नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 2029 के आम चुनाव से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा लाया गया 131वां संविधान संशोधन बिल वोटिंग के बाद गिर गया। यह बिल महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए लाया गया था। अब इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। इसमें कुछ लोगों को सैनिटरी पैड फाड़ते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जामा मस्जिद के सामने सैनिटरी पैड फाड़कर महिला आरक्षण का विरोध किया।
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की विस्तार से जांच की। पता चला कि पाकिस्तान के पेशावर में अक्टूबर 2023 में इजरायल के खिलाफ एक प्रदर्शन हुआ था। उसी वक्त के वीडियो को अब भारत का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
‘मनीष गुप्ता’ नाम के एक फेसबुक यूजर ने 20 अप्रैल 2026 को एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “महिला आरक्षण बिल के विरोध में सपाह-ख़ांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने झामा मच्जिद के सामने “सैनिटरी पैड” फाड़कर प्रदर्शन किया..जुम्मे के दिन किसी ने अफवाह फैला दी कि ये बिल इछ्लाम के खिलाफ है। जालिमों ने मुँह से ही सैनिटरी पैड फाड़ डाले।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो को ध्यान से देखा। इसकी क्वालिटी देखकर हमें इस वीडियो पर शक हुआ। जांच को आगे बढ़ाते हुए इसके कई कीफ्रेम्स निकाले गए। फिर इन्हें सर्च किया गया। यही वीडियो हमें पुरानी तारीखों में पाकिस्तान के नाम पर मिला।
अंशुल सक्सेना नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को 14 अक्टूबर 2023 को पोस्ट करते हुए इसे पाकिस्तान का बताया। पोस्ट में बताया गया कि पाकिस्तान में हमास के समर्थन में लोगों ने इजरायल के झंडे को खाकर विरोध जताया।
सर्च के दौरान हमें यही वीडियो एक फेसबुक पेज ‘LS News’ पर भी मिला। इसमें उर्दू में लिखा है कि वीडियो पेशावर में फिलिस्तीन के समर्थन में आयोजित एकजुटता मार्च के दौरान का है। जांच में पता चला कि फेसबुक पेज LS News पाकिस्तान के पेशावर से संचालित होता है। असली वीडियो 15 अक्टूबर 2023 को अपलोड किया गया था।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम के सदस्य गिरिश कुमार से संपर्क किया और उनके साथ वायरल वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो का कांग्रेस के किसी भी प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। इस तरह का प्रदर्शन कांग्रेस की ओर से नहीं किया गया है।
क्या है संदर्भ?
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 2029 के आम चुनाव से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सरकार द्वारा लाया गया 131वां संविधान संशोधन बिल वोटिंग के बाद गिर गया। यह बिल महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए लाया गया था। इसे दो तिहाई बहुमत नहीं मिल पाने के कारण यह गिर गया। मत विभाजन के दौरान कुल 528 वोट पड़े। इनमें समर्थन में 298 व विरोध में 230 वोट पड़े। पीआईबी के अनुसार, “लोकसभा में संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 पेश किए गए, जिनका उद्देश्य क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन द्वारा लोकसभा और विधान सभाओं में महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करना था। संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 को भारत के संविधान के अनुच्छेद 368(2) के अनुसार विचार के लिए आवश्यक बहुमत प्राप्त नहीं हो सका, इसलिए इस पर आगे कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके अलावा, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 से संबंधित दो विधेयकों पर भी आगे कोई कार्यवाही नहीं हुई।”
जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि यूजर ‘मनीष गुप्ता’ को फेसबुक पर दो हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर राजस्थान के अलवर का रहने वाला है। यह अकाउंट फरवरी 2017 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। महिला आरक्षण के विरोध के नाम पर पाकिस्तान का पुराना वीडियो वायरल किया गया। इसका भारत से कोई संबंध नहीं है।
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