नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में जेफरी एपस्टीन की जांच से जुड़े लगभग तीस लाख पेज के दस्तावेज, हजारों वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं। इन दस्तावेजों में कई मशहूर हस्तियों के नाम सामने आए हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की दो कथित तस्वीरें वायरल हुई हैं। इनमें पीएम मोदी और राहुल गांधी को एक महिला और जेफरी एपस्टीन के साथ दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि ये तस्वीरें एपस्टीन फाइल्स की हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि इस तस्वीर को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल तस्वीर को एआई की मदद से बनाकर अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘nehasinghrathoresupporter’ ने 9 फरवरी 2026 को वायरल तस्वीर को शेयर किया। फोटो पर लिखा हुआ है, “इसी डर से अमेरिका के खिलाफ कोई बात नहीं करते मोदीजी ! आखिर कार ये सचाई सब जान चुके है!”
यहां हमने पोस्ट के कंटेंट को ज्यों का त्यों लिखा है। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

एक्स यूजर ‘MR.Anil’ ने 11 फरवरी 2026 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, एपस्टीन फाइल्स।
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड से गूगल सर्च किया, लेकिन हमें दोनों तस्वीरों से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। अगर पीएम मोदी और राहुल गांधी की ऐसी कोई तस्वीर सामने आई होती, तो उससे जुड़ी कोई न कोई न्यूज रिपोर्ट भी जरूर मौजूद होती। फिर हमने गूगल लेंस के जरिए भी फोटो को सर्च किया। हमें मिलती-जुलती तस्वीर ‘MR.Anil’ नाम के एक एक्स अकाउंट पर 11 फरवरी 2026 को शेयर की हुई मिली, लेकिन इस तस्वीर में पीएम मोदी की जगह नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद हैं। हमें गूगल पर सर्च करने पर इस फोटो के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिली।
हमें पीएम मोदी की वायरल तस्वीर ‘Siddharth Yadav’ नाम के फेसबुक अकाउंट पर शेयर किए गए एक वीडियो में भी मिली। इस वीडियो को 8 फरवरी 2026 को शेयर किया गया था। वीडियो में तस्वीर काफी क्लीयर नजर आ रही है।
जांच के दौरान हमें ‘Chandan Singh Yadav’ नाम के एक एक्स यूजर के अकाउंट पर भी वायरल तस्वीर मिली। तस्वीर में चेहरे और कपड़े काफी क्लीयर है, जबकि फोटो काफी पुरानी और उस पर मुड़े होने के भी निशान मौजूद हैं। फोटो में दो बैकग्राउंड नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी की तरफ वाला बैकग्राउंड लाइब्रेरी जैसा है, तो वहीं जेफरी एपस्टीन की तरफ का बैकग्राउंड पार्क जैसा नजर आ रहा है। ऐसे में हमें फोटो के एआई की मदद से बने होने का संदेह हुआ।
पीएम मोदी की तस्वीर की पड़ताल
हमने इसे एआई डिटेक्शन टूल ‘hugging face’ से चेक किया। टूल ने तस्वीर के 100 फीसदी से एआई से बने होने की संभावना जताई।

हमने एक अन्य टूल ‘decopy’ का भी इस्तेमाल किया। इस टूल ने भी तस्वीर के एआई से बने होने की संभावना जताई।

राहुल गांधी की फोटो की जांच
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एक अन्य एआई डिटेक्शन टूल ‘undetectable’ की मदद से राहुल गांधी की तस्वीर को भी जांचा। इस टूल ने फोटो को एआई से बना हुआ बताया।

हमने गूगल डीपमाइंड के Synth ID टूल का भी इस्तेमाल किया। यहां वायरल तस्वीर को सर्च करने पर नतीजों से पता चला कि यह तस्वीर एआई की मदद से बनाई गई है। नतीजे को नीचे देखा जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए हमने वायरल पोस्ट को एआई टेक्नोलॉजी में काम कर रहे एक्सपर्ट अजहर माचवे के साथ शेयर किया। उन्होंने हमें बताया कि इस तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
क्या हैं एपस्टीन फाइल्स?
अमेरिकी न्याय विभाग ने यौन अपराधों के दोषी जेफरी एपस्टीन से संबंधित लाखों पन्नों के दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन फाइल्स में टेक्स्ट, वीडियो और फोटो शामिल हैं, जिनमें कई प्रभावशाली हस्तियों का जिक्र शामिल है।
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, “एपस्टीन की मौत 2019 में हो चुकी है, लेकिन मृत्यु के 6 साल बाद भी एपस्टीन की फ़ाइलें विश्व की कई सरकारों, नेताओं, बिजनेसमैन और नामी-गिरामी हस्तियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।’’
रिपोर्ट में आगे बताया गया है, “एपस्टीन फ़ाइल्स से जुड़े 30 लाख नए दस्तावेज जारी किए गए हैं। कुछ सामग्री पहले ही सार्वजनिक हो चुकी है, जिनमें तस्वीरें भी शामिल हैं। इससे पहले कमिटी से एपस्टीन की संपत्ति के हजारों दस्तावेज़ आए, जिनमें ज्यादातर ईमेल थे।”
अंत में हमने फोटो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले इंस्टाग्राम यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को एक लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पीएम मोदी और राहुल गांधी की वायरल तस्वीर को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में पीएम मोदी और राहुल गांधी की वायरल तस्वीरों को एआई की मदद से बनाकर अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
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