नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए समता विनियमन (इक्विटी रेगुलेशन) को लेकर देश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को इन नए नियमों पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी।
इन सबके बीच एक वीडियो को वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में भी वकीलों ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया है। वीडियो में कई वकीलों को नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की, जिसमें यह वीडियो पुराना साबित हुआ। अगस्त 2025 को वकीलों ने यह विरोध प्रदर्शन किया था,जबकि यूजीसी विवाद इस साल जनवरी में सामने आया है। हमारी जांच में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर प्रतिभा चौहान ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “दिल्ली कोर्ट LIVE वकीलों ने भी UGC के खिलाफ बगावत कर दी है।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो के कई कीफ्रेम्स निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। हमें सबसे पुराना वीडियो 27 अगस्त 2025 को अपलोड किया हुआ मिला। इसे ‘लॉ वाला लड़का’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर अपलोड करते हुए वकीलों के हड़ताल का बताया गया है, जबकि यूजीसी का पूरा विवाद जनवरी 2026 को सामने आया है। इससे यह तो साफ हो गया कि वायरल वीडियो पुराना है।
विश्वास न्यूज ने वीडियो को ध्यान से देखा। इसमें वकीलों को यह बोलते हुए सुना जा सकता है, “एलजी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी।” इतना ही नहीं, वीडियो में हमें एक तख्ती भी नजर आई, जिस पर “पुलिस स्टेशन विटनेस बॉक्स नहीं है” लिखा हुआ है।

सर्च के दौरान हमें इंडिया 24 खबर नाम के एक यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो से मिलता-जुलता एक वीडियो मिला। 26 अगस्त 2025 को अपलोड हुए इस वीडियो में बताया गया कि दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट के बाहर हजारों वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस रिपोर्ट में बताया गया कि दिल्ली के एलजी ने एक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसके तहत पुलिसकर्मी थाने में बैठकर ही वीडियो के माध्यम से अपनी गवाही दे सकते हैं। इसी नोटिफिकेशन के खिलाफ वकील सड़क पर उतरे थे।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, दिल्ली के वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर राकेश सिंह से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट का पुराना वीडियो है। उस वक्त एलजी के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था।
विश्वास न्यूज ने जांच के अगले चरण में कड़कड़डूमा कोर्ट के शाहदरा बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास से संपर्क किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वायरल वीडियो एलजी की अधिसूचना के संबंध में हुए विरोध प्रदर्शन का है। इसका यूजीसी के हालिया विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। यह पुराना वीडियो है।
पड़ताल के दौरान गूगल सर्च करने पर हमें ऐसी कई खबरें मिलीं, जिनमें बताया गया कि देश के अलग-अलग इलाकों में वकीलों ने यूजीसी के नए नियमों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

पड़ताल के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाली यूजर की जांच की गई। पता चला कि यूजर दिल्ली में रहती हैं। इन्हें फेसबुक पर 66 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
क्या है पूरा विवाद
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए समता विनियमन (इक्विटी रेगुलेशन) को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। नए नियम में अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ साथ ओबीसी को भी जोड़ा गया है और दुरुपयोग होने पर कार्रवाई जैसा प्रविधान हटा दिया गया है। जिसके कारण इसका सबसे ज्यादा विरोध हो रहा है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों के प्रदर्शन का वीडियो पुराना साबित हुआ। यह प्रदर्शन 2025 का है, जब एलजी ने एक अधिसूचना जारी की थी। उसी के खिलाफ कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों ने प्रदर्शन किया था। उसी वक्त के वीडियो को अब यूजीसी से जोड़ते हुए वायरल किया जा रहा है।
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