नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इजरायल दौरे से वापस आ गए हैं। उनके इजरायल दौरे से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें एक वीडियो में इजरायली संसद नेसेट में पीएम मोदी और स्पीकर के सामने विपक्षी नेताओं को उठकर जाते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि नेसेट में इजरायली विपक्ष ने पीएम मोदी का बॉयकॉट किया है।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल दावा झूठा निकला। दरअसल, वहां के आंतरिक मामले को लेकर विपक्ष ने नेसेट स्पीकर आमिर ओहाना के शुरुआती भाषण के दौरान वॉकआउट किया था। ओहाना और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के संबोधन के बाद और पीएम मोदी के भाषण देने से पहले, विपक्ष सदस्य अपनी सीटों पर वापस आ गए। बाद में विपक्ष के नेता याइर लैपिड ने कहा कि इस विरोध का पीएम मोदी से कोई संबंध नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘tvtenbharat‘ ने 26 फरवरी 2026 को इस वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा है, “इजरायली संसद में मोदी का बायकॉट, नाम आते ही छोड़ा संसद।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने कीवर्ड से गूगल सर्च किया। ‘द जेरूसलम पोस्ट’ में 25 फरवरी 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “नेसेट स्पीकर ओहाना के शुरुआती संबोधन के दौरान विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। ऐसा उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के प्रेसिडेंट यित्जाक अमित को खास सेशन में नहीं बुलाने पर किया। ओहाना और नेतन्याहू के संबोधन के बाद और पीएम मोदी के संबोधन से पहले विपक्ष अपनी सीटों पर लौट आया। पीएम मोदी ने विपक्षी नेता यायर लैपिड का सम्मान से स्वागत किया।”

‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की वेबसाइट पर भी 25 फरवरी 2026 को इस बारे में रिपोर्ट छपी है। इसके मुताबिक, “विपक्षी सांसदों ने नेसेट से वॉकआउट कर दिया। वे पार्लियामेंट स्पीकर ओहाना और पीएम नेतन्याहू के भाषणों को छोड़कर चले गए। वे भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में हुए खास सेशन से हाईकोर्ट प्रेसिडेंट यित्जाक अमित को बाहर रखने का विरोध कर रहे थे। शाम को पीएम मोदी के भाषण में शामिल होने के लिए वे लौटे। इस दौरान विपक्षी नेता लैपिड ने पीएम मोदी का स्वागत किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस विरोध का उनसे कोई संबंध नहीं है। बता दें कि लैपिड ने पिछले हफ्ते धमकी दी थी कि अगर यित्जाक अमित को नहीं बुलाया गया तो वे इवेंट का बॉयकॉट करेंगे।”

यूट्यूब चैनल ‘IsraeliPM’ पर 25 फरवरी 2026 को इस कार्यक्रम का वीडियो अपलोड किया गया है। इसमें 27:50 मिनट के बाद वायरल क्लिप को देखा जा सकता है। इसके1:05 मिनट के बाद विपक्षी नेता को सफाई देते हुए भी देखा जा सकता है।
इस बारे में हमने इजरायल के फैक्ट चेकर यूरिया बार मेर से संपर्क किया। उन्होंने कहा, “इजरायल में सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष की वैधता को लेकर विवाद है। प्रोटोकॉल के विपरीत, नेसेट (संसद) के स्पीकर ने उन्हें आमंत्रित नहीं किया था, तो विपक्ष ने कहा कि वे भाषणों का बहिष्कार करेंगे। अंत में उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने केवल अध्यक्ष और इजरायल के प्रधानमंत्री के भाषणों का बहिष्कार किया, लेकिन वे पीएम मोदी के लिए आए। पीएम मोदी का कोई बहिष्कार नहीं हुआ, केवल इजरायल के प्रधानमंत्री और नेसेट स्पीकर का बहिष्कार हुआ।“
इससे साफ होता है कि इजरायली संसद में पीएम मोदी का बहिष्कार नहीं हुआ था। विपक्ष ने वहां के आंतरिक मामले को लेकर वॉकआउट किया था।
डीडीन्यूज की वेबसाइट पर 27 फरवरी को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “पीएम मोदी दो दिवसीय इजरायल दौरे से वापस लौट चुके हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों पर आपसी सहमति बनी। इनमें रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, तकनीक और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में आपसी सहयोग शामिल है।”
अंत में हमने पोस्ट में शेयर की गई पीएम मोदी, इजरायली पीएम नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा की तस्वीर को गूगल लेंस की मदद से सर्च किया। यह तस्वीर हमें नेतन्याहू के एक्स अकाउंट पर मिली। इसे 25 फरवरी 2026 को पोस्ट किया गया था।
वीडियो गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के 60 हजार से अधिक इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: इजरायली संसद में विपक्ष ने वहां के सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष को खास सेशन में नहीं बुलाने पर नेसेट स्पीकर और इजरायली पीएम के संबोधन का बहिष्कार किया था। वे पीएम मोदी के संबोधन से पहले वापस आ गए थे। विपक्ष के नेता ने बाद में सफाई देते हुए कहा भी था कि इसका पीएम मोदी से कोई संबंध नहीं है।
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