नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने 15 जनवरी से देश की सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए नए नियम जारी किए हैं। इसको लेकर विवाद गरमा गया है। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि उन्होंने यूजीसी के नए नियम के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से इस्तीफा देने का एलान किया है।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल दावा फेक निकला। भजनलाल ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर official_sonurana_21 ने 22 जनवरी 2026 को भजनलाल की तस्वीर पोस्ट (आर्काइव लिंक) की है। उस पर लिखा है, “भजनलाल शर्मा ने ugc के नियमों के विरोध में बीजेपी से इस्तीफ़ा देने का ऐलान कर दिया है”।

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने गूगल पर कीवर्ड से इस बारे में सर्च किया, लेकिन ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। अगर भजनलाल ऐसा कोई एलान करते, तो मीडिया में खबर जरूर आती।
हमने गूगल पर कीवर्ड से यह भी सर्च किया कि क्या उन्होंने यूजीसी के नए नियम को लेकर कोई बयान दिया है। सर्च में हमें ऐसी कोई भी मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।
भजनलाल के एक्स और फेसबुक अकाउंट को हमने स्कैन किया, लेकिन 15 जनवरी 2026 से आज तक ऐसी कोई पोस्ट नहीं मिली।
इस बारे में हमने भजनलाल शर्मा के ओएसडी आनंद शर्मा से बात की। उन्होंने कहा कि यह फर्जी है और वह इस तरह की पोस्ट शेयर करने वालों पर केस दर्ज कराएंगे।
क्या है यूजीसी का नया नियम?
दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर अपलोड 15 जनवरी 2026 को यूजीसी की अधिसूचना के अनुसार, ‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थाना में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026’ को लागू किया जाता है। इसे धर्म, जाति, दिव्यांगता और लिंग आधारित भेदभाव को खत्म करने के लिए लागू किया गया है। इनमें अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और महिलाएं शामिल हैं।
इसके तहत प्रत्येक संस्थान ‘समान अवसर केंद्र’ बनाएगा, जिसमें एक ‘समता समिति’ होगी। यह समिति भेदभाव संबंधी शिकायतों की जांच करेगी। समिति में एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य होगा। वहीं, ‘समान अवसर केंद्र’ का काम सभी वर्गों को समान अवसर देना होगा।

क्या है विवाद?
नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर 24 जनवरी को छपी रिपोर्ट के मुताबिक, गाजियाबाद डासना पीठ के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरि ने इस नियम का विरोध किया। उन्हें पुलिस ने जंतर-मंतर पर विरोध में अनशन पर जाते समय गाजियाबाद में रोका। जयपुर में करणी सेना, ब्राह्मण महासभा, कायस्थ महासभा और वैश्य संगठनों ने इसके विरोध में ‘सवर्ण समाज समन्वय समिति (S-4)’ का गठन किया है। उनका मानना है कि इस कानून का दुरुपयोग हो सकता है।

अंत में हमने फेक पोस्ट करने वाले इंस्टा यूजर की प्रोफाइल को स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के 981 फॉलोअर्स हैं।
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