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Fact Check: ईरान को धमकाने के दावे से वायरल विदेश मंत्रालयय के प्रवक्ता का वीडियो डीपफेक, पाकिस्तानी यूजर्स फैला रहे प्रोपेगेंडा

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। इजरायल-अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है। इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कथित तौर पर इस युद्ध में इजरायल का समर्थन करते हुए ईरान को धमकी दी है। वायरल वीडियो में उन्हें कथित तौर पर इजरायल को समर्थन देते हुए ईरान को चेताते हुए सुना जा सकता है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया और इसके साथ वायरल हो रहा जायसवाल का वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि डीपफेक है। विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग के एक वीडियो क्लिप को एडिट कर उसमें रणधीर जायसवाल की आवाज वाली एआई-क्रिएटेड ऑडियो क्लोन को जोड़कर फेक दावा किया जा रहा है। पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स इस डीपफेक वीडियो को शेयर कर प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Melts in Oven’ ने वायरल वीडियो क्लिप (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “Breaking News: Randhir Jaiswal, Spokesperson, MEA threatens Tehran for the first time, “There should be no doubt that India will first confirm that Iran is involved in doing such attacks and if confirmed, Iran will get a reply harsher than Pakistan. India does not endorse terrorism and Iran will not be spared for any act of aggression towards India.”

(विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पहली बार तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा,  ”इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि भारत सबसे पहले इस बात की पुष्टि करेगा कि क्या ईरान इस तरह के हमलों में शामिल है; और यदि इसकी पुष्टि हो जाती है, तो ईरान को पाकिस्तान से भी कहीं सख्त जवाब दिया जाएगा। भारत आतंकवाद का समर्थन नहीं करता, और भारत के प्रति किसी भी आक्रामक कार्रवाई के लिए ईरान को बख्शा नहीं जाएगा।”)

सोशल मीडिया पर फेक दावे से वायरल वीडियो वाले पोस्ट का स्क्रीनशॉट।

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो क्लिप करीब एक मिनट का है, जिसमें जायसवाल को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, “To answer your question, India completely and unequivocally stands with Israel in this war. I believe Prime Minister Modi has made this clear multiple times. So there should not be any doubts. We have heard of conflicting reports which claim that Iran has targeted some commercial ships coming towards India. As far as our position is concerned, there should be no doubt that India will first confirm that Iran is involved in doing such attacks and if confirmed, Iran will get a reply harsher than Pakistan. India does not endorse terrorism and Iran will not be spared for any act of aggression towards India. I hope this answers your query.”

(“आपके सवाल का जवाब यह है कि इस युद्ध में भारत पूरी तरह से और बिना किसी हिचकिचाहट के इजरायल के साथ खड़ा है। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कई मौकों पर इसे स्पष्ट किया है। इसलिए, इस बारे में कोई शक नहीं होना चाहिए। हमें कुछ ऐसी विरोधाभासी रिपोर्टें मिली हैं, जिनमें दावा किया गया है कि ईरान ने भारत की ओर आ रहे कुछ व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया है। जहां तक हमारे रुख की बात है, इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि भारत सबसे पहले इस बात की पुष्टि करेगा कि क्या इन हमलों में ईरान का हाथ है; और अगर इसकी पुष्टि हो जाती है, तो ईरान को पाकिस्तान से भी सख्त जवाब दिया जाएगा। भारत आतंकवाद का समर्थन नहीं करता है, और भारत के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामकता के लिए ईरान को बख्शा नहीं जाएगा। मुझे उम्मीद है कि इससे आपके सवाल का जवाब मिल गया होगा।”)

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से भारत सरकार का विदेश मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास फंसे भारतीय कार्गो के बारे में लगातार ब्रीफिंग करता रहा है। सर्च में हमें न तो ऐसी कोई रिपोर्ट मिली, जिसमें ईरान के, भारतीय कार्गो को निशाना बनाए जाने का जिक्र हो। साथ ही, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी हमें ऐसी कोई ब्रीफिंग नहीं मिली, जिसमें विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के ईरान को कथित तौर पर धमकाने का जिक्र हो।

इस जानकारी के आधार पर वायरल वीडियो के एआई-क्रिएटेड होने का संदेह होता है। इसलिए हमने एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से इस वीडियो की जांच की। स्विस डीपटेक कंपनी ‘ऑरिजिन.एआई’ की एनालिसिस इस मल्टीमीडिया के ऑडियो क्लिप में कई जगह एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि करती है।

Source-Aurigin.ai

इसके बाद हमने इसे एक अन्य टूल की मदद से चेक किया। बफलो यूनिवर्सिटी के ‘डीपफेक-ओ-मीटर’ के कई इंडिकेटर्स ने इस वीडियो में एआई छेड़छाड़ की अधिकतम संभावना की पुष्टि की। ‘AVSRDD’ (2025) डिटेक्टर ने इस मल्टीमीडिया के करीब 100 फीसदी, ‘LIPINC’ (2024) ने करीब 100 फीसदी, ‘LSDA’ (2024) ने करीब 70 फीसदी, ‘TALL’ (2023) ने करीब 100 फीसदी और ‘XCLIP’ (2022) ने करीब 80 फीसदी एआई-क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि की।

यानी वायरल वीडियो में इस्तेमाल किया गया ऑडियो एआई-क्रिएटेड है।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी टीआईए (पूर्व में एमसीए) की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ कई अन्य डिटेक्शन टूल्स के एनालिसिस शेयर किए, जिनमें इस मल्टीमीडिया में इस्तेमाल किए गए ऑडियो के एआई-क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि हुई। हिया की एनालिसिस के मुताबिक, इस मल्टीमीडिया के पूरा ऑडियो ट्रैक के एआई क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि होती है।

Source: Hiya Audio Intelligence

सर्च में हमें जायसवाल की ऑरिजिनल ब्रीफिंग का वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई समेत अन्य एजेंसियों की प्रोफाइल पर मिला, जिसमें उन्हें खाड़ी क्षेत्रों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है।

इस वीडियो में उन्हें विदेश मंत्रालय की तरफ से कंट्रोल लाइन शुरू किए जाने की जानकारी देते हुए भी सुना जा सकता है।

क्या है संदर्भ?

acleddata.com पर मौजूद ईरान संकट इंडेक्स के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी, जो अब भी जारी है।

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पश्चिम एशिया के कई देशों को निशाना बनाया है, जो अमेरिका के सहयोगी हैं। इस इंडेक्स में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, ईरानी पलटवार और अमेरिकी-इजरायल संयुक्त कार्रवाई के ठिकानों को देखा जा सकता है।

इस संकट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और यह करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच चुका है। अगस्त 2022 के बाद कच्चे तेल की कीमतों में पहली बार इस तरह की भारी वृद्धि हुई है।

न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, “ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने पिछले सप्ताह अपने पहले बयान में होर्मुज स्ट्रेट को हथियार की तरह इस्तेमाल करने की बात कही थी।” रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत अपनी खपत का करीब 60 प्रतिशत तरलीकृत प्राकृतिक गैस आयात करता है और इसमें भी लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों से आता है और इस ईंधन का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है।

रणधीर जायसवाल के डीपफेक वीडियो को शेयर करने वाला फेसबुक यूजर एक पाकिस्तानी है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का वायरल हो रहा वीडियो डीपफेक है, जिसमें उन्हें ईरान को ‘धमकी’ देते हुए सुना जा सकता है। पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स की तरफ से इस डीपफेक वीडियो को शेयर करते हुए प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है।

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