नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ई-चालान से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि 1 जनवरी 2026 से गाड़ियों की फोटो खींचकर जारी किए जाने वाले चालान कोर्ट में मान्य नहीं होंगे।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो वायरल पोस्ट फेक निकली। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई फैसला नहीं सुनाया है।
क्या है वायरल पोस्ट?
विश्वास न्यूज के टिपलाइन नंबर +91 9599299372 पर यूजर ने इस पोस्ट को भेजकर इसका फैक्ट चेक करने का अनुरोध किया। पोस्ट में लिखा है, “सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश! 1 जनवरी 2026 से गाड़ियों के आगे-पीछे की फोटो खींचकर बनाए गए चालान कोर्ट में मान्य नहीं होंगे। ड्राइवर के हस्ताक्षर होना अनिवार्य!!“

फेसबुक यूजर ‘Suresh Kumar Sharma’ ने 2 फरवरी 2026 को वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर किया है।

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड्स से इस बारे में गूगल पर सर्च किया, लेकिन ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली, जिससे वायरल दावे की पुष्टि हो सके। अगर सुप्रीम कोर्ट ऐसा कोई आदेश देता, तो मीडिया में रिपोर्ट जरूर होती।
गुड न्यूज टुडे की वेबसाइट पर 24 जनवरी 2026 को छपी खबर के मुताबिक, ”मंत्रालय के अनुसार, देश में करीब 38 फीसदी ई-चालान का भुगतान होता है। बाकी लंबित रह जाते हैं। इसको देखते हुए अब नए नियमों के मुताबिक, अब चालान मिलने के बाद या तो जुर्माना भरना होगा या फिर उसे 45 दिन में चैलेंज करना होगा। अगर 45 दिन में चैलेंज नहीं किया, तो अगले 30 दिन में जुर्माना भरना होगा।”

इस बारे में हमने सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अश्वनी दुबे और रुद्र विक्रम सिंह से संपर्क किया। अश्वनी दुबे ने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी फैसले की कोई जानकारी नहीं है।
रुद्र विक्रम सिंह ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार इस तरह का कोई आदेश पास नहीं हुआ है।
वहीं, हमने इस बारे में सुप्रीम कोर्ट कवर करने वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रभाकर मिश्रा से भी बात की। उन्होंने भी कहा कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई खबर नहीं है।
गलत पोस्ट करने वाले यूजर के फेसबुक पर करीब पांच हजार फॉलोअर्स हैं।
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