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Fact Check: भारत के ईरानी जहाज की लोकेशन को साझा करने का दावा FAKE, इस दावे से वायरल आर्मी चीफ का वीडियो डीपफेक है

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में एक अमेरिकी पनडुब्बी के ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना को डुबोए जाने की घटना के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि उन्होंने इस घटना के बाद कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि भारत ने ही ईरानी युद्धपोत की लोकेशन को इजरायल के साथ साझा किया था, जिसके बाद उसे डुबो दिया गया। वायरल वीडियो में उन्हें कथित तौर पर ऐसा कहते हुए सुना भी जा सकता है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। उपेंद्र द्विवेदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और इस दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो एआई-क्रिएटेड है, जिसे प्रोपेगेंडा की मंशा से शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Far’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को 9 मार्च 2026 को एक्‍स पर शेयर करते हुए लिखा है, “India officially confesses it backstabbed Iran and shared the location of an Iranian ship with Israel. Indian Army Chief explains how he gave the Israelis the exact location of the Iranian Navy ship and how it was targeted disgusting act by Indians.”

(“भारत ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि उसने ईरान को धोखा दिया और एक ईरानी जहाज की लोकेशन इजरायल के साथ शेयर की। भारतीय सेना प्रमुख ने बताया कि कैसे उन्होंने इजरायलियों को ईरानी नौसेना के जहाज की सही लोकेशन दी और कैसे उसे निशाना बनाया गया। भारतीयों की शर्मनाक हरकत!”)

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो क्लिप करीब एक मिनट का है, जिसमें भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “We are closely monitoring the situation in Iran. Israel is our close ally. Iranian naval ship being sunk is indeed unfortunate, but it was done in international waters. As long the Iranian ship remained in Indian waters, they remained protected. But when they crossed the international waters as Israeli strategic allies, it was our duty to inform Israel about their exact location as a part of our newer strategic deal. So you are wrong to assume that Iranian naval ships were destroyed within Indian territory. What Israel does in international waters is their business. We can provide Israel with location or intelligence but we had no part in Israeli and US joint torpedo attack. They did their business. It is Iran’s war and India has nothing to do with it. Our focus remains on Pakistan and Israel will help us in achieving that goal. We remain grateful to Prime Minister Benjamin Netanyahu for helping us seek permission of importing Russian fuel.”

हिंदी में इसे ऐसे पढ़ा जा सकता है, “हम ईरान के हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। इजरायल हमारा करीबी साथी है। ईरानी नौसेना का जहाज डूबना सच में बुरा है, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय समुद्र में हुआ। जब तक ईरानी जहाज भारतीय जल क्षेत्र में था, वे सुरक्षित रहे। लेकिन जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र पार किया, तो इजरायल के स्ट्रेटेजिक साथी के तौर पर यह हमारा फर्ज था कि हम अपनी नई स्ट्रेटेजिक डील के तहत इजरायल को ईरानी जहाज की सही लोकेशन के बारे में बताएं। इसलिए यह मानना गलत है कि ईरानी नौसेना का जहाज भारतीय इलाके में तबाह हुआ। इजरायल अंतरराष्ट्रीय समुद्र में क्या करता है, यह उनका काम है। हम इजरायल को लोकेशन या इंटेलिजेंस दे सकते हैं, लेकिन इजरायल और अमेरिका के ज्वाइंट टॉरपीडो हमले में हमारा कोई हाथ नहीं था। उन्होंने अपना काम किया। यह ईरान की लड़ाई है और भारत का इससे कोई लेना-देना नहीं है। हमारा फोकस पाकिस्तान पर है और इजरायल उस लक्ष्य को पाने में हमारी मदद करेगा। रूसी ईंधन इंपोर्ट करने की इजाजत दिलाने में हमारी मदद करने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का हम आभार व्यक्त करते हैं।”

वीडियो में उपेंद्र द्विवेदी के बयान को सुनकर यह स्पष्ट हो जाता है कि यह भारत के सेना प्रमुख की तरफ से दिया गया स्वाभाविक बयान नहीं है और यह इस वीडियो के डीपफेक होने का संदेह पैदा करता है। इसलिए हमने इस वीडियो को डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक किया।

