नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। एक गाय द्वारा एक बच्ची को बचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ट्रेन तेज रफ्तार से आ रही है और पटरी के पास ही एक छोटी-सी बच्ची रोती हुई खड़ी है। कुछ देर बाद एक गाय आकर बच्ची को ट्रेन से टकराने से बचा लेती है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में वायरल वीडियो और उसके साथ किए जा रहे दावे को फेक पाया। वायरल वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है। इस वीडियो को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स यूजर ‘Ashok Shera’ ने 16 अप्रैल 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “यह वीडियो विचलित कर देने वाला है लेकिन कहते हैं ना आपका जीवन बचाने वाला भगवान किसी रूप में आकर आपको बचा लेता है।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकालकर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली। साथ ही, वायरल वीडियो में कई चीजें हमें अटपटी नजर आईं । वीडियो में ट्रेन तेज रफ्तार से आती दिख रही है, लेकिन आस-पास हवा का दबाव नजर नहीं आ रहा है। असलियत में जब ट्रेन तेज रफ्तार से आती है, तो आस-पास तेज हवा चलती है और चीजें उड़ती हैं, हालांकि, बच्ची के कपड़ों में कोई हलचल नहीं होती है। हैं। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि गाय ट्रेन से टकराती है और उसे कुछ भी नहीं होता है। इतना ही नहीं ट्रेन के सिर्फ तीन ही डब्बे हैं। ऐसे में हमें वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स के जरिए भी जांचा। हमने ‘Hive Moderation’ टूल का इस्तेमाल किया और इस टूल ने वीडियो के 89 फीसदी एआई से बने होने की संभावना जताई।

हमने वीडियो को एक अन्य टूल ‘BitMind’ की मदद से भी सर्च किया। इस टूल ने वीडियो के 91 फीसदी तक एआई से बने होने के संकेत दिए।

हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को अन्य एआई डिटेक्शन टूल की मदद से जांचा। हमने ‘decopy’ का इस्तेमाल किया और इस टूल ने 86 फीसदी तक कीफ्रेम्स के एआई से बने होने के संकेत दिए।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ कई अन्य डिटेक्शन टूल्स के एनालिसिस शेयर किए। इनमें ‘साइट इंजन’ की एनालिसिस ने 66 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने के संकेत दिए।
डीएयू की टीम ने हमें अपने एनालिसिस में यह भी बताया कि आमतौर पर, किसी भी भारतीय ट्रेन पर उसका नंबर आगे की ओर छपा होता है। इस वीडियो में ट्रेन का नंबर नजर नहीं आ रहा है। बच्ची के हाव-भाव भी काफी रोबोटिक नजर आ रहे हैं। इस तरह की घटना का चुपचाप रिकॉर्ड होना संभव नहीं है। ये सभी बातें इस ओर इशारा करती हैं कि यह वीडियो वास्तविक फुटेज नहीं है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले एक्स यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को एक लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को राजस्थान का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि बच्ची को ट्रेन से बचाती गाय का वीडियो फर्जी है। वायरल वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है। इस वीडियो को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है।
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