नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के नए पीएम बालेन्द्र शाह को भारत आने का न्योता दिया है। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें बालेन्द्र शाह की तस्वीर के साथ लिखा है, ”उन्होंने कहा है कि वह भारत सरकार से तब हाथ मिलाएंगे, जब भारत को रामराज घोषित कर दिया जाएगा।” यह भी दावा किया जा रहा है कि उन्होंने नेपाल में सभी ईदगाहों, मस्जिदों और दरगाहों को ध्वस्त करने के आदेश भी जारी किए हैं।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल दावा गलत निकला। बालेन्द्र शाह ने ऐसा कोई बयान या आदेश नहीं दिया है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘hindusanatani_sher’ ने 12 अप्रैल 2026 को वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर किया है। इसमें लिखा है, “बालेन शाह का सनसनीखेज बयान, बालेन शाह ने कहा, मैं भारत सरकार से इसी शर्त पर हाथ मिलाऊंगा कि वह पूरे भारत को रामराज घोषित करे। हमने प्रधानमंत्री की शपथ लेते ही नेपाल में सभी ईदगाह, मस्जिद और दरगाह को ध्वस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। जल्द ही नेपाल जिहादी मानसिकता से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। नेपाल सदा हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने गूगल पर कीवर्ड से सर्च किया, लेकिन ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली, जिससे साबित हो सके कि नेपाल के पीएम ने भारत के लिए ऐसी कोई शर्त रखी है।
गूगल सर्च में हमें नेपाल में सभी ईदगाहों, मस्जिदों और दरगाहों को ध्वस्त करने का आदेश जारी करने वाले दावे की पुष्टि करने वाली भी कोई रिपोर्ट नहीं मिली।
बालेन्द्र शाह के एक्स अकाउंट पर भी हमें ऐसी कोई पोस्ट नहीं मिली। 26 मार्च 2026 के बाद उन्होंने कोई भी पोस्ट नहीं की है।
नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय के एक्स हैंडल से 28 मार्च 2026 को पोस्ट कर भारत के पीएम मोदी की शुभकामनाओं के जवाब में धन्यवाद दिया गया है। साथ ही लिखा है, “हमारे लोगों की साझा समृद्धि के लिए, हमारे दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने हेतु आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।”
इसके अलावा इस अकाउंट से भी ऐसी कोई पोस्ट नहीं की गई है, जिससे वायरल दावे की पुष्टि हो सके।
क्या है संदर्भ?
‘द काठमांडू पोस्ट’ की वेबसाइट पर 11 अप्रैल 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि भारत के पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को भारत आने का न्योता दिया है। 27 मार्च को बालेन्द्र शाह के पदभार ग्रहण करते ही मोदी ने अपने बधाई संदेश में यह न्योता दिया था। पीएम ने न्योता स्वीकार कर लिया है, लेकिन यह यात्रा तभी होगी जब दोनों पक्ष तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर अपना ‘होमवर्क’ पूरा कर लेंगे, ताकि इससे ठोस नतीजे मिल सकें।”

27 मार्च 2026 को नरेंद्र मोदी के एक्स हैंडल से पोस्ट कर बालेन्द्र शाह को नेपाल का पीएम बनने पर बधाई दी गई थी।
इस बारे में हमने दैनिक जागरण में विदेश मामले कवर करने वाले विशेष संवाददाता जेपी रंजन से संपर्क किया। उन्होंने वायरल दावे को फेक बताते हुए कहा कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
इस बारे में हमने नेपाल के स्वतंत्र पत्रकार अनुज अरोड़ा से संपर्क किया है। उनका जवाब आते ही खबर को अपडेट कर दिया जाएगा।
फेक पोस्ट शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। 2019 में बने इस अकाउंट के 87 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: नेपाल के पीएम बालेन्द्र शाह ने भारत के सामने रामराज्य घोषित करने की कोई शर्त नहीं रखी है और न ही सभी मस्जिदों व ईदगाहों को गिराने का आदेश दिया है। सोशल मीडिया पर फेक पोस्ट वायरल हो रही है।
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