखबार को स्कैन किया। यदि वायरल दावे जैसा कोई फैसला होता तो अखबार में प्रकाशित होता। हमें वहां भी ऐसी कोई खबर नहीं मिली। 20 मई 2026 को प्रकाशित एक खबर में जरूर यह बताया गया कि वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कुछ अफसरों के साथ घाटों का दौरा किया था। इस दौरे का मकसद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था। पूरी खबर में घाट को बंद करने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए काशी जोन के डीसीपी गौरव बंसवाल से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वाराणसी के सभी घाट हमेशा की तरह आम जनता के लिए 24 घंटे खुले हैं। वायरल मैसेज पूरी तरह से फर्जी है।

क्या है संदर्भ?

वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने 19 मई 2026 को गंगा में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। इस दौरान उन्होंने दशाश्वमेध, नमो, असि घाट और गोदौलिया क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए पैदल गश्त की थी।

जांच के अंत में फर्जी दावा करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि करण साहनी नाम के इस यूजर को फेसबुक पर पांच लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर मिर्जापुर का रहने वाला है। यह अकाउंट जुलाई 2019 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वाराणसी के घाटों को रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक बंद करने का दावा फर्जी साबित हुआ। ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। वायरल पोस्ट पूरी तरह से फर्जी है। वाराणसी पुलिस ने भी इसका खंडन किया है।

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