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Fact Check: बहरीन में Amazon के डाटा सेंटर पर ईरानी हमले का वायरल वीडियो AI-निर्मित

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ईरान ने एक अप्रैल 2026 को बहरीन में मौजूद अमेरिकी कंपनी अमेजन के डाटा सेंटर पर हमला किया। इससे जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अमेजन की बिल्डिंग को टूटे-फूटे हालत में देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर कर यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह हाल ही में हुए हमले का है। 

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। यह सही है कि ईरान ने बहरीन में अमेजन के डाटा सेंटर को निशाना बनाया है, लेकिन वायरल वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है। इस वीडियो को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है। 

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Tripti Speaks’ ने 2 अप्रैल 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “बहरीन में Amazon के क्लाउड कंप्यूटिंग डेटा सेंटर पर ईरानी हमला। IRGC ने बहरीन के Batelco पर मिसाइलें दागीं जहां AWS इंफ्रास्ट्रक्चर है, इससे सर्वर क्षतिग्रस्त हुए और सेवाएं बाधित हो गईं।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकालकर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली। ऐसे में हमें वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो को गूगल के ‘सिंथआईडी’ डिटेक्टर की मदद से चेक किया। इसकी एनालिसिस में इस वीडियो के कुछ या सभी हिस्सों में सिंथआईडी के डिटेक्ट होने (Very High: सिंथआईडी कॉन्फिडेंस) की पुष्टि हुई।

सिंथआईडी, गूगल के एआई मॉडल्स द्वारा तैयार किए गए एआई-जनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने और उन्हें पहचानने का एक टूल है। यानी जब भी गूगल का कोई AI टूल कोई तस्वीर बनाता है, तो सिंथआईडी उसमें एक डिजिटल वॉटरमार्क छिपा देता है। यह वॉटरमार्क हमारी आंखों से दिखाई नहीं देता, लेकिन सिंथआईडी डिटेक्टर इसे पहचान लेता है।

हमने वीडियो को एक अन्य टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ की मदद से भी डिटेक्ट किया। इस टूल ने 63 फीसदी तक वीडियो के एआई से क्रिएटेड होने की पुष्टि की।

अधिक जानकारी के लिए हमने एआई टेक्नोलॉजी में काम कर रहे एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वीडियो में बिल्डिंग का सिर्फ एक ही हिस्सा डैमेज दिखाया गया है, यह काफी अटपटा है और एआई-निर्मित लगता है। अमेजन के लोगो पर जब धुआं पड़ता है, तो वह हिल जाता है। वीडियो में नजर आ रही गाड़ियां भी रोबोटिक लग रही हैं।

क्या है संदर्भ?

Reuters‘ की वेबसाइट पर 1 अप्रैल 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन में अमेजन (AMZN.O) के क्लाउड कंप्यूटिंग ऑपरेशन पर ईरान ने मिसाइल से हमला किया है। ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने पहले ही इस हमले की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका की जो भी कंपनियां हैं, जैसे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एप्पल, उन्हें निशाना बनाया जाएगा। 

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के फेसबुक अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को लगभग एक हजार लोग फॉलो करते हैं।

 ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि अमेजन के डाटा सेंटर पर ईरान की ओर से किए गए हमले का वीडियो एआई-निर्मित है। वायरल वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है, बल्कि इसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है। 

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