‘हाइव मॉडरेशन’ की मदद से हमने इस वीडियो क्लिप को चेक किया। हाइव की एनालिसिस इस वीडियो में इस्तेमाल ऑडियो के डीपफेक होने की 100 फीसदी संभावना की पुष्टि करती है।

Source: hivemoderation.com

इसके बाद हमने इस वीडियो क्लिप के ऑरिजिनल सोर्स को ढूंढा और इसके लिए हमने रिवर्स इमेज सर्च की मदद ली। सर्च में हमें उपेंद्र द्विवेदी के ऑरिजिनल स्पीच का वीडियो ‘फर्स्टपोस्ट’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला, जो रायसीना डायलॉग में ऑपरेशन सिंदूर समेत अन्य मुद्दों पर की गई बातचीत से संबंधित है।

यूट्यूब के एआई फीचर ‘Ask’ की मदद से हमने इस वीडियो का ट्रांसक्रिप्शन हासिल किया और इसमें कहीं भी उपेंद्र द्विवेदी ने अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध को लेकर कुछ भी नहीं कहा है। इस बातचीत का ट्रांसक्रिप्शन यहां पढ़ा जा सकता है। (एआई की मदद से निकाले गए इस ट्रांसक्रिप्शन में कुछ गलतियां हो सकती हैं।)

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी टीआईए (पूर्व में एमसीए) की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ कई अन्य डिटेक्शन टूल्स की एनालिसिस शेयर किए, जिनमें इस मल्टीमीडिया में इस्तेमाल किए गए ऑडियो के एआई क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि हुई।

हिया टूल की एनालिसिस इस वीडियो क्लिप में इस्तेमाल ऑडियो के एआई क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि करती है। वहीं हाइव का एआई ऑडियो क्लासिफायर भी 0.10-0.30 के बीच के ऑडियो ट्रैक के एआई से क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि करता है।

Source: Hiya Audio Intelligence

क्या है संदर्भ?

बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, ”अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया कि हिंद महासागर में ईरान का एक युद्धपोत अमेरिका ने टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि, हेगसेथ ने उस ईरानी जहाज का नाम नहीं बताया जिसे डुबोया गया है। इससे पहले श्रीलंकाई नौसेना ने बताया था कि ‘आईआरआईएस डेना’ हिंद महासागर में डूब गया है, जिसमें सवार कुल 180 में से लगभग 140 लोग लापता हैं।”

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, “अमेरिका के रक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए (हमले के) वीडियो के इस स्क्रीनशॉट में दिखाया गया है कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने 4 मार्च 2026 को श्रीलंका के तट से दूर, हिंद महासागर में ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के समर्थन में ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना को डुबो दिया।”

acleddata.com  पर मौजूद ईरान संकट इंडेक्स के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी, जो अब भी जारी है।

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पश्चिम एशिया के अन्य देशों को निशाना बनाया है, जो अमेरिका के सहयोगी हैं। इस इंडेक्स में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, ईरानी पलटवार और अमेरिकी-इजरायल संयुक्त कार्रवाई के ठिकानों को देखा जा सकता है।

वायरल डीपफेक वीडियो को शेयर करने वाला यूजर फरवरी 2011 से एक्स पर सक्रिय है और यह अकाउंट फिलहाल ब्रिटेन से संचालित हो रहा है। इस एक्स अकाउंट से एक विचारधारा विशेष से प्रेरित सामग्री को शेयर किया जाता है। ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का वायरल हो रहा वीडियो डीपफेक है, जिसमें उन्हें कथित तौर पर यह ‘स्वीकार’ करते हुए सुना जा सकता है कि उन्होंने ईरानी जहाज की लोकेशन को इजरायल के साथ साझा किया, जिसे अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के समर्थन में हमला कर डुबो दिया।  वायरल वीडियो में इस्तेमाल किया गया ऑडियो एआई जेनरेटेड है, जिसे एक पुराने वीडियो में एडिट कर जोड़ दिया गया है।

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