नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। केरल (केरलम) में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख नजदीक आ रही है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार करने में लगे हुए हैं। इसी से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक कथित तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इस फोटो में उन्हें कुछ नारियल पकड़े हुए देखा जा सकता है। साथ ही, आस-पास कुछ फोटोग्राफर भी खड़े हैं। इस तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए पीएम मोदी की ओर से किए गए एक दौरे के दौरान की है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। पीएम मोदी की वायरल तस्वीर गूगल AI की मदद से बनाई गई है। जांच में इस तस्वीर में ‘सिंथआईडी’ (SynthID) के डिटेक्ट होने की पुष्टि हुई।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘जावेद अहमद’ ने 6 अप्रैल 2026 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “परिधान-मंत्री – रील बनवाते हुए, केरलम – केरलम ..पूरे विश्व में इनसे बड़ा एक्टर है क्या कोई।।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
इस तस्वीर की हकीकत जानने के लिए हमने गूगल पर कई कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली। हमने गूगल रिवर्स इमेज की मदद से भी सर्च किया, लेकिन हमें दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट भी नहीं मिली। यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स खंगालने पर भी हमें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली। ऐसे में फोटो के एआई से बने होने का हमें संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने तस्वीर को गूगल के ‘सिंथआईडी’ डिटेक्टर की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस में इस तस्वीर के कुछ या सभी हिस्सों में सिंथआईडी के डिटेक्ट होने (Very High: सिंथआईडी कॉन्फिडेंस) की पुष्टि हुई।

सिंथआईडी, गूगल के एआई मॉडल्स द्वारा तैयार किए गए एआई-जनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने और उन्हें पहचानने का एक टूल है। यानी जब भी गूगल का कोई AI टूल कोई तस्वीर बनाता है, तो सिंथआईडी उसमें एक डिजिटल वॉटरमार्क छिपा देता है। यह वॉटरमार्क हमारी आंखों से दिखाई नहीं देता है, लेकिन सिंथआईडी डिटेक्टर इसे पहचान लेता है।
हमने फोटो को जांचने के लिए एक अन्य टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ का भी इस्तेमाल किया। इस टूल ने भी फोटो के 99 फीसदी तक एआई से बने होने के संकेत दिए।

अधिक जानकारी के लिए हमने बीजेपी प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि चुनाव में बीजेपी की छवि खराब करने के लिए विपक्षी दल इस तरह की तस्वीरों को शेयर कर रहे हैं। ये तस्वीरें वे एआई का इस्तेमाल कर बना रहे हैं। पीएम मोदी के असम दौरे को लेकर भी इस तरह की फर्जी तस्वीर वायरल हो चुकी है।
क्या है संदर्भ?
दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 4 अप्रैल 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, केरल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां जनसभा की थी और लेफ्ट पर जोरदार हमला बोला था।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने देश के चार राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है। 15 मार्च 2026 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में तारीखों का ऐलान किया था। असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होंगे। परिणामों की घोषणा 4 मई को की जाएगी।
फरवरी 2026 में, भारत सरकार ने केरल राज्य का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर ‘केरलम’ (Keralam) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
अंत में हमने फोटो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को एक हजार से ज्यादा लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को श्रीनगर का रहने वाला बताया है। यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करता है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि नारियल पकड़े हुए तस्वीर खिंचवाते पीएम मोदी की फोटो फेक है। पीएम मोदी की वायरल हो रही यह तस्वीर गूगल AI की मदद से बनाई गई है।
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