नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की कुंडा विधानसभा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को लेकर सोशल मीडिया पर 35 सेकंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो राजा भैया के फार्महाउस का है। वीडियो में सैकड़ों की तादाद में मगरमच्छों को देखा जा सकता है। इस वीडियो को राजा भैया के फार्महाउस का समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स इसे शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की विस्तार से जांच की। यह फर्जी साबित हुआ। यह विदेश में मगरमच्छ पालन (क्रोकोडाइल फार्मिंग) का वीडियो है। इसका राजा भैया से कोई संबंध नहीं है। दुनिया के कई देशों में खाल और मांस के लिए मगरमच्छों का पालन किया जाता है। भारत में यह गैरकानूनी है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक पेज ‘Bhartiya loktantrik morcha UP’ ने 18 मार्च 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया, “Viral Video: राजा भैया के फार्महाउस का सीक्रेट, वीडियो में देखिये मगरमच्छों की दुनिया।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो को सबसे पहले ध्यान से स्कैन किया। वीडियो के ऊपर हमें डायनामाइट न्यूज लिखा हुआ नजर आया। इसके आधार पर हमने इसके फेसबुक पेज पर इस वीडियो को सर्च किया। पेज से इस वीडियो को रिमूव कर दिया गया है।

हमें इस वीडियो में एक हाईराइज बिल्डिंग नजर आई, जबकि राजा भैया का विधानसभा क्षेत्र कुंडा एक ग्रामीण इलाका है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वीडियो की सच्चाई जानने के लिए इसके कई ग्रैब्स निकाले गए, फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें यह वीडियो एक एक्स हैंडल पर मिला।
‘Wild Wild’ नाम के एक्स हैंडल ने इस वीडियो को 15 मार्च 2026 को अपलोड करते हुए इसे क्रोकोडाइल फार्मिंग का बताया। यह अकाउंट अफ्रीका से संचालित होता है।
लल्लनटॉप को दिए गए एक इंटरव्यू में राजा भैया ने मगरमच्छ से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए बताया था कि उनका 600 बीघा का एक तालाब है, जिसमें वह मछली पालन करते हैं।
वायरल वीडियो के ऊपर हमें ‘डायनामाइट न्यूज’ लिखा हुआ नजर आया। इसके आधार पर हमने इसके फेसबुक पेज पर इस वीडियो को सर्च किया। पेज से इस वीडियो को रिमूव कर दिया गया है।
विश्वास न्यूज ने ‘डाइनामाइट न्यूज’ के संस्थापक और प्रधान संपादक मनोज टिबरेवाल ‘आकाश’ से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि इस वीडियो की सत्यता सामने आने के बाद इसे हटा दिया गया है।
दुनिया के कई देशों में मगरमच्छों को मांस और खाल के लिए बकायदा पाला जाता है। भारत में ऐसा संभव नहीं है, क्योंकि यहां मगरमच्छ और घड़ियाल पालना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत गैरकानूनी है। इनके संरक्षण, प्रजनन और पालन-पोषण का जिम्मा केवल सरकार के पास है।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, प्रयागराज के संपादकीय प्रभारी राकेश पांडेय से संपर्क किया। उनके साथ वायरल वीडियो को साझा किया। उन्होंने इसे फर्जी बताया।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह साबित हो गया कि वायरल वीडियो का राजा भैया से कोई संबंध नहीं है। विदेश के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया गया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में यूपी के कुंडा के विधायक राजा भैया के फार्महाउस के नाम पर वायरल वीडियो विदेश में क्रोकोडाइल फार्मिंग का वीडियो साबित हुआ।
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